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POSCO के बाद भी स्वतंत्र भारद्वाज को कैसे मिली जमानत? समझिए क्या है पूरा खेल
Swatantra Bhardwaj Bail: POCSO समेत 5 धाराओं में FIR दर्ज होने के बावजूद स्वतंत्र भारद्वाज को जमानत कैसे मिल गई? जानिए कौन-सी धाराएं जमानती हैं और पूरे मामले में कानून का क्या पेच है।
Swatantra Bhardwaj Bail: जंतर-मंतर पर हुए हाई-प्रोफाइल विवाद और हाथापाई के कारण लगातार सुर्खियों में बने हुए स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। यूपी के बुलंदशहर से पुलिस द्वारा दबोचे जाने के बाद अब उनके खिलाफ एक और नया और गंभीर मामला दर्ज कर लिया गया है। इस नई शिकायत में नाबालिग से जुड़े यौन उत्पीड़न, पीछा करने, धमकी देने और इंटरनेट पर आपत्तिजनक सामग्री से जुड़ी धाराएं शामिल की गई हैं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि नए मामले में लगाई गई सभी धाराएं कानूनन जमानती होने की वजह से उन्हें फिलहाल तत्काल जेल जाने से राहत मिल गई है।
सांसद चंद्रशेखर आजाद पहुंचे थे थाने
इस पूरे घटनाक्रम में नया मोड़ तब आया जब नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद खुद पीड़ित परिवार की नाबालिग बेटी के साथ संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे। पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने पोक्सो एक्ट, भारतीय न्याय संहिता और आईटी कानून की गंभीर धाराओं में नया प्रकरण दर्ज कर लिया। इससे पहले पटियाला हाउस अदालत ने जंतर-मंतर मारपीट मामले में आरोपी को एक दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेजा था। पुलिस अब नए आरोपों और सोशल मीडिया पर की गई गतिविधियों को केंद्र में रखकर जांच को आगे बढ़ा रही है।
कानून की 5 धाराओं में फंसा मामला
नई प्राथमिकी में कुल पांच अलग-अलग धाराएं जोड़ी गई हैं। इनमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 78 किसी महिला का लगातार पीछा करने से संबंधित है, जबकि धारा 79 महिला के सम्मान को आघात पहुंचाने के कृत्य पर लागू होती है। इन दोनों में तीन वर्ष तक के कारावास का नियम है।
इसके अलावा आपराधिक रूप से डराने-धमकाने के लिए धारा 351 लगाई गई है। बच्चों की सुरक्षा से जुड़े पोक्सो कानून की धारा 12 के तहत नाबालिग के उत्पीड़न का आरोप है। वहीं डिजिटल माध्यमों पर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के लिए आईटी एक्ट की धारा 67 भी जोड़ी गई है, जिसमें भारी जुर्माने के साथ 5 साल तक की कैद का कड़ा प्रावधान मौजूद है।
कैसे बढ़ता गया पूरा विवाद
इस पूरे सियासी और सामाजिक बवाल की शुरुआत कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा से हुई थी। उस दौरान संजय आजाद के साथ गंभीर मारपीट का मामला सामने आया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हुआ, जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज कथित तौर पर सिर फोड़ने और दर्जनों टांके आने की बात बोलते सुने गए थे।
वीडियो के सार्वजनिक होते ही जनाक्रोश बढ़ गया और पुलिस को त्वरित कदम उठाना पड़ा। इस बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी अपने नाम का गलत इस्तेमाल किए जाने पर नाराजगी जताते हुए सख्त लहजे में कानूनी कदम उठाने की बात कही थी। फिलहाल पुलिस सभी कड़ियों को जोड़कर विस्तृत जांच में जुटी हुई है।


