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एंटी-पेपर लीक बिल पर शशि थरूर बोले, 'सिस्टम टूटा हुआ है, सिर्फ सजा से समाधान नहीं'
Lok Sabha Anti Paper Leak Bill: लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर शशि थरूर ने सिस्टम सुधार और NTA की जवाबदेही की मांग उठाई। हरसिमरत बादल व थिरुमावलवन ने भी सरकार को घेरा।
Lok Sabha Anti Paper Leak Bill: लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी सांसदों ने सरकार की परीक्षा प्रणाली और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस सांसद शशि थरूर, शिरोमणि अकाली दल (SAD) की सांसद हरसिमरत कौर बादल और वीसीके सांसद थोल. थिरुमावलवन ने बिल की विभिन्न कमियों को उजागर करते हुए व्यापक सुधारों की मांग की।
शशि थरूर बोले- 'हम यहां इसलिए हैं क्योंकि सिस्टम टूटा हुआ है'
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं में सजा तब शुरू होती है, जब नुकसान पहले ही हो चुका होता है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल दोषियों को दंडित करना नहीं, बल्कि उन संरचनात्मक कमजोरियों को दूर करना होना चाहिए जो बार-बार पेपर लीक जैसी घटनाओं को जन्म देती हैं।
थरूर ने सुझाव दिया कि भारत को हाई-प्रेशर परीक्षा मॉडल से बाहर निकलकर कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली अपनानी चाहिए, जिसमें सालभर कई अवसर उपलब्ध हों। उनका कहना था कि इससे किसी व्यक्तिगत आपात स्थिति के कारण छात्रों का पूरा साल बर्बाद नहीं होगा।
उन्होंने सरकार द्वारा फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रभावी केस मैनेजमेंट के बिना केवल फास्ट-ट्रैक कोर्ट बना देने से मामलों का त्वरित निपटारा संभव नहीं है। थरूर ने यह भी कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में मजबूत पेशेवर कैडर तैयार किए जाएं और उसकी जवाबदेही तय की जाए।
'पेपर लीक से छात्रों को गहरा मानसिक आघात'
शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं छात्रों को भारी मानसिक तनाव और आघात पहुंचाती हैं। उन्होंने कहा कि केवल जेल की सजा बढ़ा देने से अपराधों पर प्रभावी रोक नहीं लगती।
बादल ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि इस विधेयक को संसद में लाने से पहले छात्रों, शिक्षाविदों और अन्य संबंधित पक्षों से व्यापक चर्चा की जानी चाहिए थी।
'NEET खत्म हो, NTA भंग किया जाए'
वीसीके सांसद थोल. थिरुमावलवन ने संसद में NEET परीक्षा को समाप्त करने और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं विशेष रूप से वंचित और हाशिए पर खड़े छात्रों के साथ विश्वासघात हैं।
उन्होंने संघीय ढांचे की वकालत करते हुए कहा कि राज्यों को अपनी परीक्षाएं आयोजित करने का अधिकार मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की कि शिक्षा को समवर्ती सूची (Concurrent List) से हटाकर राज्य सूची (State List) में शामिल किया जाए, ताकि राज्य अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा और परीक्षा प्रणाली का संचालन कर सकें।


