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स्वतंत्र भारद्वाज पर POCSO, SC/ST में FIR, पुलिस से बचने के लिए भागा, बुलंदशहर से फिर ऐसे दबोचा गया
Swatantra Bhardwaj Latest News: स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने बुलंदशहर से हिरासत में लिया। POCSO में नई FIR और SC/ST Act की धाराएं जुड़ीं। जानें पूरा अपडेट।
Swatantra Bhardwaj Latest News: जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के दौरान छात्रा कार्यकर्ता के पिता संजय कुमार पर कथित हमले के मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज पर पुलिस का शिकंजा कस गया है। दिल्ली पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब CJP प्रतिनिधियों और समर्थकों ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर जोरदार प्रदर्शन कर उसकी गिरफ्तारी की मांग की थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कार्रवाई का भरोसा दिया था और इसके कुछ ही घंटों बाद भारद्वाज को यूपी में ट्रेस कर लिया गया।
मामले में अब एक और बड़ा कानूनी मोड़ आया है। नाबालिग से जुड़े आरोपों को लेकर POCSO एक्ट के तहत नई FIR दर्ज की गई है, जबकि पहले दर्ज मामले में SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं जोड़ी गई हैं। कुछ रिपोर्टों में मूल मामले में हत्या के प्रयास से संबंधित BNS की धारा 109 लगाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
CJP के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने दिया था 72 घंटे का भरोसा
शुक्रवार को CJP के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका समेत समर्थक पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे थे। उनके साथ प्रदर्शन में सांसद चंद्रशेखर आजाद और पप्पू यादव समेत अन्य राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी की भी रिपोर्ट सामने आई।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से सवाल किया कि वायरल वीडियो सामने आने के बावजूद स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई। CJP ने आरोपी के खिलाफ सख्त धाराएं लगाने और गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद पुलिस की ओर से आरोपी को 72 घंटे के भीतर पकड़ने का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई।
इसके बाद शुक्रवार को ही दिल्ली पुलिस ने बुलंदशहर में कार्रवाई कर भारद्वाज को पकड़ लिया।
पुलिस के दबाव के बीच बुलंदशहर पहुंचा स्वतंत्र भारद्वाज
पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए भारद्वाज के बुलंदशहर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि वह शुक्रवार तड़के नैथला गांव पहुंचा और वहां एक कैब ड्राइवर हरिशंकर शर्मा के घर रुका।
हरिशंकर शर्मा के मुताबिक, भारद्वाज अपने एक साथी के साथ सुबह उनके घर आया था। दोपहर में गांव में मीडिया की मौजूदगी बढ़ने के बाद उसने बाइक मांगी और कुछ देर में लौटने की बात कहकर वहां से निकल गया।
इसके कुछ ही समय बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम सादे कपड़ों में इलाके में पहुंची और भारद्वाज को धमेड़ा नारा गांव से हिरासत में ले लिया।
स्थानीय पुलिस को पहले से नहीं दी गई थी जानकारी?
सिकंदराबाद के सीओ दीपक कुमार के अनुसार, दिल्ली पुलिस की टीम ने स्थानीय थाने में पहले से कोई सूचना दर्ज कराए बिना कार्रवाई की। दिल्ली पुलिस की टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
वायरल वीडियो ने बढ़ाया था विवाद
मामले की शुरुआत उस वीडियो से हुई जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज ने कथित तौर पर जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान छात्रा निष्ठु/निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमला करने की बात कही थी।
वायरल क्लिप में उसने कथित तौर पर दावा किया कि उसने संजय कुमार का “सिर फोड़ दिया” और राजनीतिक संपर्कों के कारण उसे जेल नहीं जाना पड़ा। इसी दावे के बाद CJP और अन्य लोगों ने उसकी गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी।
हालांकि, बाद में भारद्वाज की ओर से इस घटना को आत्मरक्षा में किया गया कदम बताया गया। इस दावे की भी जांच पुलिस के स्तर पर की जा रही है।
60 टांके लगाने के दावे पर भी उठे सवाल
वायरल वीडियो में संजय कुमार को गंभीर चोट पहुंचाने और बड़ी संख्या में टांके लगने जैसे दावे सामने आए थे। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी में चोट को लेकर अलग तस्वीर बताई गई है। पुलिस ने कथित तौर पर इसे साधारण सिर की चोट बताया और गंभीर खोपड़ी फ्रैक्चर के दावे पर सवाल उठाए।
यही वजह है कि अब पुलिस के लिए वायरल वीडियो में किए गए दावों और मेडिकल रिकॉर्ड समेत सभी साक्ष्यों का मिलान करना अहम होगा।
नाबालिग को धमकी का आरोप, POCSO में नई FIR
मामले का सबसे बड़ा नया अपडेट POCSO Act के तहत नई FIR है। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग से संबंधित शिकायत के आधार पर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ POCSO कानून के तहत नया मामला दर्ज किया गया है। साथ ही पहले से दर्ज केस में SC/ST Act की धाराएं जोड़ी गई हैं।
पीड़ित पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया है कि मामले के बाद नाबालिग को सोशल मीडिया पर गालियों और धमकियों का सामना करना पड़ा। पुलिस अब इन आरोपों की भी जांच कर रही है।
गिरफ्तारी हुई या सिर्फ हिरासत? जानिए अभी की स्थिति
यहां एक महत्वपूर्ण कानूनी अपडेट है। 4 सितंबर की अलग-अलग रिपोर्ट्स में स्वतंत्र भारद्वाज को “detained”, “apprehended” और “held” बताया गया है। वहीं एक ANI रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस के हवाले से कहा गया कि उस समय तक उसकी औपचारिक गिरफ्तारी नहीं हुई थी। इसलिए फिलहाल खबर में “बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया” कहना अधिक सटीक है।
अब पुलिस उससे पूछताछ कर सकती है और जांच में वायरल वीडियो, कथित हमला, नाबालिग को दी गई धमकियों तथा उसके खिलाफ दर्ज विभिन्न धाराओं से जुड़े साक्ष्यों को शामिल किया जा सकता है।
CJP प्रदर्शन के बाद तेज हुई पुलिस कार्रवाई
पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा बदलाव शुक्रवार को देखने को मिला। सुबह CJP समर्थक पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे, दिनभर पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बनाया गया और पुलिस की ओर से 72 घंटे के भीतर आरोपी को पकड़ने का भरोसा दिया गया। इसके बाद यूपी में पुलिस कार्रवाई हुई और भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया गया।
अब इस मामले में अगली नजर पुलिस की औपचारिक गिरफ्तारी, पूछताछ और अदालत में पेशी पर है।


