सावन के दूसरे सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, काशी विश्वनाथ में लंबी कतारें

Sawan Somvar 2026: सावन के दूसरे सोमवार पर काशी, जयपुर, दौसा, और धौलपुर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हर-हर महादेव के जयकारों के बीच भक्तों ने जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया।

Alakha Singh
Published on: 10 Aug 2026 7:41 AM IST (Updated on: 10 Aug 2026 8:15 AM IST)
सावन के दूसरे सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, काशी विश्वनाथ में लंबी कतारें
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Sawan Somvar 2026: सावन के दूसरे सोमवार के पावन अवसर पर राजस्थान से लेकर काशी तक शिवालयों में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे। काशी, जयपुर, दौसा, धौलपुर और कोटा समेत उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई शहरों में प्रमुख शिव मंदिरों के बाहर भक्तों की लंबी कतारें नजर आईं। इस दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजते रहे।

सुबह से मंदिरों में लगी श्रद्धालुओं की कतार

सावन सोमवार को भगवान शिव की पूजा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालु सुबह से ही पूजा की थाली, फूल, बेलपत्र, दूध, जल और अन्य पूजन सामग्री लेकर शिवालयों में पहुंचते रहे। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और विश्वकल्याण की कामना की।



मंदिरों में वैदिक मंत्रोच्चार, शंख और घंटियों की ध्वनि के साथ 'ओम नमः शिवाय', 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारे लगातार सुनाई देते रहे।

काशी विश्वनाथ धाम में पुष्पवर्षा से स्वागत



सावन के दूसरे सोमवार पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में भी आस्था का भव्य दृश्य देखने को मिला। भगवान श्री विश्वेश्वर के दर्शन के लिए पहुंचे कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।

काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं के पहुंचने से पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से भर गया। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में 'हर-हर महादेव' और 'बाबा विश्वनाथ की जय' के जयकारे गूंजते रहे।



कहीं रुद्राभिषेक तो कहीं महामृत्युंजय जाप

सावन की दूसरी सोमवारी पर केवल मंदिरों में ही नहीं, बल्कि घरों में भी विशेष पूजा-अर्चना की गई। कई श्रद्धालुओं ने विद्वान पंडितों के माध्यम से रुद्राभिषेक कराया, जबकि कई स्थानों पर महामृत्युंजय मंत्र का जाप कराया गया।



धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और इस दौरान सोमवार को शिव आराधना, जलाभिषेक और महामृत्युंजय जाप का विशेष महत्व बताया गया है।




देवघर में बाबा बैद्यनाथ धाम पर श्रद्धालुओं का रेला

देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम पर काँवरियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। देर रात से ही लोग यहाँ जल चढ़ाने के लिए कतारों में लगे हुए हैं:



जयपुर के शिवालयों में उमड़ी भारी भीड़

राजस्थान की राजधानी जयपुर, जिसे छोटी काशी के नाम से भी जाना जाता है, के प्रमुख शिव मंदिरों में दूसरे सावन सोमवार पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। ताड़केश्वर महादेव और झारखंड महादेव मंदिर समेत कई शिवालयों में सुबह से ही भक्त दर्शन और अभिषेक के लिए कतार में खड़े दिखाई दिए।

श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, दूध, जल, आक और धतूरे समेत विभिन्न पूजन सामग्री से भगवान शिव का अभिषेक किया। सावन सोमवार को देखते हुए मंदिरों में विशेष सजावट और पूजा-अर्चना की व्यवस्था की गई थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिरों और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एवं यातायात के भी विशेष इंतजाम किए गए।

दौसा में नीलकंठ महादेव के दर्शन के लिए लंबी कतार

दौसा की पंच महादेव की नगरी में भी सावन के दूसरे सोमवार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। देवगिरी पहाड़ी स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर में भक्तों को दर्शन के लिए करीब दो घंटे तक कतार में इंतजार करना पड़ा।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए गर्भगृह में प्रवेश रोक दिया गया। भक्तों को मंदिर के बाहर से ही जलाभिषेक कराया गया। व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं से जल के लोटे लेकर दूर से ही भगवान शिव का जलाभिषेक करवाया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता भी तैनात किया गया।

धौलपुर और कोटा में भी शिवभक्ति का दिखा उत्साह

धौलपुर के सैपऊ महादेव, अचलेश्वर, चोपड़ा और भूतेश्वर महादेव मंदिरों में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ रही। भक्तों ने भगवान शिव को बेलपत्र, दूध, शर्करा, आक और धतूरा अर्पित किया।

वहीं, कोटा के कंसुआ समेत अन्य प्रमुख शिवधामों में भी विशेष पूजा-अर्चना की गई। इन मंदिरों में बड़ी संख्या में कोचिंग स्टूडेंट्स और उनके परिजन भी भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचे।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम

भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए कई मंदिरों में व्यवस्थापकों और पुजारियों की ओर से विशेष इंतजाम किए गए। कुछ मंदिरों में श्रद्धालुओं को एक-एक करके प्रवेश दिया गया, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और भक्तों को सुगमता से दर्शन हो सकें।

सावन के दूसरे सोमवार पर राजस्थान के शिवालयों से लेकर काशी विश्वनाथ धाम तक आस्था, भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। सुबह से शुरू हुआ पूजा-पाठ और शिव आराधना का सिलसिला लगातार जारी रहा।



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alakhsingh2025@hotmail.com

Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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