तुमने उसका कान काटकर खा लिया और अग्रिम जमानत चाहते हो? एक अनोखा केस जिस पर सुप्रीम कोर्ट को आया गुस्सा

झारखंड के रांची में जन्माष्टमी की रात हुए झगड़े से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजीव रंजन कुमार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

Sachin Singh
Published on: 14 Oct 2026 7:30 PM IST (Updated on: 14 Oct 2026 10:11 PM IST)
तुमने उसका कान काटकर खा लिया और अग्रिम जमानत चाहते हो? एक अनोखा केस जिस पर सुप्रीम कोर्ट को आया गुस्सा
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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को एक ऐसा मामला पहुंचा, जिसे सुनकर अदालत ने आरोपी के वकील से बेहद सख्त सवाल किए। मामला झारखंड (Jharkhand) की राजधानी रांची (Ranchi) में जन्माष्टमी की रात हुए हिंसक झगड़े से जुड़ा है।

आरोप है कि इस दौरान राजीव रंजन कुमार ने एक व्यक्ति का कान काटकर अलग कर दिया था। आरोपी ने गिरफ्तारी से पहले राहत पाने के लिए अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसकी याचिका यह कहते हुए खारिज कर दिया कि तुमने उसका कान काटकर खा लिया।

सुनवाई के दौरान जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने मामले की गंभीरता पर सवाल उठाते हुए कहा, 'तुमने पहले बंदूक निकाली, फिर उसका कान पकड़कर पूरा कान काट लिया और अब अग्रिम जमानत चाहते हो?' कोर्ट की इस टिप्पणी ने मामले को सुर्खियों में ला दिया है।

'बंदूक की बात छोड़िए, कान वापस कैसे आएगा?'

सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने दलील दी कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से पड़ोस को लेकर विवाद चल रहा था और एक रात यह झगड़ा हिंसक हो गया। वकील ने यह भी कहा कि बंदूक निकालने का आरोप गलत है। इस पर कोर्ट ने कहा कि बंदूक की बात छोड़ भी दें, तो कान का क्या होगा?

कोर्ट ने सवाल किया, 'उसका कान वापस कैसे आएगा?' इस टिप्पणी के जरिए पीठ ने कथित चोट की गंभीरता पर जोर दिया। आरोपी की ओर से खुद को भी पीड़ित बताए जाने पर कोर्ट ने मामले के दूसरे पहलुओं को भी सुना, लेकिन इन दलीलों से वह संतुष्ट नहीं हुई।

आरोपी के वकील ने भी मारपीट होने की बात कही

राजीव रंजन कुमार के वकील ने कोर्ट में दावा किया कि झगड़े के दौरान उनके मुवक्किल के साथ भी मारपीट हुई थी। उन्होंने कहा कि आरोपी को जमीन पर दबाया गया, उसके हाथ-पैर पकड़े गए और सीने पर भी चोट पहुंचाई गई।

इस पर कोर्ट ने पूछा कि क्या यह माना जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच लड़ाई हुई थी? आरोपी के वकील ने जवाब दिया कि हां, झगड़ा हुआ था। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनका मुवक्किल जांच में सहयोग करने के लिए तैयार है। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को अग्रिम जमानत देने के लिए पर्याप्त नहीं माना और याचिका खारिज कर दी।

झारखंड हाई कोर्ट भी खारिज कर चुका था जमानत याचिका

इस मामले में आरोपी राजीव रंजन कुमार को पहले झारखंड हाई कोर्ट से भी राहत नहीं मिली थी। हाई कोर्ट ने फरवरी 2026 में उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद आरोपी ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े आरोपों और चोटों की गंभीरता पर चर्चा हुई। अंत में शीर्ष अदालत ने भी आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।

2024 में दर्ज हुई थी FIR

राजीव रंजन कुमार के खिलाफ साल 2024 में रांची के अरगोड़ा थाने में FIR दर्ज की गई थी। उस पर भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita - BNS) की कई धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। इनमें धारा 118 भी शामिल है, जो खतरनाक हथियार या किसी अन्य साधन से जानबूझकर चोट या गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित है।

झारखंड हाई कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते समय पुलिस की रिपोर्ट का भी जिक्र किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, कथित पीड़ित के सिर और चेहरे पर धारदार चीज से लगी कई गंभीर चोटें थीं। इसी मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग FIR दर्ज कराई गई थीं।

क्या होती है अग्रिम जमानत?

अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) ऐसी कानूनी राहत है, जिसके लिए कोई व्यक्ति गिरफ्तारी की आशंका होने पर अदालत से गुहार लगा सकता है। अगर कोर्ट इसे मंजूर कर देती है, तो तय शर्तों के तहत गिरफ्तारी की स्थिति में उसे जमानत पर रिहा किया जा सकता है। हालांकि, यह राहत अपने आप नहीं मिलती। कोर्ट आरोपों की गंभीरता, उपलब्ध जानकारी और मामले की परिस्थितियों को देखकर फैसला करती है।

रांची के इस मामले में आरोपी ने गिरफ्तारी से पहले राहत मांगी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कथित घटना की गंभीरता और सुनवाई के दौरान रखी गई दलीलों पर विचार करने के बाद उसकी याचिका खारिज कर दी।

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Sachin Singh is a media professional with 4 years of experience in the field of journalism and digital media. After completing his education at Jamia Millia Islamia Central University, he has worked with reputed media organizations such as Editor ji, ABP News and Doordarshan. Currently, Sachin Singh is working as a Content Writer with News Track, where he contributes to fast-paced digital news coverage and content creation. His areas of interest include politics, national and international affairs, and food. With experience across different formats of journalism, he focuses on producing informative, accurate, and engaging content for digital audiences.

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