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Tamil Nadu Exit Poll: क्या स्टालिन की होगी वापसी या इस बार बदल जाएगा पूरा खेल?
Tamil Nadu Exit Poll 2026: तमिलनाडु 2026 चुनाव में स्टालिन की वापसी संभव, लेकिन अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन और विजय की टीवीके ने मुकाबले को बना दिया बेहद रोमांचक।
Tamil Nadu Election Result 2026 Stalin Aiadmk BJP Vijay TVKS Winning Seats Analysis
Tamil Nadu Exit Poll: 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के संदर्भ में राजनीतिक परिदृश्य अब एक नए मूल्यांकन चरण में प्रवेश कर चुका है। इस मूल्यांकन में बीते पांच वर्षों का हिसाब किताब भी शामिल है। सबसे पहले देखते हैं 2021 के चुनाव को। वह चुनाव द्रमुक के लिए कई अनुकूल कारकों का संगम था जिसमें सत्ता-विरोधी लहर, जे. जयललिता के बाद अन्नाद्रमुक में नेतृत्व का संकट, मजबूत भाजपा-विरोधी भावना, सामाजिक न्याय के मुद्दों की वापसी और एम. के. स्टालिन के नेतृत्व की बढ़ती स्वीकार्यता ने मिलकर उसके पक्ष में व्यापक जनसमर्थन तैयार किया था।
2021 से 2026 तक कैसे बदल गई तमिलनाडु की राजनीतिक तस्वीर?
इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में द्रमुक गठबंधन ने 39 में से 39 सीटें जीतकर अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत किया और एक निर्णायक मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल की। लेकिन 2026 के विधानसभा चुनाव की स्थिति अलग है, क्योंकि अब वही मतदाता द्रमुक को एक नए विकल्प की तरह नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ सरकार के प्रदर्शन के आधार पर आंक रहा है।
इस बदलाव के चलते अब असली बहस इस पर केंद्रित हो गई है कि क्या द्रमुक की कल्याणकारी योजनाएँ, प्रशासनिक दक्षता, कानून-व्यवस्था, रोजगार सृजन, स्थानीय विकास और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप उसे फिर से पूर्ण जनादेश दिलाने के लिए पर्याप्त हैं। नतीजतन, राजनीतिक बढ़त अभी भी द्रमुक के पास बनी हुई है, लेकिन 2021 जैसी एकतरफा लहर अब अपेक्षाकृत नियंत्रित और संतुलित दिखाई देती है।
अन्नाद्रमुक-भाजपा-पीएमके गठबंधन से कैसे बदला पूरा समीकरण?
2024 लोकसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक और भाजपा अलग-अलग लड़े थे। उसका बड़ा नुकसान यह हुआ कि द्रमुक-विरोधी वोट विभाजित हो गया और द्रमुक गठबंधन ने पूरे राज्य में लगभग क्लीन स्वीप कर दिया। 2026 में अन्नाद्रमुक, भाजपा, पीएमके और एएमएमके जैसे दलों का एक मंच पर आना विपक्ष को फिर से संगठित करने की कोशिश रही है। इससे पश्चिम में अन्नाद्रमुक का गाउंडर आधार, उत्तर में पीएमके का वन्नियार आधार, दक्षिण में एएमएमके-दिनाकरन का थेवर असर और शहरी सीटों पर भाजपा का छोटा लेकिन प्रभावी वोट एक साथ आने की संभावना बनी है। यही बदलाव 2026 को 2024 जैसा एकतरफा चुनाव नहीं रहने देता।
विजय की टीवीके बनी ‘गेम चेंजर’, किसका वोट काटेगी सबसे ज्यादा?
तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से द्रमुक बनाम अन्नाद्रमुक की धुरी पर चलती रही है। लेकिन विजय की ‘टीवीके’ ने इस चुनाव में तीसरी भावनात्मक और युवा-आकर्षक धुरी खड़ी कर दी है। यह जरूरी नहीं कि टीवीके बहुत सीटें जीत जाए। लेकिन उसका वोट 25–35 सीटों पर हार-जीत का अंतर बदल सकता है। खासकर शहरी युवा, पहली बार वोट देने वाले, द्रविड़ दलों से ऊबे मतदाता और व्यक्तित्व-आधारित राजनीति की ओर झुकने वाले वर्गों में विजय का असर दिखाई देता है। यही कारण है कि चुनावी विश्लेषण में सबसे बड़ा सवाल यह बन गया है कि विजय का वोट द्रमुक को काटेगा, अन्नाद्रमुक को काटेगा, या दोनों में अलग-अलग क्षेत्रों में अलग असर डालेगा?
भारी मतदान का क्या मतलब - सत्ता विरोध या सरकार समर्थक लहर?
इस बार के भारी मतदान प्रतिशत ने चुनाव को और खुला बना दिया है क्योंकि तमिलनाडु जैसे राज्य में उच्च मतदान कभी-कभी सत्ता-विरोधी संकेत भी हो सकता है और कभी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी वर्ग की सक्रियता भी।
भारी मतदान को द्रमुक यह कहकर पढ़ रही है कि योजनाओं के लाभार्थी और संशोधित मतदाता सूची के आधार पर उसका सामाजिक समर्थन सक्रिय हुआ है।जबकि अन्नाद्रमुक इसे सत्ता-विरोधी आक्रोश का संकेत बता रही है। अन्नाद्रमुक नेता ई.के. पलानीस्वामी ने भारी मतदान को सरकार-विरोधी भावना से जोड़ा है।
कल्याणकारी योजनाएँ बनाम ‘लाभार्थी राजनीति’द्रमुक का सबसे बड़ा आधार उसकी कल्याणकारी राजनीति है लेकिन 2026 में विपक्ष ने भी कल्याणकारी वादों की प्रतिस्पर्धा तेज कर दी है। अन्नाद्रमुक-नीत गठबंधन ने प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता, परिवारों को राहत, रोजगार और प्रशासनिक सुधार जैसे मुद्दे उठाए। टीवीके ने भी प्रत्यक्ष लाभ और नई राजनीति का वादा किया। इससे द्रमुक की योजनाएँ अब अकेली निर्णायक पूँजी नहीं रहीं। मतदाता अब तुलना कर रहा है कि किसकी सहायता अधिक भरोसेमंद, स्थायी और लागू करने योग्य है।
क्षेत्रीय असमानता से कमजोर हुई राज्यव्यापी लहर
तमिलनाडु में एक ही तरह की हवा पूरे राज्य में नहीं चली। चेन्नई और उत्तर में द्रमुक को शहरी नेटवर्क, अल्पसंख्यक समर्थन, दलित वोट और कल्याणकारी लाभ का सहारा है। डेल्टा में कावेरी, किसान, द्रविड़ परंपरा और द्रमुक संगठन मजबूत हैं। लेकिन पश्चिम का कोंगु क्षेत्र आज भी अन्नाद्रमुक की रीढ़ है, जहाँ पलानीस्वामी का सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव बना हुआ है। दक्षिण तमिलनाडु में थेवर, नादर, दलित, मुस्लिम, ईसाई और स्थानीय नेताओं के कारण मुकाबला बहुत सीट-दर-सीट हो गया। इसलिए 2026 में कोई एकल राज्यव्यापी लहर साफ नहीं दिखी। बल्कि चार अलग-अलग चुनाव साथ-साथ चलते दिखे।
जातीय समीकरण ने कई सीटों को बनाया ‘टॉस-अप’
उत्तर तमिलनाडु में वन्नियार बनाम दलित समीकरण निर्णायक है। पीएमके के अन्नाद्रमुक खेमे में आने से अन्नाद्रमुक को उत्तर में नई संभावना मिली लेकिन वीसीके और द्रमुक के साथ दलित-सामाजिक न्याय की धुरी भी मजबूत है। पश्चिम में गाउंडर आधार अन्नाद्रमुक की शक्ति है। दक्षिण में थेवर वोट पर ओपीएस, दिनाकरन, शशिकला परंपरा और अन्नाद्रमुक के बीच खिंचाव है। नादर और ईसाई मतदाता कन्याकुमारी-तिरुनेलवेली पट्टी में अलग असर रखते हैं। इस तरह जातीय समीकरण किसी एक गठबंधन की जेब में पूरी तरह बंद नहीं हैं। यही कारण है कि 25–35 सीटें ऐसी दिखती हैं जहाँ जातीय छोटे बदलाव से नतीजा उलट सकता है।”
मुकाबले पर भाजपा का असर
तमिलनाडु में भाजपा अभी सत्ता की मुख्य दावेदार नहीं है लेकिन उसका असर नगण्य भी नहीं है। भाजपा अन्नाद्रमुक गठबंधन में शहरी सीटों, कोयंबटूर क्षेत्र, दक्षिण के कुछ इलाकों और हिंदुत्व-समर्थक मध्यमवर्गीय मतों को जोड़ रही है। इससे अन्नाद्रमुक गठबंधन को कुछ सीटों पर अतिरिक्त ऊर्जा मिलती दिखती है। लेकिन यही भाजपा-उपस्थिति कुछ जगह द्रमुक को भी लाभ देती है, क्योंकि द्रमुक इसे तमिल पहचान, राज्य-अधिकार और केंद्र-विरोध की राजनीति में बदल देती है। इसलिए भाजपा तमिलनाडु में दोहरी भूमिका निभा रही है - कुछ सीटों पर सहयोगी, कुछ जगह बोझ, और कई जगह चुनावी ध्रुवीकरण का कारण।
सीट-बँटवारा ने कई सुरक्षित सीटों को बनाया प्रतिस्पर्धी
इस बार दोनों बड़े द्रविड़ दलों ने कई सीटें अपने सहयोगियों को दीं। जहाँ मुख्य दल के प्रतीक के बजाय सहयोगी उम्मीदवार मैदान में हैं, वहाँ स्थानीय कार्यकर्ता-ऊर्जा, मत-हस्तांतरण और उम्मीदवार की स्वीकार्यता बहुत महत्त्वपूर्ण हो गई है। कुछ सीटों पर द्रमुक या अन्नाद्रमुक ने अपनी जीती हुई या मजबूत सीट भी सहयोगी को दी, जिससे मुकाबला अचानक खुल गया। ऐसे क्षेत्रों में मतदाता पार्टी, प्रतीक, उम्मीदवार और गठबंधन के बीच अलग-अलग सोच सकता है। यही कारण है कि 2026 में कई सीटें केवल राज्यव्यापी रुझान से तय नहीं होंगी, बल्कि स्थानीय गठबंधन-प्रबंधन से तय होंगी।
सीमित सत्ता-विरोधी भावना पर अनुपस्थित नहीं
द्रमुक के खिलाफ व्यापक जनाक्रोश जैसी स्थिति नहीं दिखी है इसलिए लगता है कि उसे अब भी बढ़त प्राप्त है। लेकिन स्थानीय स्तर पर सड़क, जलनिकासी, प्रदूषण, नगरीय सेवाएँ, रोजगार, कीमतें, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार के आरोप और कुछ जगह प्रशासनिक दूरी जैसे मुद्दे हैं। यही सीमित सत्ता-विरोधी भावना द्रमुक को बहुमत से बाहर नहीं धकेलती, पर उसकी सीट संख्या कम कर सकती है। 2021 में द्रमुक के पक्ष में जो भावनात्मक परिवर्तन था, वह अब 2026 में व्यावहारिक मूल्यांकन में बदल गया है। मतदाता यह पूछ रहा है कि योजनाएँ मिलीं, लेकिन रोज़मर्रा की व्यवस्था कितनी सुधरी।
अन्नाद्रमुक की वापसी की कोशिश
जयललिता के बाद अन्नाद्रमुक लंबे समय तक नेतृत्व-संकट और गुटबाज़ी से जूझती रही। 2026 में ई. पलानीस्वामी ने स्वयं को स्पष्ट मुख्यमंत्री चेहरा और पश्चिमी सामाजिक आधार का केंद्र बनाकर पेश किया है। भाजपा, पीएमके और एएमएमके से गठबंधन ने उन्हें व्यापक विपक्षी मंच दिया। इससे अन्नाद्रमुक पूरी तरह निष्क्रिय विपक्ष नहीं दिखती। बल्कि एक संगठित चुनौती के रूप में लौटती दिखाई देती है। यही कारण है कि द्रमुक की बढ़त के बावजूद मुकाबला खुला हुआ माना जा रहा है।
द्रमुक की वापसी संभव पर प्रचंड बहुमत कठिन
2021 की द्रमुक-लहर 2026 में बहुध्रुवीय, जातीय, क्षेत्रीय और कल्याणकारी मूल्यांकन वाले चुनाव में बदल गई। द्रमुक अभी भी सबसे आगे दिखती है, क्योंकि उसके पास कल्याणकारी योजनाएँ, गठबंधन की चौड़ाई, अल्पसंख्यक-दलित समर्थन और डेल्टा-चेन्नै की मजबूत जमीन है। लेकिन अन्नाद्रमुक-भाजपा-पीएमके-एएमएमके गठबंधन ने विपक्षी वोट को फिर से संगठित किया है, विजय की टीवीके ने युवा और नाराज़ मत को नया रास्ता दिया है।और कई क्षेत्रों में जातीय समीकरणों ने सुरक्षित सीटों को भी प्रतिस्पर्धी बना दिया। इसलिए अंतिम तस्वीर यह है कि द्रमुक की वापसी संभव दिखती है, पर 2021 जैसा प्रचंड बहुमत कठिन है। अन्नाद्रमुक की वापसी पूर्ण नहीं, पर उसकी चुनौती वास्तविक है; और टीवीके-एनटीके जैसी ताकतें सीट कम लेकर भी नतीजों की दिशा बदल सकती हैं।
यह आधिकारिक नतीजा नहीं, बल्कि मतदान के बाद का चुनावी ‘प्रक्षेपण’ है। मतगणना 04.05.2026 को होनी है और जनादेश उसी दिन पता चलेगा।
गठबंधन और वोट-सीट अनुमान
द्रमुक-नीत मोर्चा (द्रमुक, कांग्रेस, डीएमडीके, वीसीके, वाम दल, मुस्लिम लीग आदि)
अनुमानित वोट : 42–45%, सीट : 132–148
अन्नाद्रमुक-नीत गठबंधन (अन्नाद्रमुक, भाजपा, पीएमके, एएमएमके और अन्य सहयोगी)
अनुमानित वोट : 34–37%, सीट : 78–96
टीवीके
अनुमानित वोट : 8–11%, सीट : 0–4
नाम तमिऴर कच्ची
अनुमानित वोट: 6–8%, सीट : 0–1
अन्य
अनुमानित वोट : 2–3%, सीट : 0–2।
234 सीटों का गणित: कौन कहां आगे, कौन फंसा मुकाबले में?
नीचे ‘पक्का’ का अर्थ है साफ बढ़त। ‘झुकाव’ का अर्थ है बढ़त। लेकिन जोखिम, और ‘टॉस-अप’ का अर्थ है अंतिम गिनती तक अनिश्चित सीट।
उत्तर और चेन्नै क्षेत्र
1. गुम्मिडीपोंडी — द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
2. पोननेरी — द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
3. तिरुत्तनी — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
4. तिरुवल्लूर — द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
5. पूनमल्ली — द्रमुक मोर्चा — पक्का।
6. अवडी — द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
7. मदुरावोयल — द्रमुक मोर्चा — टॉस-अप।
8. अंबत्तूर — द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
9. माधवरम — द्रमुक मोर्चा — पक्का।
10. तिरुवोट्टियूर — द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
11. आर. के. नगर — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
12. पेरंबूर — द्रमुक मोर्चा — पक्का।
13. कोलाथुर — द्रमुक — पक्का।
14. विल्लीवक्कम — द्रमुक — पक्का।
15. तिरु-वि-का-नगर — द्रमुक — पक्का।
16. एग्मोर — द्रमुक — पक्का।
17. रॉयपुरम — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
18. हार्बर — द्रमुक — पक्का।
19. चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी — द्रमुक — पक्का।
20. थाउज़ंड लाइट्स — द्रमुक — पक्का।
21. अन्ना नगर — द्रमुक — झुकाव।
22. विरुगम्बक्कम — द्रमुक — झुकाव।
23. सैदापेट — द्रमुक — पक्का।
24. त्यागराय नगर — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
25. मायलापुर — भाजपा/अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
26. वेलाचेरी — द्रमुक मोर्चा — टॉस-अप।
27. शोलिंगनल्लूर — द्रमुक — झुकाव।
28. आलंदूर — द्रमुक — झुकाव।
29. श्रीपेरंबुदूर — कांग्रेस/द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
30. पल्लावरम — द्रमुक मोर्चा — टॉस-अप।
31. तांबरम — द्रमुक — झुकाव।
32. चेंगलपट्टू — द्रमुक — झुकाव।
33. तिरुपोरूर — द्रमुक मोर्चा — टॉस-अप।
34. चेय्यूर — द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
35. मदुरांतकम — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
36. उथिरामेरूर — द्रमुक — टॉस-अप।
37. कांचीपुरम — द्रमुक — झुकाव।
38. अरक्कोनम — द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
39. शोलिंगुर — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
40. काटपाडी — द्रमुक — झुकाव।
41. रानीपेट — द्रमुक — टॉस-अप।
42. आर्कोट — द्रमुक — झुकाव।
43. वेल्लोर — द्रमुक — पक्का।
44. अणैकट्टू — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
45. किलवैथिननकुप्पम — द्रमुक — झुकाव।
46. गुडियात्तम — द्रमुक — झुकाव।
47. वानीयंबाडी — द्रमुक मोर्चा — पक्का।
48. आंबूर — द्रमुक मोर्चा — पक्का।
49. जोलारपेट — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
50. तिरुपत्तूर — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
51. उथंगरई — अन्नाद्रमुक गठबंधन — झुकाव।
52. बरगुर — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
53. कृष्णगिरी — अन्नाद्रमुक गठबंधन — झुकाव।
54. वेप्पनहल्ली — अन्नाद्रमुक गठबंधन — झुकाव।
55. होसुर — द्रमुक मोर्चा — टॉस-अप।
56. थल्ली — अन्नाद्रमुक गठबंधन — झुकाव।
57. पालकोड — अन्नाद्रमुक गठबंधन — पक्का।
58. पेनागरम — पीएमके/अन्नाद्रमुक गठबंधन — झुकाव।
59. धर्मपुरी — पीएमके/अन्नाद्रमुक गठबंधन — झुकाव।
60. पाप्पिरेड्डिपट्टी — अन्नाद्रमुक गठबंधन — झुकाव।
61. हरूर — अन्नाद्रमुक गठबंधन — झुकाव।
62. चेंगम — द्रमुक — झुकाव।
63. तिरुवन्नामलाई — द्रमुक — पक्का।
64. किलपेनाथुर — द्रमुक — झुकाव।
65. कलसपक्कम — द्रमुक — टॉस-अप।
66. पोलूर — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
67. अरानी — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
68. चेय्यार — द्रमुक — झुकाव।
69. वंदावासी — द्रमुक — झुकाव।
70. गिंजी — द्रमुक — टॉस-अप।
71. मैलम — अन्नाद्रमुक/पीएमके — टॉस-अप।
72. तिंडीवनम — पीएमके/अन्नाद्रमुक — टॉस-अप।
73. वानूर — द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
74. विलुप्पुरम — द्रमुक — पक्का।
75. विक्रवांडी — द्रमुक — झुकाव।
76. तिरुकोयिलुर — द्रमुक — झुकाव।
77. उलुंदरपेट्टई — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
78. ऋषिवंदियम — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
79. शंकरापुरम — द्रमुक — झुकाव।
80. कल्लाकुरिची — द्रमुक — झुकाव।
पश्चिम और कोंगु क्षेत्र
81. गंगावली — अन्नाद्रमुक गठबंधन — झुकाव।
82. आत्तूर — अन्नाद्रमुक गठबंधन — झुकाव।
83. येरकौड — अन्नाद्रमुक गठबंधन — झुकाव।
84. ओमलूर — अन्नाद्रमुक — पक्का।
85. मेट्टूर — अन्नाद्रमुक — झुकाव।
86. एडप्पाडी — अन्नाद्रमुक — पक्का।
87. संकरी — अन्नाद्रमुक — झुकाव।
88. सलेम पश्चिम — अन्नाद्रमुक — झुकाव।
89. सलेम उत्तर — अन्नाद्रमुक — झुकाव।
90. सलेम दक्षिण — अन्नाद्रमुक — झुकाव।
91. वीरापांडी — अन्नाद्रमुक — पक्का।
92. रासीपुरम — अन्नाद्रमुक गठबंधन — झुकाव।
93. सेंथमंगलम — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।94. नामक्कल — अन्नाद्रमुक — झुकाव।
95. परमथी-वेलूर — अन्नाद्रमुक — झुकाव।
96. तिरुचेंगोडु — द्रमुक मोर्चा — टॉस-अप।
97. कुमारपालयम — अन्नाद्रमुक — झुकाव।
98. इरोड पूर्व — द्रमुक — झुकाव।
99. इरोड पश्चिम — अन्नाद्रमुक — टॉस-अप।
100. मोडक्कुरिची — भाजपा/अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
101. धारापुरम — द्रमुक मोर्चा — टॉस-अप।
102. कांगयम — अन्नाद्रमुक — झुकाव।
103. पेरुंदुरई — अन्नाद्रमुक — झुकाव।
104. भवानी — अन्नाद्रमुक — झुकाव।
105. अंथियूर — द्रमुक — टॉस-अप।
106. गोबीचेट्टीपालयम — अन्नाद्रमुक — झुकाव।
107. भवानीसागर — अन्नाद्रमुक गठबंधन — झुकाव।108. उदगमंडलम — द्रमुक मोर्चा — टॉस-अप।
109. गुडलूर — द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
110. कुन्नूर — द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
111. मेट्टुपालयम — अन्नाद्रमुक गठबंधन — झुकाव।112. अविनाशी — भाजपा/अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
113. तिरुप्पुर उत्तर — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।114. तिरुप्पुर दक्षिण — द्रमुक — टॉस-अप।
115. पल्लदम — अन्नाद्रमुक — झुकाव।
116. सुलूर — अन्नाद्रमुक — झुकाव।
117. कवुंडमपालयम — भाजपा/अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
118. कोयंबटूर उत्तर — भाजपा/अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
119. थोंडामुथुर — अन्नाद्रमुक — पक्का।
120. कोयंबटूर दक्षिण — भाजपा/अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
121. सिंगनल्लूर — द्रमुक मोर्चा — टॉस-अप।
122. किनाथुकडवु — अन्नाद्रमुक — झुकाव।
123. पोलाची — अन्नाद्रमुक — झुकाव।
124. वालपरई — द्रमुक मोर्चा — टॉस-अप।
125. उदुमलैपेट्टई — अन्नाद्रमुक — झुकाव।
126. मडाथुकुलम — अन्नाद्रमुक — टॉस-अप।
मध्य, डेल्टा और कड्डलूर पट्टी।
127. पलानी — द्रमुक मोर्चा — टॉस-अप।
128. ओड्डनचत्रम — द्रमुक — पक्का।
129. आथूर — द्रमुक — झुकाव।
130. निलक्कोट्टई — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।131. नथम — अन्नाद्रमुक गठबंधन — झुकाव।
132. डिंडीगुल — द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
133. वेदसंदूर — द्रमुक — टॉस-अप।
134. अरवाकुरिची — द्रमुक — टॉस-अप।
135. करूर — द्रमुक — झुकाव।
136. कृष्णरायपुरम — द्रमुक — झुकाव।
137. कुलिथलाई — द्रमुक — झुकाव।
138. मनप्पारई — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
139. श्रीरंगम — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
140. तिरुचि पश्चिम — द्रमुक — झुकाव।
141. तिरुचि पूर्व — टीवीके/द्रमुक/अन्नाद्रमुक — टॉस-अप।
142. तिरुवेरुम्बुर — द्रमुक — झुकाव।
143. लालगुडी — द्रमुक — झुकाव।
144. मनाचनल्लूर — द्रमुक — टॉस-अप।
145. मुसिरी — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
146. थुरैयूर — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
147. पेरम्बलूर — द्रमुक — झुकाव।
148. कुन्नम — द्रमुक — झुकाव।
149. अरियालूर — द्रमुक — टॉस-अप।
150. जयकोंडम — द्रमुक — टॉस-अप।
151. तित्ताकुडी — द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
152. विरुधाचलम — अन्नाद्रमुक/पीएमके — टॉस-अप।
153. नेयवेली — द्रमुक — पक्का।
154. पनरुति — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
155. कड्डलूर — द्रमुक — झुकाव।
156. कुरिंजिपाडी — द्रमुक — झुकाव।
157. भुवनगिरी — द्रमुक — टॉस-अप।
158. चिदंबरम — द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
159. कट्टुमन्नारकोइल — द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
160. सिर्काझी — द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
161. मयिलादुथुरई — द्रमुक — झुकाव।
162. पूम्पुहार — द्रमुक — झुकाव।
163. नागपट्टिनम — द्रमुक मोर्चा — पक्का।
164. कीलवेलूर — द्रमुक मोर्चा — पक्का।
165. वेदारण्यम — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
166. तिरुथुराइपूंडी — द्रमुक मोर्चा — पक्का।
167. मन्नारगुडी — द्रमुक — पक्का।
168. तिरुवारूर — द्रमुक — पक्का।
269. नन्निलम — द्रमुक — झुकाव।
270. तिरुविदैमरतुर — द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
171. कुंभकोणम — द्रमुक — पक्का।
172. पापनासम — द्रमुक — झुकाव।
173. तिरुवैयारु — द्रमुक — पक्का।
174. तंजावुर — द्रमुक — झुकाव।
175. ओराथानाडु — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।176. पट्टुकोट्टई — द्रमुक — टॉस-अप।
177. पेरावुरानी — द्रमुक — झुकाव।
178. गंधर्वकोट्टई — द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
179. विरालिमलाई — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
180. पुदुकोट्टई — द्रमुक — झुकाव।
181. तिरुमयम — द्रमुक — झुकाव।
182. आलंगुडी — द्रमुक — झुकाव।
183. अरंथांगी — द्रमुक — टॉस-अप।
दक्षिण तमिलनाडु।
184. करैकुडी — द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
185. तिरुप्पत्तूर — द्रमुक — टॉस-अप।
186. शिवगंगा — द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
187. मानामदुरई — द्रमुक मोर्चा — टॉस-अप।
188. मेलूर — अन्नाद्रमुक गठबंधन — झुकाव।
189. मदुरै पूर्व — द्रमुक — झुकाव।
190. शोलवंदन — द्रमुक — झुकाव।
191. मदुरै उत्तर — द्रमुक — टॉस-अप।
192. मदुरै दक्षिण — भाजपा/अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
193. मदुरै केंद्रीय — द्रमुक — झुकाव।
194. मदुरै पश्चिम — अन्नाद्रमुक — झुकाव।
195. तिरुपरंकुंद्रम — अन्नाद्रमुक — टॉस-अप।
196. तिरुमंगलम — अन्नाद्रमुक — झुकाव।
197. उसिलमपट्टी — अन्नाद्रमुक — झुकाव।
198. अंडीपट्टी — अन्नाद्रमुक — टॉस-अप।
199. पेरियाकुलम — द्रमुक मोर्चा — टॉस-अप।
200. बोडिनायक्कनूर — द्रमुक/अन्नाद्रमुक — टॉस-अप।
201. कंबम — द्रमुक — टॉस-अप।
202. राजापालयम — द्रमुक/भाजपा — टॉस-अप।203. श्रीविल्लिपुथुर — द्रमुक मोर्चा — टॉस-अप।204. सत्तूर — भाजपा/अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
205. शिवकाशी — अन्नाद्रमुक गठबंधन — झुकाव।206. विरुधुनगर — द्रमुक मोर्चा — टॉस-अप।
207. अरुप्पुकोट्टई — द्रमुक — झुकाव।
208. तिरुचुली — द्रमुक — पक्का।
209. परमकुडी — द्रमुक — टॉस-अप।210. तिरुवडानै — द्रमुक मोर्चा — टॉस-अप।
211. रामनाथपुरम — द्रमुक — झुकाव।
212. मुदुकुलथुर — अन्नाद्रमुक/द्रमुक — टॉस-अप।
213. विलाथिकुलम — द्रमुक — टॉस-अप।
214. तूतीकोरिन — द्रमुक — पक्का।
215. तिरुचेंदूर — द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
216. श्रीवैगुंडम — द्रमुक मोर्चा — टॉस-अप।
217. ओट्टापिडारम — द्रमुक — झुकाव।
218. कोविलपट्टी — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।219. शंकरनकोविल — द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
220. वासुदेवनल्लूर — द्रमुक/अन्नाद्रमुक — टॉस-अप।221. कडायनल्लूर — द्रमुक मोर्चा — टॉस-अप।
222. तेनकासी — द्रमुक — झुकाव।
223. आलंगुलम — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।224. तिरुनेलवेली — भाजपा/द्रमुक — टॉस-अप।225. अंबासमुद्रम — अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।226. पालयमकोट्टई — द्रमुक — झुकाव।
227. नांगुनेरी — कांग्रेस/द्रमुक मोर्चा — टॉस-अप।
228. राधापुरम — द्रमुक/अन्नाद्रमुक — टॉस-अप।
229. कन्याकुमारी — भाजपा/अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
230. नागरकोइल — भाजपा/अन्नाद्रमुक गठबंधन — टॉस-अप।
231. कोलाचल — कांग्रेस/द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
232. पद्मनाभपुरम — द्रमुक मोर्चा — टॉस-अप।
233. विलावनकोडु — कांग्रेस/द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
234. किल्लियूर — कांग्रेस/द्रमुक मोर्चा — झुकाव।
इस सीट-सूची का आधार आधिकारिक 234 निर्वाचन क्षेत्रों की सूची और प्रत्याशी-तालिका है; अंतिम आधिकारिक परिणाम 04.05.2026 की गिनती के बाद ही तय होंगे।
टॉस-अप सीटों की मुख्य सूची
सबसे संवेदनशील सीटें हैं—तिरुत्तनी, मदुरावोयल, आर. के. नगर, रॉयपुरम, त्यागराय नगर, मायलापुर, वेलाचेरी, पल्लावरम, तिरुपोरूर, मदुरांतकम, उथिरामेरूर, शोलिंगुर, रानीपेट, अणैकट्टू, जोलारपेट, तिरुपत्तूर, बरगुर, होसुर, कलसपक्कम, पोलूर, अरानी, गिंजी, मैलम, तिंडीवनम, उलुंदरपेट्टई, ऋषिवंदियम, तिरुचेंगोडु, इरोड पश्चिम, मोडक्कुरिची, धारापुरम, अंथियूर, उदगमंडलम, अविनाशी, तिरुप्पुर उत्तर, तिरुप्पुर दक्षिण, कवुंडमपालयम, कोयंबटूर उत्तर, कोयंबटूर दक्षिण, सिंगनल्लूर, वालपरई, मडाथुकुलम, निलक्कोट्टई, वेदसंदूर, अरवाकुरिची, मनप्पारई, श्रीरंगम, तिरुचि पूर्व, मनाचनल्लूर, मुसिरी, थुरैयूर, अरियालूर, जयकोंडम, विरुधाचलम, पनरुति, भुवनगिरी, वेदारण्यम, ओराथानाडु, पट्टुकोट्टई, विरालिमलाई, अरंथांगी, तिरुप्पत्तूर, मानामदुरई, मदुरै उत्तर, मदुरै दक्षिण, तिरुपरंकुंद्रम, अंडीपट्टी, पेरियाकुलम, बोडिनायक्कनूर, कंबम, राजापालयम, श्रीविल्लिपुथुर, सत्तूर, विरुधुनगर, परमकुडी, तिरुवडानै, मुदुकुलथुर, विलाथिकुलम, श्रीवैगुंडम, कोविलपट्टी, वासुदेवनल्लूर, कडायनल्लूर, आलंगुलम, तिरुनेलवेली, अंबासमुद्रम, नांगुनेरी, राधापुरम, कन्याकुमारी, नागरकोइल और पद्मनाभपुरम।
पार्टी-दर-पार्टी संभावित सीट
द्रमुक — 105–118.
कांग्रेस — 12–18.
डीएमडीके, वीसीके, वाम दल, मुस्लिम लीग और अन्य द्रमुक सहयोगी — 12–18.
अन्नाद्रमुक — 60–75.
भाजपा — 6–12.
पीएमके — 5–10.
एएमएमके और अन्य अन्नाद्रमुक सहयोगी — 3–7.
टीवीके — 0–4.
नाम तमिऴर कच्ची — 0–1.
अंतिम अनुमान: द्रमुक को बढ़त, लेकिन बहुमत अब आसान नहीं
सबसे संभावित परिणाम यह दिखता है कि द्रमुक मोर्चा बहुमत के ऊपर रहेगा, लेकिन 2021 जैसी एकतरफा लहर नहीं बनेगी। अन्नाद्रमुक गठबंधन पश्चिम और दक्षिण में मुकाबला खड़ा कर रहा है। भाजपा 8–12 सीटों पर गंभीर असर डाल सकती है। टीवीके जीत कम भी ले, फिर भी 25–35 सीटों पर हार-जीत का अंतर बदल सकती है। एक अनुमान ये लगाया जा सकता है : द्रमुक मोर्चा 132–148, अन्नाद्रमुक गठबंधन 78–96, टीवीके/नाम तमिऴर/अन्य 0–6।


