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Shamli: चांदनी कुरैशी पर आयुष से निकाह कर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप, 2 लोग गिरफ्तार
Shamli News: उत्तर प्रदेश के शामली में कथित धर्म परिवर्तन मामले में पुलिस ने चांदनी कुरैशी और उनके पिता को गिरफ्तार किया है।
Shamli News: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में कथित धर्म परिवर्तन के एक मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तक कुल नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
व्यापारी ने बेटे के धर्म परिवर्तन का लगाया आरोप
यह मामला दवा व्यवसायी देवराज मलिक की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। उनका आरोप है कि उनके बेटे आयुष मलिक का कई वर्ष पहले विवाह के बहाने धर्म परिवर्तन कराया गया था। शिकायत में कहा गया है कि इस पूरी प्रक्रिया को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया।परिवार का आरोप है कि आयुष को दिल्ली ले जाया गया, जहां कथित तौर पर कुछ दस्तावेजों के आधार पर निकाह कराया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि समय के साथ उस पर धर्म बदलने का दबाव बनाया गया।
पहले से थी दोनों परिवारों की पहचान
पुलिस जांच में सामने आया है कि चांदनी का भाई आयुष की मेडिकल दुकान पर काम करता था। इसी कारण दोनों परिवार एक-दूसरे को पहले से जानते थे। बताया जा रहा है कि बाद में चांदनी और आयुष की मुलाकातें बढ़ीं और दोनों के बीच नजदीकियां विकसित हुईं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ निजी वीडियो का इस्तेमाल कर आयुष पर दबाव बनाया गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि इन सभी आरोपों की जांच की जा रही है और अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
आयुष ने धर्म परिवर्तन के आरोपों पर दी सफाई
इस मामले के बीच आयुष मलिक, जो खुद को मोहम्मद अली भी बताते हैं, ने सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया है और वे खुद को मुस्लिम मानते हैं। आयुष ने कहा कि उनके ऊपर किसी प्रकार का दबाव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म परिवर्तन को लेकर जो बातें कही जा रही हैं, वे पूरी तरह सही नहीं हैं। उनके अनुसार, यदि उन्होंने धर्म बदला है तो यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है।
परिवार और समाज के दबाव का दावा
आयुष का कहना है कि उनके खिलाफ चल रही पूरी प्रक्रिया के पीछे सामाजिक और पारिवारिक दबाव की भूमिका हो सकती है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी ने मजबूर नहीं किया और वे अपने फैसले पर कायम हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को किसी व्यक्ति का मूल्यांकन उसके धर्म, जाति या पहचान से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और चरित्र से करना चाहिए।
पुलिस जुटा रही सबूत
फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। डिजिटल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी तक नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और आगे जांच के आधार पर अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।


