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सौरव दास और आशुतोष रांका पर FIR दर्ज, आज जंतर मंतर प्रोटेस्ट मामले में CJP नेताओं पर हुई थी कार्रवाई
जंतर-मंतर प्रोटेस्ट मामले में सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आज इस मामले में कार्रवाई के बाद दोनों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया।
Sourav Das, Ashutosh Ranka: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। ये लोग आज सुबह जंतर-मंतर पर किसी तरह से घुस गए । दिल्ली पुलिस ने उन दोनों को हिरासत में ले लिया था। जिसके बाद अभी उन पर FIR दर्ज की गई है। यह कार्रवाई आज जंतर-मंतर में प्रवेश करने की घटना से जुड़ी है। पुलिस के मुताबिक, आरोप अनधिकृत तरीके से परिसर में प्रवेश करने से संबंधित हैं। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच के आधार पर की जाएगी।
बता दें कि आज जंतर-मंतर पर CJP नेता सौरव दास, आशुतोष रांका समेत कुछ लोग JDU दफ्तर के परिसर की ओर से अंदर आए और गेट फांदकर जंतर-मंतर के एक हिस्से में पहुंच गए। बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी को हिरासत में ले लिया।
पीएम मोदी को टैग कर अभिजीत दीपके ने उठाए सवाल
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए कहा कि विरोध की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने का मकसद जवाबदेही मांगने वालों को चुप कराना है। दीपके के मुताबिक, जंतर-मंतर महज एक जगह नहीं, बल्कि सत्ता से सवाल पूछने और अपनी मांगें सामने रखने का प्रतीक है।
जंतर-मंतर की जगह तय हुए तीन नए प्रदर्शन स्थल
दिल्ली पुलिस ने 12 अक्टूबर को जारी आदेश में जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया था। इसके बाद रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को प्रदर्शन के लिए नए स्थानों के तौर पर तय किया गया। CJP ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि संगठन शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांग रहा था, लेकिन इसी बीच नियम बदल दिए गए। संगठन का कहना है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति न मिलना उसके आंदोलन के अधिकार को प्रभावित करता है।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर आंदोलन
CJP के नेता मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। संगठन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। सौरव दास और आशुतोष रांका ने कहा है कि वे जंतर-मंतर से ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग जारी रखेंगे। इस तरह प्रदर्शन स्थल को लेकर शुरू हुआ विवाद अब चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दों के साथ भी जुड़ गया है।
पहले भी हिरासत में लिए गए थे CJP के नेता
CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। इसी दिन दिल्ली पहुंचने पर अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया था। बाद में उन्हें इस शर्त पर रिहा किया गया था कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे। मंगलवार को बैरिकेडिंग पार कर जंतर-मंतर पहुंचने की घटना के बाद संगठन ने फिर आरोप लगाया कि उसके नेताओं को हिरासत में लेकर आंदोलन रोकने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इस पूरे मामले में CJP के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े तथ्यों को अलग-अलग समझना जरूरी है।


