'बाप के गिरेबान तक हाथ...' PM मोदी को लेकर छलका स्मृति ईरानी का दर्द, इंटरव्यू में छलके आंसू

Smriti Irani On PM Modi: पीएम मोदी को लेकर दिए इंटरव्यू में स्मृति ईरानी भावुक हो गईं। उन्होंने नरेंद्र मोदी को पिता समान बताते हुए उनके सम्मान की रक्षा को अपना धर्म बताया और अपने राजनीतिक सफर के कई किस्से साझा किए।

Harsh Srivastava
Published on: 5 Sept 2026 10:53 PM IST
बाप के गिरेबान तक हाथ... PM मोदी को लेकर छलका स्मृति ईरानी का दर्द, इंटरव्यू में छलके आंसू
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Smriti Irani On PM Modi: भारतीय राजनीति में अपनी धाकड़ छवि और बेबाक अंदाज के लिए मशहूर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी एक बार फिर जबरदस्त सुर्खियों में हैं। हाल ही में दिए गए एक चर्चित पॉडकास्ट इंटरव्यू में स्मृति ईरानी ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े कई व्यक्तिगत और सियासी पहलुओं पर खुलकर बात की। इस दौरान वे काफी भावुक भी नजर आईं। उन्होंने पीएम मोदी को अपने पिता समान बताते हुए कहा कि उनके स्वाभिमान और सम्मान की रक्षा करना उनके लिए सबसे पहला धर्म है। इस इंटरव्यू में उन्होंने मोदी सरकार के कामकाज, विपक्ष के रुख और अपने राजनीतिक सफर पर भी विस्तार से अपनी बात रखी।

PM मोदी को लेकर बेहद भावुक हुईं स्मृति

इंटरव्यू के दौरान जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर होने वाले व्यक्तिगत हमलों का जिक्र आया, तो स्मृति ईरानी का गला भर आया। उन्होंने बेहद सख्त और भावुक लहजे में कहा कि नरेंद्र मोदी उनके लिए सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि पिता के समान हैं। स्मृति ने कहा कि यदि उनके पिता तुल्य मार्गदर्शक के सम्मान पर कोई हमला करता है या उन पर उंगली उठाता है, तो वे इसे अपनी सबसे बड़ी नाकामी मानती हैं। उन्होंने पीएम मोदी के समर्पण को याद दिलाते हुए कहा कि जब उनकी मां का देहांत हुआ, तब भी उन्होंने देश सेवा को सबसे ऊपर रखा। वे अपनी मां के अंतिम संस्कार के तुरंत बाद कर्तव्य पथ पर लौट आए और वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने किसी बड़े राजनीतिक कार्यक्रम का आयोजन करने के बजाय देश के काम को प्राथमिकता दी।

सरदार सरोवर डैम की रोचक कहानी

प्रधानमंत्री मोदी की निर्णय लेने की क्षमता का उदाहरण देते हुए स्मृति ईरानी ने एक ऐतिहासिक घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जिस सरदार सरोवर बांध की कल्पना 1946 में सरदार पटेल ने की थी और 1961 में नेहरू जी ने जिसकी आधारशिला रखी थी, वह 1980 तक अधूरा ही पड़ा रहा। बाद में मामला अदालत में फंस गया।

जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने, तो सीमा पर तैनात एक बीएसएफ जवान ने उनसे पानी की समस्या दूर करने की गुहार लगाई। मोदी जी ने तुरंत तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बांध की ऊंचाई 17 मीटर बढ़ाने के लिए पत्र लिखा, लेकिन अनुमति नहीं मिली। इसके बाद जब 2014 में नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने, तो उन्होंने महज 17 दिनों के भीतर उस फाइल को मंजूरी दे दी। इस एक फैसले से चार करोड़ लोगों को पीने का पानी मिला।

संसद का घेराव और विपक्ष का रवैया

संसद के कामकाज में आए व्यवधान पर बात करते हुए स्मृति ने स्पष्ट किया कि सरकार हर मुद्दे पर बात करने के लिए हमेशा तत्पर थी। उन्होंने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह रोजाना संसद भवन पहुंचते थे और पत्रकारों ने खुद यह देखा है। संसद का सत्र न चल पाने का मुख्य कारण विपक्ष का अडिग रवैया था।

अमेठी से चुनाव में मिली हार के बाद की अवधि पर बात करते हुए उन्होंने साफ किया कि भारतीय जनता पार्टी में पद कभी किसी कार्यकर्ता की असली पहचान नहीं होता। संगठन का काम ही सर्वोपरि होता है।

अपने शुरुआती दिनों को किया याद

भाजपा में हाल ही में राष्ट्रीय महासचिव के रूप में नई जिम्मेदारी मिलने पर स्मृति ईरानी ने अपने पुराने दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि 2003 में जब वे पहली बार महाराष्ट्र युवा मोर्चा की पदाधिकारी बनी थीं, तब उनके साथ देवेंद्र फडणवीस भी उपाध्यक्ष थे। उस दौर में वे प्रमोद महाजन और गोपीनाथ मुंडे जैसे दिग्गज नेताओं को देखकर बहुत कुछ सीखा करती थीं। उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि साधारण शुरुआत करने के बाद वे देश के इतने बड़े राजनीतिक मुकाम तक पहुंच पाएंगी।

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Harsh Srivastava

Former Content Writer Mail ID - newstrack@gmail.comharshsri764@gmail.com

Harsh Srivastava is a journalist currently working as Desk In-Charge at NewsTrack, Lucknow. He began his journalism career in 2023 and has previously worked with Hindustan, Times Internet and India News. He holds a Master’s degree in Journalism and Mass Communication (MJMC). His key areas of interest include politics, elections and crime, with a wider focus on governance, public policy and current affairs. He writes research-driven and SEO-focused digital stories, combining journalistic depth with an understanding of digital audiences. Harsh has covered the 2026 West Bengal Assembly Election, several state elections and bypolls, and extensively followed the Delhi CJP protest and its developments. His work includes news reports, explainers, features and analytical stories. Originally from Varanasi, Harsh has worked across Varanasi, Delhi and Lucknow, with experience spanning reporting, digital journalism, content writing and editorial operations.

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