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सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD का बड़ा अभियान, 1100 PG की जांच, 24 पर बुलडोजर और 7 हुए सील
Satya Niketan Building Collapse: सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने 2 दिनों में करीब 1100 PG का सर्वे किया। 24 संपत्तियों पर डिमोलिशन, 7 सील और 27 संपत्तियों के डिमोलिशन ऑर्डर जारी किए गए।
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Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को हुए बिल्डिंग हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। हादसे के बाद राजधानी में PG और दूसरी इमारतों की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच MCD ने पिछले दो दिनों में करीब 1100 PG का सर्वे किया है। इन PG में करीब 20,250 छात्र रहते हैं। सर्वे के दौरान जहां अवैध निर्माण (Illegal Construction) और नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए, वहां निगम ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
1100 PG का सर्वे, 20 हजार से ज्यादा छात्र
MCD की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दो दिनों में करीब 1100 PG की जांच की गई है। इन PG में रहने वाले छात्रों की संख्या करीब 20,250 है। जांच के दौरान निर्माण और संचालन से जुड़े नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसे देखा गया। नियमों का उल्लंघन मिलने पर कई संपत्तियों के खिलाफ डिमोलिशन (Demolition) और सीलिंग (Sealing) की कार्रवाई की गई है।
निगम के मुताबिक, पिछले दो दिनों में 24 संपत्तियों पर डिमोलिशन की कार्रवाई की गई है। वहीं 7 संपत्तियों को सील किया गया है। इसके अलावा अलग-अलग मामलों में 35 शो-कॉज नोटिस (Show Cause Notice) भी जारी किए गए हैं।
27 संपत्तियों को गिराने का आदेश
MCD की कार्रवाई सिर्फ मौके पर तोड़फोड़ और सीलिंग तक सीमित नहीं है। निगम ने दो दिनों में 6 सीलिंग शो-कॉज नोटिस भी जारी किए हैं। इसके साथ ही 27 संपत्तियों के डिमोलिशन ऑर्डर (Demolition Order) जारी किए गए हैं।
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD की यह कार्रवाई इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि हादसे ने राजधानी में इमारतों और PG की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगम की ओर से लगातार संपत्तियों की जांच की जा रही है और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की जा रही है।
हादसे वाली बिल्डिंग के बगल की इमारत भी गिराई जा रही
इस बीच सत्य निकेतन में 6 सितंबर को जिस इमारत के गिरने से हादसा हुआ था, उससे सटी बिल्डिंग को गिराने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। हादसे के बाद इस इमारत की मजबूती को लेकर चिंता जताई गई थी।
इससे पहले MCD कमिश्नर संजीव खिरवार ने कहा था कि हादसे वाली इमारत से सटी बिल्डिंग कमजोर हो गई है। ऐसे में इसे सावधानी और चरणबद्ध तरीके से गिराया जाएगा। उन्होंने कहा था कि अगले एक-दो दिनों में इस इमारत को गिराने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। अब इस दिशा में काम शुरू हो गया है।
PG और इमारतों की सुरक्षा पर MCD की नजर
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD अब राजधानी में PG और दूसरी इमारतों की जांच कर रहा है। निगम का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि संबंधित संपत्तियों में निर्माण (Construction) और संचालन के दौरान निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
हादसे के बाद जिस तरह से बड़ी संख्या में PG का सर्वे शुरू किया गया है, उससे साफ है कि निगम अब अनधिकृत निर्माण (Unauthorized Construction) और नियमों की अनदेखी को लेकर सख्ती बरत रहा है।
तीन महीनों में सैकड़ों संपत्तियों पर कार्रवाई
दिल्ली में अवैध निर्माण के खिलाफ MCD की कार्रवाई सिर्फ सत्य निकेतन हादसे के बाद शुरू नहीं हुई है। नगर निगम ने पिछले तीन महीनों में भी बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। MCD की ओर से जारी एक्शन टेकन रिपोर्ट (Action Taken Report) के मुताबिक, 1 जून से 31 अगस्त के बीच अवैध निर्माण के खिलाफ 959 संपत्तियों पर डिमोलिशन की कार्रवाई की गई।
वहीं, 1 जून से 8 सितंबर के बीच 471 संपत्तियों को सील किया गया है। MCD की रिपोर्ट के मुताबिक, अनधिकृत निर्माण के मामलों में 1 जून से 8 सितंबर के बीच 1551 UC यानी अनधिकृत निर्माण (Unauthorized Construction) से जुड़े शो-कॉज नोटिस जारी किए गए।
इसी अवधि में निगम ने 753 डिमोलिशन ऑर्डर भी जारी किए हैं। यानी राजधानी में अवैध और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ पिछले तीन महीनों से लगातार कार्रवाई चल रही है और अब सत्य निकेतन हादसे के बाद PG और दूसरी इमारतों की जांच भी इसी अभियान का हिस्सा बन गई है।
8 सितंबर को भी चला बुलडोजर
MCD की रिपोर्ट के मुताबिक, 8 सितंबर को भी अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई जारी रही। एक ही दिन में 17 संपत्तियों पर डिमोलिशन की कार्रवाई की गई, जबकि 5 संपत्तियों को सील किया गया।
इसके अलावा 8 सितंबर को अनधिकृत निर्माण से जुड़े 9 शो-कॉज नोटिस और सीलिंग से संबंधित 2 शो-कॉज नोटिस भी जारी किए गए। इससे पता चलता है कि निगम की कार्रवाई सिर्फ जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि नियमों का उल्लंघन मिलने पर संपत्तियों के खिलाफ मौके पर कार्रवाई भी की जा रही है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD का यह अभियान राजधानी में PG और इमारतों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता के बीच तेज हुआ है। पिछले दो दिनों में करीब 1100 PG का सर्वे, 24 संपत्तियों पर डिमोलिशन, 7 संपत्तियों की सीलिंग और 27 संपत्तियों के डिमोलिशन ऑर्डर इस कार्रवाई की तस्वीर सामने रखते हैं। वहीं पिछले तीन महीनों के आंकड़े बताते हैं कि अनधिकृत निर्माण के खिलाफ निगम पहले से ही बड़े स्तर पर अभियान चला रहा है।


