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‘चारों तरफ अंधकार है, सिर्फ दीये जलाने से क्या होगा?’...संजय राउत के बयान से गरमाई सियासत
Sanjay Raut on Voter Deletion: संजय राउत ने वोट कटने के मुद्दे पर बीजेपी और केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने योगी आदित्यनाथ के 1.27 करोड़ हिंदू वोट कटने के दावे पर सवाल उठाने के साथ अयोध्या में 30 लाख दीये जलाने और अमित शाह-राहुल गांधी की चुनौती पर भी टिप्पणी की।
Sanjay Raut, Voter Deletion
Sanjay Raut on Voter Deletion: देश में वोट कटने (Voter Deletion) का मुद्दा गरमाया हुआ है और अब इस पर सियासत भी तेज हो गई है। मामला मतदाता सूची (Voter List) से नाम हटने का है, लेकिन नेताओं के बयानों में हिंदू-मुसलमान की एंट्री भी हो चुकी है। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने इसी मुद्दे पर बीजेपी और केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर सवाल उठाया, जिसमें हिंदुओं के 1 करोड़ 27 लाख वोट काटे जाने की बात कही गई थी। राउत ने पूछा कि आखिर यह आंकड़ा आया कहां से? उन्होंने आरोप लगाया कि वोट कटने के मुद्दे को भी धार्मिक रंग दिया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या के दीपोत्सव में 30 लाख दीये जलाए जाने और अमित शाह की ओर से राहुल गांधी की चुनौती स्वीकार किए जाने पर भी निशाना साधा।
'1 करोड़ 27 लाख हिंदू वोट कटे, आंकड़ा कहां से आया?'
संजय राउत ने कहा कि देश में लोगों के वोट जाति और धर्म देखे बिना काटे जा रहे हैं, लेकिन बीजेपी इस मुद्दे को हिंदू-मुसलमान के नजरिए से पेश कर रही है। उन्होंने योगी आदित्यनाथ के हिंदू वोट कटने संबंधी बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि 1 करोड़ 27 लाख हिंदू वोट काटे जाने का आंकड़ा कहां से आया है?
राउत ने कहा कि अब हिंदुओं के वोटों का अलग सेक्शन बना दिया गया है, जबकि उनका मुद्दा यह है कि मतदाता सूची से किसी भी नागरिक का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि वोट देने का अधिकार किसी धर्म या जाति से तय नहीं होता, बल्कि यह देश के प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।
शिवसेना (UBT) सांसद ने कहा, "जिन्हें वोट देने का अधिकार है, वे किसी जाति या धर्म के नहीं होते। मैं देश का नागरिक हूं, मुझे वोट देने का अधिकार है और मेरे इस अधिकार की किसी ने चोरी की है, हमारा मुद्दा यह है। हमारा मुद्दा न हिंदू है, न मुसलमान।"
उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में भी वोट कटने के मुद्दे पर इसी तरह की राजनीति की गई। राउत के मुताबिक, मताधिकार (Right to Vote) जैसे नागरिक अधिकार को धर्म के चश्मे से देखना सही नहीं है।
यूपी से महाराष्ट्र तक वोट चोरी का आरोप
संजय राउत ने केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र में भी वोट चोरी (Vote Theft) का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों में इसी तरह की राजनीति की गई है। राउत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी हिंदू-मुसलमान के मुद्दे में उलझी हुई है और उसे देश के वास्तविक मुद्दों की चिंता नहीं है।
उनका आरोप है कि चुनाव और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर चर्चा करने के बजाय धार्मिक पहचान को केंद्र में लाया जा रहा है। हालांकि, ये आरोप संजय राउत ने लगाए हैं।
अमित शाह ने राहुल गांधी की चुनौती स्वीकार की तो राउत ने क्यों उठाया पुराना मामला?
अमित शाह और राहुल गांधी के बीच चुनौती को लेकर भी संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने खुले मंच पर राहुल गांधी की चुनौती स्वीकार की है, लेकिन करीब एक साल पहले जब राहुल गांधी ने उन्हें चुनौती दी थी, तब उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया था।
राउत ने कहा कि अमित शाह ने अब खुले मंच पर चुनौती स्वीकार की है। उन्होंने राहुल गांधी के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें कांग्रेस नेता ने सरकार पर विदेशी फंडिंग, विदेशी ताकतों और दबाव के सहारे टिके होने का आरोप लगाया था। राउत के मुताबिक, राहुल गांधी ने इन आरोपों को साबित करने और नए प्रधानमंत्री को लेकर भी दावा किया है।
अयोध्या में 30 लाख दीये जलाने पर भी संजय राउत का तंज
अयोध्या में दीपोत्सव (Deepotsav) के दौरान 30 लाख दीये जलाए जाने पर भी संजय राउत ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन पहले भी होता रहा है, लेकिन इस बार चुनाव को देखते हुए ज्यादा दीये जलाए जा रहे हैं। राउत ने आरोप लगाया कि इस आयोजन पर सरकारी धन खर्च किया जा रहा है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अयोध्या में हर साल दीप जलाए जाते हैं, ऐसे में इस बार कुछ लाख दीये ज्यादा जलाने से नया क्या हो गया? उनके मुताबिक, चुनावी माहौल में अतिरिक्त दीये जलाए जा रहे हैं और इसका खर्च सरकारी खजाने से किया जा रहा है।
दीये जलाने से क्या होगा
संजय राउत ने भगवान राम के वनवास से अयोध्या लौटने के प्रसंग का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय लोगों ने अपने राजा के स्वागत में दीप जलाए थे। उनका कहना था कि तब दीप जलाने का उद्देश्य अंधकार को दूर करना था, लेकिन आज देश में धर्म की राजनीति और लोकतंत्र की हत्या का अंधकार बढ़ रहा है।
राउत ने कहा कि मौजूदा हालात में केवल दीये जलाने से क्या होगा, जब उनके मुताबिक देश में चारों तरफ अंधकार है। उन्होंने धर्म की राजनीति और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। इस तरह संजय राउत ने एक ही बयान में वोट कटने के आरोपों से लेकर अयोध्या के दीपोत्सव तक कई राजनीतिक मुद्दों पर बीजेपी को घेरा।


