‘वंदे मातरम्’ पर महासंग्राम! सोनिया गांधी के इशारे पर भयंकर बवाल, BJP पहुंची पुलिस थाने

Sonia Gandhi Vande Mataram Row: 15 अगस्त के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् गायन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। बीजेपी ने सोनिया गांधी पर राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाते हुए मंगलुरु पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

Harsh Srivastava
Published on: 16 Aug 2026 5:59 PM IST
‘वंदे मातरम्’ पर महासंग्राम! सोनिया गांधी के इशारे पर भयंकर बवाल, BJP पहुंची पुलिस थाने
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Sonia Gandhi Vande Mataram Row: 15 अगस्त के पावन अवसर पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के गायन के दौरान एक अभूतपूर्व राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के कथित इशारों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपना लिया है। बीजेपी का आरोप है कि सोनिया गांधी ने राष्ट्रगीत का अनादर किया और कार्यकर्ताओं को इसका गायन बीच में ही रोकने का निर्देश दिया। इस घटना के सामने आने के बाद देश भर की राजनीति में जबर्दस्त गरमाहट पैदा हो गई है।

मंगलुरु के पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज

मामला महज जुबानी बयानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब कानूनी कार्रवाई की दहलीज तक पहुंच चुका है। बीजेपी नेताओं ने कर्नाटक के मंगलुरु स्थित उर्वा पुलिस स्टेशन में सोनिया गांधी के खिलाफ औपचारिक शिकायत सौंपी है। शिकायत में मांग की गई है कि राष्ट्रीय गीत का अपमान करने के जुर्म में सोनिया गांधी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और सख्त दंडात्मक कदम उठाए जाएं।

विकास पुत्तूर का गंभीर आरोप

शिकायतकर्ता और बीजेपी नेता विकास पुत्तूर ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि ध्वजारोहण समारोह के दौरान जब पूरा देश सम्मान में खड़ा था, तब सोनिया गांधी ने चल रहे गायन में बाधा डालने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह रवैया नया नहीं है और पार्टी का 'वंदे मातरम्' के प्रति हमेशा से नकारात्मक रुख रहा है। पुत्तूर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार इस शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं करती है, तो वे चुप नहीं बैठेंगे और न्याय पाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।

अमित शाह का जोरदार हमला

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की इस महान कृति 'वंदे मातरम्' के दो शब्दों का जाप करते हुए देश के हजारों स्वतंत्रता सेनानियों ने फांसी के फंदे को चूम लिया था और लाठियां-गोलियां खाई थीं। शाह ने कहा कि केवल अपने वोट बैंक को साधने के चक्कर में कांग्रेस इस महान त्याग को भूल गई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत के 150वें वर्ष के ऐतिहासिक अवसर पर लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी ने इसे नया सम्मान दिया, जबकि कांग्रेस मुख्यालय में इसके चालू गायन को रोकने का दुस्साहस किया गया। गृह मंत्री ने मांग की कि कांग्रेस को देश की जनता और बंकिम बाबू की अमर आत्मा से माफी मांगनी चाहिए।

कांग्रेस की सफाई

दूसरी ओर, विवाद बढ़ता देख कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी के इन तमाम दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि मुख्यालय में राष्ट्रगीत का कोई अपमान नहीं हुआ और न ही गायन को बीच में रोका गया था। उन्होंने बताया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे काफी देर से खड़े थे, इसलिए सोनिया गांधी केवल उनके बैठने के लिए एक कुर्सी मंगवाने का इशारा कर रही थीं। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी अपनी नाकामी छुपाने के लिए एक सामान्य घटना को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है।

देश भर में जारी सियासी बयानबाजी

फिलहाल इस विवाद ने देश का राजनीतिक पारा काफी चढ़ा दिया है। एक तरफ बीजेपी जहां इसे राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति कांग्रेस की मानसिकता से जोड़कर लगातार हमलावर है और कड़ी कानूनी सजा की मांग कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे झूठा और मनगढ़ंत प्रचार बता रही है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मंगलुरु पुलिस इस शिकायत पर क्या रुख अपनाती है।

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हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

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