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Shiv Sena On NEET Exam: नीट परीक्षा रद्द होने पर शिवसेना (UBT) ने केंद्र पर उठाए सवाल , कहा- ‘ब्रेकिंग और लीकिंग’ सरकार का मंत्र
Shiv Sena On NEET Exam: नीट परीक्षा रद्द होने पर शिवसेना (यूबीटी) ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक पर गंभीर सवाल उठाए।
Shiv Sena On NEET Exam
Shiv Sena On NEET Exam: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) परीक्षा रद्द होने के बाद शिवसेना (यूबीटी) ने गुरुवार को केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में ठाकरे गुट ने आरोप लगाया कि ब्रेकिंग और लीकिंग मौजूदा सरकार का मानो एक मंत्र बन गया है। सरकार बड़ी परीक्षाओं को बिना किसी घोटाले के आयोजित करने में असमर्थ दिख रही है।
शिवसेना (यूबीटी) ने गुरुवार को कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) की निष्पक्षता पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि व्यापक स्तर पर पेपर लीक की खबरों के बाद केंद्र सरकार को परीक्षा रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस फैसले से 22 लाख से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं, जिन्हें अब परीक्षा दोबारा देने के मानसिक और आर्थिक तनाव का सामना करना पड़ेगा।
पार्टी का कहना है कि सरकार बिना किसी घोटाले के महत्वपूर्ण परीक्षाएं कराने में असमर्थ प्रतीत होती है। छात्रों पर कड़े नियम लागू किए जा रहे हैं, जिनमें पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जूते, घड़ियां और विशेष प्रकार के वस्त्रों पर प्रतिबंध शामिल हैं, जबकि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) स्वयं प्रश्न पत्र प्राप्त करने में विफल रही है।
मुखपत्र में लिखा है, परीक्षा से कुछ दिन पहले ही प्रश्नपत्र की प्रतियां की प्रतियां खुलेआम बाजार में लाखों रुपये में बेची जा रही थीं। आरोप है कि बिचौलियों और दलालों ने वैध प्रवेश की कड़ी प्रतिस्पर्धा से बचने के इच्छुक धनी माता-पिता को ये प्रतियां बेचने में मदद की।
उन्होंने कहा, "पेपर लीक से एनटीए के भ्रष्ट अधिकारियों, प्रिंटिंग प्रेस और निजी कोचिंग केंद्रों के बीच गहरे गठजोड़ का पर्दाफाश हुआ है। जांच से पता चलता है कि निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटों के लिए 1-2 करोड़ रुपए देने के बजाय धनी उम्मीदवारों को 25-30 लाख रुपए में लीक हुए पेपर बेचे जा रहे हैं।
आरोप है कि निजी कोचिंग संस्थान इन लीक का इस्तेमाल अपने छात्रों को पूरे अंक दिलाने के लिए करते हैं, जिनका उपयोग अगले वर्ष अधिक 'ग्राहकों' को आकर्षित करने के लिए बड़े पैमाने पर विज्ञापन अभियानों में किया जाता है।" उन्होंने कहा, "टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनुमान पत्र के रूप में इन पत्रों को प्रसारित किया गया था।"
इस लीक का दायरा व्यापक है और जांचकर्ताओं को महाराष्ट्र (नासिक, पुणे, लातूर), केरल, हरियाणा, बिहार, आंध्र प्रदेश, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर से इसके संबंध मिले हैं। सीबीआई ने कई गिरफ्तारियां की हैं, लेकिन संदेह बढ़ता जा रहा है, क्योंकि 2017, 2021 और 2024 के पेपर लीक मामलों में पहले भी दोषी अक्सर जमानत पर छूट जाते थे।
शिक्षा मंत्रालय पर यह स्पष्टीकरण देने का दबाव बढ़ता जा रहा है कि परीक्षा से एक सप्ताह पहले लीक की चेतावनी मिलने के बावजूद एनटीए ने पेपर में बदलाव क्यों नहीं किया। हालांकि एनटीए ने पुनर्परीक्षा के लिए पंजीकरण शुल्क माफ कर दिया है, लेकिन इससे ग्रामीण छात्रों को कोई खास राहत नहीं मिलती है, जिन्हें यात्रा और आवास का खर्च फिर से वहन करना होगा। साथ ही एक अनिश्चित भविष्य के भारी मनोवैज्ञानिक आघात का सामना भी करना पड़ेगा।


