TRENDING TAGS :
'अपनी माँ से पूछो...' CM विजय की मां पर टिप्पणी में तमिलनाडु BJP अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज
'अपनी माँ से पूछो...' CM विजय की मां पर टिप्पणी में तमिलनाडु BJP अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज
Nainar Nagendran CM Vijay Mother Remark: तमिलनाडु में सत्तारूढ़ सरकार और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव एक बार फिर निजी टिप्पणियों तक पहुंच गया है। तमिलनाडु BJP अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी मां को लेकर कथित बयान के खिलाफ राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) के पास शिकायत दर्ज कराई गई है।
शिकायतकर्ता ने नागेंद्रन की टिप्पणी को अपमानजनक और मानहानिकारक बताते हुए मामले की जांच और लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है। साथ ही जिस कार्यक्रम में यह टिप्पणी की गई, उसकी ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है, ताकि डिजिटल साक्ष्य नष्ट न हो।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद शनिवार को चेन्नई स्थित BJP के राज्य मुख्यालय कमलालयम में नैनार नागेंद्रन की टिप्पणी से शुरू हुआ। नागेंद्रन मुख्यमंत्री विजय के विधानसभा में दिए गए भाषण पर प्रतिक्रिया दे रहे थे।
विजय ने विधानसभा में 'कुट्टी कथई' (छोटी कहानी) के जरिए DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन पर राजनीतिक कटाक्ष किया था। इसी दौरान उन्होंने 'पिता' को लेकर एक संदर्भ दिया था।
नागेंद्रन ने विजय की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर किसी को यह जानने की चिंता है कि उसका 'पिता कहां है', तो उसे विधानसभा में जवाब तलाशने के बजाय अपनी मां से पूछना चाहिए। यही टिप्पणी अब राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई है।
शिकायत में क्या मांग की गई?
DGP को दी गई शिकायत में नागेंद्रन की टिप्पणी की जांच करने और संबंधित कानूनों के तहत आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से कार्यक्रम की उपलब्ध वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग को सुरक्षित करने का अनुरोध भी किया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री और उनकी मां को लेकर की गई टिप्पणी राजनीतिक आलोचना की सीमा से आगे जाकर व्यक्तिगत और मानहानिकारक प्रकृति की थी।
विजय के 'कुट्टी कथई' से शुरू हुआ था मामला
दरअसल, इस विवाद की जड़ अप्रैल 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद की राजनीतिक बयानबाजी में है। चुनाव में DMK को झटका लगा था और विजय ने विधानसभा में एक 'कुट्टी कथई' सुनाते हुए उदयनिधि स्टालिन के पिता के संदर्भ में मजाकिया टिप्पणी की थी।
इस टिप्पणी को एमके स्टालिन पर कटाक्ष के तौर पर देखा गया। DMK समेत कई राजनीतिक दलों ने विजय के बयान की आलोचना की।
स्टालिन ने पलटवार करते हुए कहा था कि भले ही वह अब विधानसभा में नहीं हैं, लेकिन लोगों के दिलों में उनकी जगह बनी हुई है।
BJP के अंदर से भी नागेंद्रन की आलोचना
नागेंद्रन की टिप्पणी के बाद विवाद केवल BJP और विजय समर्थकों के बीच नहीं रहा। तमिलनाडु सरकार के मंत्री ए. राजमोहन ने इसे 'असभ्य और अनुचित' बताया।
उन्होंने कहा कि विजय लगातार अपने सहयोगियों से राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने की अपील करते रहे हैं और उकसावे तथा व्यक्तिगत हमलों के बावजूद राजनीतिक भाषा की सीमाएं नहीं लांघनी चाहिए।
सबसे अहम प्रतिक्रिया पूर्व तमिलनाडु BJP अध्यक्ष के. अन्नामलाई की ओर से आई। अन्नामलाई ने नागेंद्रन की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को सरकार की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है, लेकिन किसी राजनीतिक नेता के परिवार—खासकर उसकी मां—को व्यक्तिगत हमलों में घसीटना राजनीतिक शिष्टाचार की सीमा पार करना है।
अन्नामलाई ने इसे राजनीति का 'प्रतिगामी' और 'थर्ड-रेट' तरीका करार दिया और कहा कि युवा पीढ़ी के सामने इस तरह की राजनीति को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।
विजय बनाम BJP: अब लड़ाई निजी होती जा रही है?
तमिलनाडु की राजनीति में विजय की एंट्री के बाद राजनीतिक मुकाबला पहले ही दिलचस्प हो चुका है। विधानसभा के भीतर विजय का DMK पर कटाक्ष और उसके जवाब में BJP की तीखी प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि आने वाले समय में विजय, DMK और BJP के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।
हालांकि, इस पूरे विवाद में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राजनीतिक कटाक्ष की सीमा परिवार और निजी रिश्तों तक पहुंचनी चाहिए? नागेंद्रन की टिप्पणी पर शिकायत और अन्नामलाई की सार्वजनिक आलोचना ने BJP के भीतर भी इस बहस को हवा दे दी है।
फिलहाल शिकायत पर पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई का इंतजार है।


