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तमिलनाडु या पश्चिम बंगाल... किस राज्य के CM होती है सबसे ज्यादा सैलरी? जानें पूरी डिटेल
Tamil Nadu vs West Bengal CM salary: दोनों राज्यों की तुलना केवल राजनीतिक समीकरणों तक सीमित नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री की सैलरी जैसे मुद्दे भी गंभीर चर्चा में हैं।
Tamil Nadu vs West Bengal CM salary (photo: social media)
Tamil Nadu vs West Bengal CM salary: 4 मई 2026 को आए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों ने देश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। इस चुनाव में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु भी शामिल रहे, जहां सत्ता परिवर्तन के स्पष्ट रूप से संकेत मिले हैं और जल्द ही राज्य में नए मुख्यमंत्री का ऐलान हो सकता है। ऐसे में इन दोनों राज्यों की तुलना केवल राजनीतिक समीकरणों तक सीमित नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री की सैलरी जैसे मुद्दे भी गंभीर चर्चा में हैं।
कितना होता है मुख्यमंत्रियों का वेतन
भारत में मुख्यमंत्रियों का वेतन एक समान नहीं होता। यह पूरी तरह राज्य सरकार और विधानसभा पर निर्भर करता है। संविधान के अनुच्छेद 164(5) के अंतर्गत केंद्र सरकार इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं करती। यही कारण है कि अलग-अलग राज्यों में मुख्यमंत्री के वेतन में बहुत अंतर देखने को मिलता है।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री की सैलरी कितनी होती है ?
ताजा उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री की मासिक सैलरी लगभग 2.10 लाख रुपये है। वहीं, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को लगभग 2.05 लाख रुपये हर माह वेतन मिलता है। इस तुलना में पश्चिम बंगाल थोड़ा आगे नजर आता है, हालांकि दोनों के बीच का अंतर बहुत अधिक नहीं है।
लेकिन मुख्यमंत्री की कमाई केवल बेसिक सैलरी तक सीमित नहीं होती। इसके अलावा उन्हें कई तरह के भत्ते और सुविधाएं भी मिलती हैं। इनमें सरकारी आवास, सुरक्षा व्यवस्था, स्टाफ, वाहन सुविधा, यात्रा भत्ता और अन्य प्रशासनिक सुविधाएं शामिल होती हैं। अलग-अलग राज्यों में इन सुविधाओं की संरचना अलग होती है, जिससे कुल पैकेज में बड़ा अंतर आ सकता है।
क्या है राजनीतिक विश्लेषकों की राय ?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मुख्यमंत्री के वेतन से ज्यादा महत्वपूर्ण उनकी जिम्मेदारियां और अधिकार होते हैं। फिर भी जनता के बीच यह जानने की उत्सुकता रहती है कि उनके राज्य का मुखिया कितना वेतन प्राप्त करता है।
यदि पूरे देश की बात करें, तो भारत में मुख्यमंत्री की सैलरी लगभग 1.25 लाख रुपये से लेकर 4 लाख रुपये प्रति माह तक होती है। तेलंगाना, दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे राज्य इस मामले में आगे माने जाते हैं, जहां मुख्यमंत्रियों को अपेक्षाकृत अधिक वेतन मिलता है। वहीं कुछ छोटे राज्यों में यह राशि काफी कम होती है।
इस तुलना से बिलकुल स्पष्ट है कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल दोनों ही मध्यम श्रेणी के वेतन देने वाले राज्यों में आते हैं। हालांकि सैलरी में मामूली अंतर अवश्य है, लेकिन सुविधाओं और भत्तों को जोड़ने के बाद तस्वीर बदल सकती है।
अगले मुख्यमंत्री पर टिकी देश की निगाहें
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी है कि इन राज्यों में अगला मुख्यमंत्री कौन बनता है और वह अपने कार्यकाल में जनता के लिए क्या परियारतां लेकर आता है। क्योंकि अंततः सैलरी नहीं, बल्कि काम ही किसी नेता की असली पहचान बनता है।


