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SIR Phase 3: देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट का होगा SIR, चुनाव आयोग ने किया बड़ा ऐलान
SIR Phase 3: चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण के तीसरे चरण का बड़ा ऐलान कर दिया है। इसके अंतर्गत देश के 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जाएगा।
SIR Phase 3
SIR Phase 3: भारत के चुनाव आयोग ने पूरे देश में वोटर लिस्ट को और ज्यादा पारदर्शी और सटीक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तीसरे चरण का बड़ा ऐलान कर दिया है। चुनाव आयोग के इस फैसले के अंतर्गत देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जाएगा।
बता दे, इस अभियान का उद्देश्य फर्जी, डुप्लीकेट, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाकर योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल करना है।
चुनाव आयोग के अनुसार, यह अभियान आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। आयोग का कहना है कि SIR के माध्यम से मतदान प्रक्रिया को और ज्यादा निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया जाएगा।
क्या है विशेष गहन पुनरावलोकन (SIR)?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR एक विशेष प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जाता है। इसमें बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) वोटर्स के पते, पहचान और अन्य जानकारियों की जांच करते हैं। इस दौरान नए मतदाताओं को जोड़ा जाता है और मृत या स्थान बदल चुके लोगों के नाम हटाए जाते हैं।
किन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा अभियान?
चुनाव आयोग ने फिलहाल 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में इस प्रक्रिया को लागू करने का बड़ा ऐलान कर दिया है। हालांकि कुछ राज्यों और क्षेत्रों को फिलहाल इससे बाहर रखा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अभी यह प्रक्रिया शुरू नहीं की जाएगी।
लगभग 40 करोड़ मतदाता होंगे प्रभावित
रिपोर्ट्स के मुताबिक, SIR Phase-3 के अंतर्गत लगभग 40 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच और अपडेट किया जाएगा। इससे पहले दो चरणों में कई राज्यों में वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण किया जा चुका है।
विपक्ष ने पहले भी खड़े किये थे सवाल
SIR प्रक्रिया को लेकर पहले भी कई राजनीतिक दल सवाल खड़े कर चुके हैं। कुछ विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि इस प्रक्रिया के जरिए वैध मतदाताओं के नाम काटकर हटाए जा सकते हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने यह भी साफ़ कर दिया है कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से कानून के अंतर्गत कराई जा रही है और किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटाया जाएगा।
चुनाव आयोग ने लोगों से की अपील
चुनाव आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने मतदाता पहचान पत्र और संबंधित दस्तावेजों की जांच करें और आवश्यकता पड़ने पर वक़्त रहते अपडेट करवाएं। आयोग का कहना है कि सही और अपडेटेड वोटर लिस्ट लोकतंत्र की मजबूती के लिए बेहद ही आवश्यक है।


