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Supreme Court of India: सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में बड़ा बदलाव, अब ऑनलाइन होगी सुनवाई, कर्मचारियों को WFH सुविधा
Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने नया सर्कुलर जारी कर सुनवाई और कर्मचारियों की कार्य व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। अब कुछ दिनों में सुनवाई केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी, जबकि कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा भी दी गई है।
Supreme Court of India ने अपने कामकाज को लेकर नया सर्कुलर जारी किया है। नए आदेश के तहत अदालत की सुनवाई और कर्मचारियों की कार्य व्यवस्था में कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। यह फैसला ऊर्जा बचत और कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। अदालत प्रशासन ने इन नए नियमों को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है।
कुछ दिनों में केवल ऑनलाइन होगी सुनवाई
जारी सर्कुलर के अनुसार अब सोमवार, शुक्रवार और कुछ विशेष दिनों में मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएगी। अदालत ने इन दिनों को “मिसलेनियस डे” की श्रेणी में रखा है। इसके अलावा जिन दिनों अदालत आधे समय के लिए काम करेगी, उन दिनों भी सुनवाई ऑनलाइन माध्यम से ही होगी। कोर्ट प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की तकनीकी व्यवस्था मजबूत रखी जाए। साथ ही सुनवाई से जुड़े लिंक समय पर वकीलों और पक्षकारों तक पहुंचाए जाएं ताकि किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े।
जजों के लिए कार पूलिंग की व्यवस्था
सुप्रीम कोर्ट के जजों ने ईंधन की बचत को ध्यान में रखते हुए कार पूलिंग को बढ़ावा देने का फैसला भी लिया है। जरूरत पड़ने पर जज एक ही वाहन में साथ यात्रा करेंगे। अदालत का मानना है कि इससे ईंधन की बचत होगी और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा।
कर्मचारियों को मिलेगी घर से काम करने की सुविधा
नए आदेश में कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था भी लागू की गई है। सुप्रीम कोर्ट की हर शाखा और सेक्शन में लगभग 50 प्रतिशत कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की अनुमति दी गई है। हालांकि बाकी कर्मचारियों की दफ्तर में मौजूदगी जरूरी रहेगी ताकि कोर्ट का नियमित काम प्रभावित न हो। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि घर से काम करने वाले कर्मचारियों को हर समय फोन पर उपलब्ध रहना होगा। जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत कार्यालय पहुंचना पड़ सकता है।
जरूरत के हिसाब से बदले जा सकेंगे नियम
सर्कुलर में अधिकारियों को यह अधिकार भी दिया गया है कि यदि किसी विभाग में काम ज्यादा हो और वर्क फ्रॉम होम से काम प्रभावित होने की संभावना हो, तो वहां इस व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है। संबंधित रजिस्ट्रार जरूरत के अनुसार कर्मचारियों की उपस्थिति तय करेंगे। यह नया सर्कुलर सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल भारत पराशर की ओर से जारी किया गया है। अदालत का कहना है कि इन बदलावों से कामकाज को आसान बनाने के साथ-साथ संसाधनों की बचत में भी मदद मिलेगी।


