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UBT Sanjay Raut: 'कुत्ते तो होते हैं, पर वफादार नहीं!' 6 सांसदों की बगावत पर संजय राउत हुए आगबबूला, दी चेतावनी
Sanjay Raut slams UBT Rebel MPs: शिवसेना (UBT) के 6 लोकसभा सांसदों की बगावत की खबरों के बीच संजय राउत के विवादित ट्वीट ने मर्यादा तोड़ दी है। उन्होंने बागियों को 'वफादार नहीं होने' का ताना दिया है।
Sanjay Raut slams UBT Rebel MPs: महाराष्ट्र की सियासत में शिवसेना के दोनों धड़ों के बीच की जंग अब मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ चुकी है. उद्धव ठाकरे गुट (शिवसेना यूबीटी) के 6 लोकसभा सांसदों के पाला बदलकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खेमे में जाने की खबरों ने राज्य के राजनीतिक तापमान को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है. इस महा-संकट के बीच उद्धव के सबसे भरोसेमंद सिपहसालार और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा विवादित और बेहद तीखा पोस्ट साझा किया है, जिसने पूरी मुंबई से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में आग लगा दी है. राउत ने एक कड़ा संदेश पोस्ट किया जिस पर साफ शब्दों में लिखा था, “कुछ लोग कुत्ते तो होते हैं, लेकिन वफादार नहीं होते.” इस तीखे वार के साथ उन्होंने कैप्शन में सिर्फ “जय महाराष्ट्र!” लिखा, जिससे उनका इशारा साफ तौर पर बागी सांसदों की तरफ माना जा रहा है.
जयपुर में छिपे बागी सांसद
उद्धव ठाकरे की शिवसेना को साल 2022 के ऐतिहासिक विभाजन के बाद अब तक के सबसे बड़े दूसरे बिखराव का सामना करना पड़ रहा है. इस सियासी ड्रामे की शुरुआत गुरुवार को देश की राजधानी नई दिल्ली में हुई. संसद भवन परिसर में उद्धव ठाकरे ने अपने संसदीय दल की एक बेहद महत्वपूर्ण आपात बैठक बुलाई थी. पार्टी के पास कुल 9 लोकसभा सांसद हैं, लेकिन इस बैठक में केवल 3 सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही कुर्सी पर नजर आए, जबकि बाकी के 6 सांसद गायब रहे. बैठक से नदारद रहने वाले सांसदों में नागेश पाटिल-आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजे निंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल हैं. इस बड़ी गैर-हाजिरी पर भड़कते हुए संजय राउत ने कहा कि खुद को शिवसैनिक कहने वाले ये लोग असल में डरपोक और कायर हैं, जो अब जयपुर के होटलों में जाकर छिप गए हैं.
गद्दारों को अयोग्य ठहराने की तैयारी
संजय राउत ने बागी रुख अपनाने वाले इन सभी माननीयों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि पार्टी ने इन सबके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का मन बना लिया है. उन्होंने बताया कि सभी 6 अनुपस्थित सांसदों को कारण बताओ नोटिस भेज दिया गया है. राउत ने कहा कि हम इन सभी की संसद सदस्यता को रद्द कराने के लिए कानून की हर चौखट पर जाएंगे. उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष पर भरोसा जताते हुए कहा कि अगर वे संविधान, लोकतांत्रिक नियमों और सुप्रीम कोर्ट के पुराने निर्देशों के मुताबिक निष्पक्ष काम करते हैं, तो इन सभी कायरों की सदस्यता जाना पूरी तरह तय है.
क्या है यह 'ऑपरेशन टाइगर'
महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में उद्धव गुट को पूरी तरह साफ करने के इस सीक्रेट मिशन को 'ऑपरेशन टाइगर' का नाम दिया गया है. इस चर्चा को तब और मजबूती मिली जब शिंदे गुट के बड़े नेता चंद्रकांत रघुवंशी ने खुलेआम दावा कर दिया कि उद्धव के ये 6 सांसद पहले ही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की कार्यशैली पर अपना भरोसा जता चुके हैं और बहुत जल्द औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी. हालांकि, इस भीषण संकट के बावजूद संजय राउत ने हार मानने से साफ इनकार किया है. उन्होंने कहा कि शिवसेना ने अपने संघर्षपूर्ण 60 साल पूरे कर लिए हैं और यह बालासाहेब ठाकरे का जन्मशताब्दी वर्ष भी है. हम इस राजनीतिक बुराई को खत्म करने तक अपनी लड़ाई आखिरी सांस तक लड़ेंगे.


