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Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु की सियासत गरम! विजय सरकार पर कैबिनेट विस्तार को लेकर बड़ा संकट, गठबंधन में दरार की आहट
Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु की राजनीति में कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी तनाव बढ़ा। विजय सरकार पर सहयोगी दलों की नाराजगी, CPM की चेतावनी और AIADMK बागी विधायकों को मंत्री बनाए जाने की चर्चा ने माहौल गरमा दिया है।
Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों मुख्यमंत्री Vijay की सरकार को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। सरकार बनने के बाद अब सबसे बड़ा मुद्दा कैबिनेट विस्तार को लेकर खड़ा हो गया है। सरकार को समर्थन दे रही वामपंथी पार्टियों ने साफ कर दिया है कि अगर AIADMK के बागी विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह दी गई तो वे अपने समर्थन पर दोबारा विचार कर सकती हैं।
बागी विधायकों को मंत्री बनाए जाने की चर्चा
हाल ही में तमिलनाडु विधानसभा में हुए बहुमत परीक्षण के दौरान AIADMK के कुछ बागी विधायकों ने विजय सरकार के पक्ष में वोट किया था। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई कि सरकार इन विधायकों को खुश करने के लिए मंत्रिमंडल में शामिल कर सकती है। बताया जा रहा है कि इन बागी विधायकों का नेतृत्व सीवी शनमुगम कर रहे हैं। बहुमत परीक्षण में उनके समर्थन के बाद सरकार को बड़ी राहत मिली थी। इसी वजह से कैबिनेट विस्तार में उन्हें जगह मिलने की अटकलें तेज हो गईं।
TVK ने अफवाहों को किया खारिज
इन चर्चाओं के बीच TVK के वरिष्ठ नेता और मंत्री Aadhav Arjuna ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि AIADMK के बागी विधायक किसी मंत्री पद या सत्ता की लालसा में सरकार के साथ नहीं आए हैं। उनका समर्थन लोकतंत्र और राज्य की राजनीति में बदलाव के लिए है। अर्जुना ने कहा कि सरकार फिलहाल किसी बागी विधायक को मंत्री बनाने पर विचार नहीं कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर अफवाह फैलाने का आरोप भी लगाया।
सहयोगी दलों को सरकार में शामिल होने का न्योता
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अर्जुना ने सहयोगी दलों को सरकार में शामिल होने का खुला निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विजय चाहते हैं कि गठबंधन के सभी प्रमुख दल सरकार का हिस्सा बनें और मिलकर काम करें। उन्होंने बताया कि कांग्रेस समेत कई सहयोगी दलों के नेताओं से बातचीत जारी है। आने वाले समय में कैबिनेट विस्तार किया जा सकता है, जिसमें गठबंधन के अन्य दलों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
CPM ने दी समर्थन वापस लेने की चेतावनी
इधर, AIADMK के बागी विधायकों को मंत्री बनाए जाने की खबरों से CPM और अन्य वामपंथी दल नाराज नजर आए। CPM नेताओं ने साफ कहा कि अगर दक्षिणपंथी विचारधारा से जुड़े नेताओं को सरकार में शामिल किया गया तो पार्टी अपने समर्थन पर दोबारा विचार करेगी। CPM के राज्य सचिव P. Shanmugam ने बयान जारी कर कहा कि पार्टी को भरोसा है कि मुख्यमंत्री ऐसा कोई फैसला नहीं लेंगे, लेकिन अगर AIADMK के नेताओं को कैबिनेट में शामिल किया जाता है तो स्थिति बदल सकती है।
गठबंधन सरकार के सामने नई चुनौती
विजय ने कांग्रेस, CPM, CPI, VCK और मुस्लिम लीग जैसे दलों के समर्थन से सरकार बनाई है। ऐसे में गठबंधन को एकजुट बनाए रखना सरकार के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कैबिनेट विस्तार के दौरान मुख्यमंत्री विजय को काफी संतुलन बनाकर चलना होगा। अगर किसी एक दल को ज्यादा महत्व दिया गया तो गठबंधन में तनाव बढ़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।


