'ज़रा सी शर्म है तो इस्तीफा दें...', CEC पर जस्टिस भुइयां की टिप्पणी ने बढ़ाई सियासी गर्मी! विपक्ष की मांग फिर हुई तेज

SIR Controversy: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और TMC सांसद सागरिका घोष ने भी जस्टिस भुइयां की टिप्पणी का हवाला देते हुए चुनाव आयोग और सीईसी पर तगड़ा हमला बोला है।

Priya Singh Bisen
Published on: 5 Oct 2026 11:47 AM IST (Updated on: 5 Oct 2026 11:52 AM IST)
SIR Controversy
X

SIR Controversy

SIR Controversy: SIR विवाद यानी कि (Special Intensive Revision) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (CEC Gyanesh Kumar) के इस्तीफे की मांग पहले से ही देशभर में तेज है। अब सर्वोच्च न्यायलय के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां (Justice Ujjal Bhuyan) की एक टिप्पणी के बाद विपक्ष ने इस मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त को दोबारा से घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर डाली है।

वहीं, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) और TMC सांसद सागरिका घोष (Sagarika Ghose) ने भी जस्टिस भुइयां की टिप्पणी का हवाला देते हुए चुनाव आयोग और सीईसी पर तगड़ा हमला बोला है।

जयराम रमेश बोले- तुरंत दें इस्तीफा

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने CEC ज्ञानेश कुमार पर बड़ा निशाना साधते हुए कहा कि जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की टिप्पणी के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग (Election Commission) के प्रमुख के तौर पर ज्ञानेश कुमार का काम करना देश के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो रहा है।

उन्होंने यह भी बड़ा दावा करते हुए कहा कि जस्टिस भुइयां की टिप्पणी से यह साबित होता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने संविधान का उल्लंघन किया है। जयराम रमेश ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कहा कि हैदराबाद की नालसर यूनिवर्सिटी (NALSAR University) में जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने बहुत ही बेबाक तरीके से अपनी बात स्पष्टता से रखी और CEC की पोल खोलकर रख दी।

जयराम रमेश ने बेहद तीखे शब्दों में कहा कि यदि ज्ञानेश कुमार में जरा भी शर्म और लिहाज है तो उन्हें तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि जी2 के गैर-कानूनी आदेशों को लागू करने की उनकी क्षमता ने उन्हें देश के लिए बड़ा बोझ बना दिया है।

दिग्विजय सिंह ने भी साधा बड़ा निशाना

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस मुद्दे पर अपनी सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लोकतंत्र (Democracy) और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से चुनाव (Free and Fair Elections) के नागरिकों के अधिकारों का मुद्दा उठाने के लिए जस्टिस उज्ज्वल भुइयां को बधाई दी।

दिग्विजय सिंह ने मुख्य न्यायाधीश यानी CJI को संबोधित करते हुए कहा कि उनके करियर में अब खोने के लिए कुछ नहीं है, सिवाय शायद रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभ के। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी बात से अदालत को बुरा लगे तो उन्हें माफ कर दिया जाए, लेकिन यदि सर्वोच्च न्यायालय को ऐसा लगता है कि वह अदालत की अवमानना (Contempt of Court) कर रहे हैं तो वह जेल जाने के लिए भी तैयार हैं।

दिग्विजय सिंह ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन का भी खुलकर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह 1972 से सार्वजनिक जीवन में हैं और 1977 से राज्य और केंद्रीय विधानसभाओं तथा संसद के सदस्य के तौर पर कार्य कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के प्रति उनका हमेशा सम्मान रहा है और मध्य प्रदेश के 1993 से 2003 के बीच रहे सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीशों से भी इस बारे में पूछा जा सकता है।

'आपको शर्म आनी चाहिए, इस्तीफा दें'

दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) की तरफ से नागरिकों के अधिकारों के खिलाफ इस तरह की एकतरफा ज्यादती कभी नहीं देखी। उन्होंने सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें शर्म आनी चाहिए और इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।

सागरिका घोष ने भी खड़े किए गंभीर सवाल

TMC की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने भी जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की टिप्पणी को लेकर अपनी सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रक्रिया की वजह से लाखों-करोड़ों भारतीय नागरिक अपने अधिकारों से वंचित हो जाते हैं और अपने ही देश में दूसरे दर्जे के नागरिक बन जाते हैं तो ऐसी प्रक्रिया मूल रूप से मनमानी है।

सागरिका घोष ने कहा कि इस तरह की प्रतिक्रिया को किसी भी तर्क या बहाने से सही नहीं ठहराया जा सकता। उनके अनुसार, यह संविधान की मूल भावना पर प्रहार है।

उन्होंने आगे दावा किया कि सर्वोच्च न्यायालय के एक जज ने अब CEC ज्ञानेश कुमार के अपराध को पूरी तरह से साफ़ कर दिया है। सागरिका घोष ने सवाल खड़ा किया कि क्या अब शीर्ष अदालत के दूसरे जजों की अंतरात्मा भी इस कथित रूप से अन्याय के खिलाफ जागेगी या नहीं। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर भी बेहद सख्त टिप्पणी की और आरोप लगाया कि वह अपनी कुर्सी से चिपके हुए हैं।

क्या कहा था जस्टिस भुइयां ने?

दरअसल, जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने रविवार 4 अक्टूबर को हैदराबाद स्थित नालसर यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ (NALSAR University of Law) के एक कार्यक्रम को संबोधित किया था। इसी दौरान उन्होंने वोटिंग के अधिकार (Right to Vote) को लेकर अहम और बड़ी टिप्पणी की।

जस्टिस भुइयां ने कहा था कि किसी भी प्रकार की दलील वोटिंग का अधिकार छीनने को सही नहीं ठहरा सकती। संविधान के अनुच्छेद 326 (Article 326) के तहत मिले वोटिंग के अधिकार के साथ कोई किसी भी प्रकार का छेड़छाड़ नहीं कर सकता।

उन्होंने कहा कि ऐसी कोई भी प्रक्रिया मनमानी है, जो लाखों भारतीयों को वोट देने के अधिकार से रोकती है। उनके अनुसार, किसी भी बहाने से ऐसी प्रक्रिया को सही नहीं ठहराया जा सकता। जस्टिस भुइयां ने कहा कि ऐसी प्रक्रिया संवैधानिक व्यवस्था (Constitutional System) को नकारती है।

अब जस्टिस भुइयां की इसी टिप्पणी को लेकर विपक्ष ने SIR और चुनाव आयोग की बड़ी भूमिका पर अपने हमले और तीव्र कर दिए हैं। एक ओर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन जारी है, तो वहीं दूसरी ओर विपक्षी नेताओं के ताजा बयानों ने इस पूरे विवाद को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में लाकर खड़ा कर दिया है।

Priya Singh Bisen
ABOUT THE AUTHOR

Priya Singh Bisen

Content Writer Mail ID - Priyasinghbisen96@gmail.comPriyasinghbisen96@gmail.com

Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

Next Story