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‘बस... मुंह बंद रखिए मीलॉर्ड!’ SIR विवाद में Ex CJI गवई पर भड़कीं महुआ मोइत्रा, जानें पूरा मामला
SIR Controversy: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने रविवार को नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ में आयोजित 19वीं जस्टिस बीआर साहनी मेमोरियल मूट कोर्ट प्रतियोगिता के समापन समारोह में SIR को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने
SIR Controversy
SIR Controversy: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब इस मामले में न्यायपालिका से जुड़े बयानों को लेकर भी बहस तेज हो गई है। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर पूर्व CJI से चुप रहने और रिटायरमेंट का आनंद लेने तक की बात कह दी।
जस्टिस भुइयां की टिप्पणी पर क्या बोले थे गवई?
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने रविवार को नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ में आयोजित 19वीं जस्टिस बीआर साहनी मेमोरियल मूट कोर्ट प्रतियोगिता के समापन समारोह में SIR को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि लाखों भारतीय नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित करने वाली कोई भी प्रक्रिया मूल रूप से मनमानी और संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ होगी।
जस्टिस भुइयां ने यह भी कहा था कि संविधान नागरिकों के दो वर्ग नहीं बनाता, जिसमें एक वर्ग को वोट देने का अधिकार हो और दूसरे को इससे वंचित रखा जाए। उनके मुताबिक किसी भी प्रक्रिया के लिए किंतु-परंतु के जरिए इस तरह की व्यवस्था को सही नहीं ठहराया जा सकता।
इसके बाद पूर्व CJI जस्टिस बीआर गवई ने जस्टिस भुइयां की टिप्पणी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि चूंकि SIR से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए न्यायिक मर्यादा मौजूदा न्यायाधीश को इस मुद्दे पर टिप्पणी करने की अनुमति नहीं देती।
महुआ मोइत्रा ने गवई को सुनाया ‘न्यायिक मर्यादा’ का पाठ
जस्टिस गवई की टिप्पणी के बाद महुआ मोइत्रा ने एक्स पर तीखा पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि “मीलॉर्ड! आप चुप हो जाइए और रिटायरमेंट का आनंद लीजिए।” इसके साथ ही उन्होंने पूर्व CJI के पुराने मामलों का जिक्र करते हुए उन पर सवाल उठाए।
महुआ ने आरोप लगाया कि जब तत्कालीन CJI रंजन गोगोई पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे और उन्होंने अपने खिलाफ मामले की सुनवाई की अध्यक्षता की, तब गवई चुप रहे। उन्होंने पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूजा के लिए बुलाने और जस्टिस अरुण मिश्रा द्वारा मोदी की तारीफ किए जाने का भी जिक्र किया।
SIR पर SC में लंबित हैं याचिकाएं
SIR को लेकर कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। इसी वजह से इस मुद्दे पर न्यायाधीशों की सार्वजनिक टिप्पणियों को लेकर न्यायिक मर्यादा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच बहस तेज हो गई है।
जस्टिस गवई के अलावा दिल्ली हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज जस्टिस एसएन ढींगरा और जस्टिस आरएस सोढ़ी ने भी जस्टिस भुइयां की टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए गवई के विचार से सहमति जताई है। वहीं, महुआ मोइत्रा की तीखी प्रतिक्रिया ने SIR विवाद को एक नया राजनीतिक और न्यायिक मोड़ दे दिया है।


