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जेल में मिर्गी का नाटक, फिर 17 कैदी फरार! अब CM विजय ने एक झटके में निपटाए 18 कर्मचारी
Tamil Nadu Jail Escape: तमिलनाडु की थेनी जिला जेल से 17 कैदियों के फरार होने के मामले में CM विजय ने सख्त कार्रवाई की है। जिसमें डिप्टी सुपरिटेंडेंट बर्खास्त और 17 कर्मचारी सस्पेंड किए गए।
CM Vijay Action
Tamil Nadu Jail Escape: जेल की चारदीवारी को कैदियों को रोकने के लिए बनाया जाता है, लेकिन तमिलनाडु की थेनी जिला जेल में सुरक्षा व्यवस्था की ऐसी पोल खुली कि एक साथ 17 कैदी फरार हो गए। कैदियों ने भागने के लिए ऐसी तरकीब अपनाई कि जेल का सुरक्षाकर्मी भी उनके जाल में फंस गया। हालांकि, सभी कैदियों को दोबारा पकड़ लिया गया है, लेकिन इस घटना के बाद मुख्यमंत्री विजय (Vijay) थलपति ने जेल प्रशासन पर सख्त कार्रवाई की है। सरकार ने डिप्टी सुपरिटेंडेंट एन रामलिंगम को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। वहीं, जेल के 17 कर्मचारियों को निलंबित (Suspended) करते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
लापरवाही पर डिप्टी सुपरिटेंडेंट की गई नौकरी
एक समाचार एजेंसी के मुताबिक, एन रामलिंगम अगस्त 2024 से थेनी जिला जेल में तैनात थे। जेल की सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी में लापरवाही सामने आने के बाद सरकार ने उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का फैसला लिया। इसके साथ ही जेल प्रशासन में बड़े स्तर पर तबादले (Transfers) भी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री विजय ने राज्य की सभी जेलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और निगरानी के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले गुरुवार को जेल एवं सुधार सेवा के पुलिस महानिदेशक (DGP) डॉ. संदीप राय राठौड़ का भी तबादला किया गया था।
मिर्गी के दौरे का नाटक कर कैदियों ने बनाया भागने का रास्ता
थेनी जिला जेल में सोमवार रात कैदियों ने फरार होने की योजना को अंजाम दिया। उन्होंने जेल कर्मचारियों को चकमा देने के लिए एक कैदी से मिर्गी का दौरा (Epileptic Seizure) पड़ने का नाटक कराया। उसकी तबीयत बिगड़ने की बात सुनकर एक सुरक्षाकर्मी बैरक का दरवाजा खोलकर मदद के लिए अंदर पहुंचा। इसी मौके का फायदा उठाकर कैदियों ने उस पर हमला कर दिया और उसे काबू में कर लिया।
इसके बाद कैदियों ने जेल के मुख्य गेट की चाबियां छीन लीं और दरवाजा खोलकर बाहर निकल गए। जेल से भागने के बाद वे आसपास के जंगलों की तरफ चले गए। बाद में अरंजानैपुदुर इलाके से मोटरसाइकिल के जरिए उथमापालयम पहुंचे। रास्ते में अम्माचिपुरम में उन्होंने एक अजनबी से फोन लेकर अपने साथियों से संपर्क किया। इसके बाद साथियों ने उन्हें पैसे, कपड़े और वाहन उपलब्ध कराए।
पुलिस की 17 टीमों ने चलाया तलाशी अभियान
कैदियों के फरार होने के बाद पुलिस ने उनकी तलाश के लिए अभियान शुरू किया। इस दौरान कई सुरक्षा इकाइयों को लगाया गया। मंगलवार शाम पांच कैदियों को गिरफ्तार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। उन्हें 10 नवंबर तक न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया गया। बुधवार को आठ अन्य कैदी पकड़े गए, जिन्हें 11 नवंबर तक हिरासत में भेजा गया। बाकी कैदियों को गुरुवार को अदालत में पेश किया गया।
पुलिस के मुताबिक, फरार हुए सभी 17 कैदियों को दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया है। अब उन्हें राज्य की अलग-अलग हाई-सिक्योरिटी जेलों में भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पुझल जेल से भी फरार हुए थे दो कैदी
थेनी जेल की घटना से पहले 20 अक्टूबर को चेन्नई के पास स्थित पुझल हाई-सिक्योरिटी जेल (Puzhal High-Security Prison) से भी दो कैदी फरार हो गए थे। उनकी तलाश में पुलिस की सात टीमें लगाई गई थीं। दो दिन तक चले अभियान के बाद दोनों को पकड़ लिया गया।
एक सप्ताह के भीतर राज्य की दो जेलों से कैदियों के फरार होने की घटनाओं ने तमिलनाडु की जेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके बाद सरकार ने जेल प्रशासन की समीक्षा और सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए हैं। राज्य के मंत्री आर निर्मल कुमार ने भी इस मामले में प्रक्रियागत चूकों को स्वीकार किया था। उन्होंने जेलों में सीसीटीवी निगरानी (CCTV Surveillance) बढ़ाने की योजना की जानकारी दी थी।


