TRENDING TAGS :
PM मोदी से मिलीं सुप्रिया सुले और 8 सांसद, 20 मिनट बंद कमरे हुई मीटिंग, बढ़ी सियासी हलचल
Supriya Sule Meet PM Modi: सुप्रिया सुले ने NCP-SP के 8 सांसदों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करीब 20 मिनट तक बंद कमरे में मुलाकात की। बैठक के बाद महाराष्ट्र की सियासत में अटकलें तेज हो गई हैं।
Supriya Sule Meet PM Modi: राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में सोमवार को उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की वरिष्ठ नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने अपने 8 सहयोगी सांसदों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। लगभग 20 मिनट तक चली इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद देश और महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया। हालांकि, सुप्रिया सुले ने पहले ही साफ कर दिया था कि डीलिमिटेशन यानी परिसीमन विधेयक पर उनकी पार्टी का रुख स्पष्ट है और वे अपनी शर्तों व मांगों को ड्राफ्ट में शामिल किए बिना इसका समर्थन नहीं करेंगे।
परिसीमन पर चुप्पी, स्थानीय मुद्दों पर जोर
भले ही इस मुलाकात को लेकर विपक्षी खेमे 'इंडिया' गठबंधन में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक 20 मिनट की इस बातचीत में परिसीमन का मुद्दा सीधे तौर पर नहीं उठा। NCP-SP के सांसदों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों की ज्वलंत समस्याओं और विकास कार्यों को प्रधानमंत्री के समक्ष रखा। बीड से सांसद बजरंग सोनवणे ने सोलापुर स्थित उजनी बांध से बीड जिले के सूखाग्रस्त इलाकों तक पानी पहुंचाने की मांग रखी, ताकि स्थानीय किसानों और नागरिकों को राहत मिल सके।
रेलवे, एयरपोर्ट और किसानों की बात
बैठक में अन्य सांसदों ने भी अपने इलाकों की अहम मांगें उठाईं। शिरूर के सांसद अमोल कोल्हे ने नासिक-पुणे रेलवे लाइन से जुड़े विवाद और उसके जल्द निपटारे का विषय प्रधानमंत्री के सामने रखा। वहीं भिवंडी के सांसद बालू मामा म्हात्रे ने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम क्षेत्र के लोकप्रिय स्थानीय नेता डीबी पाटील के नाम पर रखने का आग्रह किया। इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र के किसानों की समस्याओं पर भी प्रधानमंत्री मोदी का ध्यान आकर्षित किया।
सत्ता पक्ष ने किया स्वागत, विपक्ष ने साधा निशाना
इस मुलाकात के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बयानों का दौर शुरू हो गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सुप्रिया सुले और उनकी पार्टी के सांसदों की प्रधानमंत्री से भेंट का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री देश के मुखिया हैं, इसलिए किसी भी दल के जनप्रतिनिधि का उनसे मिलना पूरी तरह स्वाभाविक है। दूसरी ओर, शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा कि सांसदों को अलग से समय मांगकर मिलना पड़ रहा है, क्योंकि संसद के भीतर संवाद का माहौल नहीं बन पा रहा है।
FCRA बिल का विरोध और शाम का भव्य जमावड़ा
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि बंद कमरे में परिसीमन को लेकर भी बात हुई होगी, लेकिन सुप्रिया सुले ने एक अन्य बड़े मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने प्रस्तावित FCRA विधेयक का पुरजोर विरोध करते हुए इसे वापस लेने या JPC (संयुक्त संसदीय समिति) को भेजने की मांग की। दिनभर की इस राजनीतिक सरगर्मी के बीच शाम को सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले के जनपथ स्थित आवास पर एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन हुआ, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही खेमों के दिग्गज नेताओं का तांता लगा रहा।


