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नाम कुछ, पहचान कुछ और?...सौरभ दास को लेकर हाईकोर्ट में पहुंची याचिका
Saurabh Das: सौरभ दास की नागरिकता और पहचान को लेकर मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक करने और जांच की मांग की गई है।
Saurabh Das Citizenship
Saurabh Das: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरभ दास की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनकी नागरिकता (Citizenship) और पहचान (Identity) की जांच कराने की मांग अब मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) पहुंच गई है। उनके खिलाफ एक जनहित याचिका (Public Interest Litigation) दायर की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि उन्होंने न्यायपालिका (Judiciary) और सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के जजों को लेकर कथित अपमानजनक टिप्पणियां की हैं। याचिका में उनके X और इंस्टाग्राम अकाउंट ब्लॉक करने की मांग भी की गई है। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने मामले से जुड़े पक्षों को नोटिस (Notice) जारी कर जवाब मांगा। मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी।
नागरिकता और पारिवारिक पृष्ठभूमि की जांच की मांग
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, यह याचिका गणेश कुमार ने दाखिल की है। इसमें सौरभ दास की पहचान 'योगेश शर्मा उर्फ सौरभ दास' के तौर पर बताई गई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि सौरभ दास ने न्यायपालिका और सुप्रीम कोर्ट के जजों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए हैं।
याचिका में केंद्रीय गृह मंत्रालय (Union Home Ministry) और संबंधित अधिकारियों से उनकी नागरिकता और पारिवारिक पृष्ठभूमि (Family Background) की जांच कराने की मांग की गई है। इसमें उनके माता-पिता से जुड़ी जानकारी की भी जांच करने का अनुरोध किया गया है।
याचिकाकर्ता ने अदालत से कहा है कि अगर जांच में सौरभ दास विदेशी नागरिक (Foreign National) पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों को उनका पासपोर्ट (Passport) और आधार कार्ड (Aadhaar Card) रद्द करने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया जाए।
X और इंस्टाग्राम अकाउंट बंद करने की मांग
याचिका में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology) के सचिव को भी निर्देश देने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता चाहता है कि सौरभ दास के नाम से चल रहे X और इंस्टाग्राम (Instagram) अकाउंट ब्लॉक किए जाएं। इसके पीछे न्यायपालिका और सुप्रीम कोर्ट के जजों के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणियों का हवाला दिया गया है।
याचिका के अनुसार, इस मामले में 7 अक्टूबर 2026 को केंद्र सरकार के अधिकारियों को एक प्रतिवेदन (Representation) दिया गया था। याचिकाकर्ता का दावा है कि शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए अदालत से अधिकारियों को तय समयसीमा में शिकायत पर कदम उठाने का निर्देश देने की मांग की गई है।
सुनवाई में कोर्ट ने दस्तावेजों पर मांगा स्पष्टीकरण
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एसए धर्माधिकारी और जस्टिस जी अरुल मुरुगन की खंडपीठ (Division Bench) ने की। याचिकाकर्ता के वकील बी जगन्नाथ ने अदालत में याचिका के साथ लगाए गए कुछ दस्तावेज पेश किए। ये दस्तावेज कथित तौर पर सौरभ दास की पहचान और पते से जुड़े थे।
पीठ ने दस्तावेजों को देखा और उनमें दर्ज कुछ जानकारियों पर स्पष्टीकरण मांगा। सुनवाई के दौरान वकील ने सौरभ दास की कथित टिप्पणियों का भी जिक्र किया। इस पर अदालत ने पूछा कि क्या इन बयानों को लेकर संबंधित अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई गई थी।
वकील ने बताया कि इस संबंध में केंद्र सरकार के अधिकारियों को प्रतिवेदन दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अदालत ने सौरभ दास समेत कई पक्षों को नोटिस जारी किया। इनमें चेन्नई के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, UIDAI के अध्यक्ष, केंद्रीय गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय के विदेश सचिव, विधि एवं न्याय मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव शामिल हैं। इसके अलावा X और इंस्टाग्राम के शिकायत अधिकारियों को भी नोटिस भेजा गया है। अब इस मामले में छह सप्ताह बाद अगली सुनवाई होगी।


