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क्या सचमुच उड़ने लगी टेस्ला की कार? रोडस्टर के कथित प्रदर्शन और एलन मस्क के दावों की पड़ताल
New Delhi: टेक्सास के स्पेसएक्स परिसर में कार के उड़ने और हवा में कलाबाजी करने का दावा; रॉकेट थ्रस्टर्स, एक सेकंड से कम समय में 100 किमी की रफ्तार और 2028 से उत्पादन की चर्चा, लेकिन वास्तविक उड़ान की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी.
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New Delhi: दुनिया की प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला की बहुप्रतीक्षित रोडस्टर कार एक बार फिर चर्चा में है। दावा किया गया है कि अमेरिका के टेक्सास स्थित स्पेसएक्स परिसर में दूसरी पीढ़ी की टेस्ला रोडस्टर का ऐसा प्रदर्शन किया गया, जिसमें कार हवा में उछलती, कलाबाजी करती और दूसरे वाहनों के ऊपर से गुजरती दिखाई दी। रिपोर्ट में इस घटनाक्रम को उड़ने वाली कार की दिशा में बड़ी तकनीकी उपलब्धि बताया गया है। हालाँकि, किसी कार का रैंप से उछलना, कुछ समय तक हवा में रहना और नियंत्रित शक्ति से स्वतंत्र उड़ान भरना तीन अलग-अलग तकनीकी स्थितियाँ हैं। इसलिए कथित प्रदर्शन की वास्तविक प्रकृति स्पष्ट हुए बिना इसे उड़ने वाली कार के सफल आविष्कार के रूप में प्रस्तुत करना जल्दबाजी होगी।
टेस्ला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलन मस्क कई वर्षों से रोडस्टर को असाधारण गति और नई तकनीक वाली इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार के रूप में पेश करते रहे हैं। उन्होंने इस वाहन में स्पेसएक्स से संबंधित रॉकेट तकनीक इस्तेमाल करने की संभावना भी सार्वजनिक रूप से व्यक्त की थी। प्रस्तावित तकनीक का उद्देश्य कार की गति, त्वरण और अन्य प्रदर्शन क्षमताओं को सामान्य सड़क वाहनों से अलग स्तर पर ले जाना बताया गया था। लेकिन किसी तकनीक की अवधारणा, उसका प्रोटोटाइप और ग्राहकों को उपलब्ध कराया जाने वाला प्रमाणित उत्पादन मॉडल अलग-अलग चरण होते हैं।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय समाचार संस्थानों की 16 अक्टूबर की रिपोर्टों से पुष्टि होती है कि टेस्ला ने वास्तव में रोडस्टर का प्रदर्शन किया था। यह कार्यक्रम 15 अक्टूबर को टेक्सास में आयोजित हुआ था। प्रदर्शन के दौरान कार ने कुछ समय के लिए जमीन छोड़ी और हवा में अपनी दिशा बदली, लेकिन लंबी दूरी तक नियंत्रित उड़ान भरने की क्षमता का प्रदर्शन नहीं हुआ। यही इस खबर का सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी अंतर है। 
टेस्ला और स्पेसएक्स के इंजीनियरों ने इस विशेष रोडस्टर में उच्च दबाव वाली हवा से चलने वाले थ्रस्टर्स का इस्तेमाल किया है। सामान्य रॉकेट में ईंधन के दहन से उत्पन्न गैसें वाहन को आगे बढ़ाती हैं, लेकिन इस प्रणाली में संपीड़ित हवा के तीव्र प्रवाह से बल उत्पन्न किया जाता है। प्रदर्शन में कार एक विशेष घुमावदार रैंप पर चढ़ी और उलटी स्थिति में भी उससे चिपकी रही। इसके लिए कार के नीचे लगाए गए सक्शन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद कार हवा में निकली, थ्रस्टर्स की सहायता से घूमी और अपने पहियों पर सुरक्षित उतर गई। एक अन्य प्रदर्शन में कार को कई खड़े वाहनों के ऊपर से उछलते हुए दिखाया गया। 
प्रदर्शन की एक और उल्लेखनीय विशेषता यह थी कि कार में कोई चालक मौजूद नहीं था। सुरक्षा के कारण इसे बिना यात्री के संचालित किया गया। मस्क ने स्वयं स्वीकार किया कि प्रदर्शन में इस्तेमाल किए गए वाहन को अभी सामान्य उपभोक्ता उपयोग के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं बनाया गया है। यह स्वीकारोक्ति महत्वपूर्ण है, क्योंकि सार्वजनिक सड़कों पर इस्तेमाल होने वाली कार को दुर्घटना सुरक्षा, यात्रियों की सुरक्षा और वाहन संबंधी नियमों का पालन करना होता है। यदि वही कार हवा में उड़ने लगे, तो विमानन सुरक्षा और हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल से जुड़े नियम भी लागू हो सकते हैं। 
रोडस्टर की गति के दावे भी असाधारण हैं। कंपनी के अनुसार, यह वाहन शून्य से 60 मील प्रति घंटा, अर्थात लगभग 96.6 किलोमीटर प्रति घंटा की गति एक सेकंड से भी कम समय में प्राप्त कर सकता है। यह क्षमता सामान्य इलेक्ट्रिक कारों से काफी अलग है। हालाँकि, इतनी तेज गति प्राप्त करने के लिए सड़क की सतह, टायरों की पकड़, वाहन की संरचना और यात्रियों पर पड़ने वाले बल जैसी अनेक तकनीकी चुनौतियों का समाधान आवश्यक होगा। किसी नियंत्रित प्रदर्शन में हासिल किया गया त्वरण सामान्य सड़क परिस्थितियों में उसी तरह उपलब्ध होगा, यह अभी स्थापित नहीं है। 
रॉयटर्स के अनुसार, टेस्ला ने रोडस्टर की अधिकतम गति 230 मील प्रति घंटा, यानी लगभग 370 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक बताई है। एक बार चार्ज करने पर लगभग 300 मील, अर्थात 480 किलोमीटर की दूरी तय करने का अनुमान भी सामने आया है। यह उल्लेखनीय है कि कंपनी ने पहले रोडस्टर के लिए इससे अधिक दूरी तय करने की क्षमता का संकेत दिया था। नई तकनीक और अतिरिक्त उपकरणों के कारण वाहन की ऊर्जा खपत तथा वजन में बदलाव हो सकता है। फिलहाल इन दावों का स्वतंत्र परीक्षण और वास्तविक उपभोक्ता परिस्थितियों में प्रदर्शन सामने आना बाकी है। 
कंपनी ने रोडस्टर के अलग-अलग संस्करण पेश करने की योजना बताई है। इनमें सामान्य उच्च प्रदर्शन वाला संस्करण, थ्रस्ट तकनीक से लैस संस्करण और विशेष रॉकेट संस्करण शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परफॉर्मेंस संस्करण के लिए 50 हजार डॉलर और थ्रस्ट संस्करण के लिए ढाई लाख डॉलर की आरक्षण राशि का उल्लेख किया गया है। विशेष रॉकेट संस्करण सीमित ग्राहकों को आमंत्रण के आधार पर उपलब्ध कराया जा सकता है। लेकिन इन आरक्षण राशियों को कार की अंतिम बिक्री कीमत नहीं समझना चाहिए। कंपनी ने सभी संस्करणों की अंतिम कीमत और ग्राहकों को वाहन मिलने की निश्चित तारीख स्पष्ट नहीं की है। 
रोडस्टर की सबसे बड़ी चुनौती अब उत्पादन और व्यावसायिक उपयोग की होगी। टेस्ला ने दूसरी पीढ़ी की रोडस्टर पहली बार वर्ष 2017 में प्रस्तुत की थी और उस समय उत्पादन तथा आपूर्ति की समयसीमा काफी पहले की बताई गई थी। इसके बाद परियोजना कई बार टलती रही। अब एलन मस्क ने वर्ष 2028 से उत्पादन शुरू करने की योजना घोषित की है। लेकिन पिछली देरी को देखते हुए इस तारीख को निश्चित आपूर्ति कार्यक्रम के बजाय कंपनी का वर्तमान लक्ष्य मानना अधिक उचित होगा। 
इस तकनीक से शहरों के यातायात जाम की समस्या तत्काल समाप्त होने की संभावना भी नहीं है। रैंप से उछलने और कुछ क्षण हवा में रहने वाली कार को रोजमर्रा की उड़ने वाली टैक्सी नहीं माना जा सकता। नियमित हवाई परिवहन के लिए वाहन को पर्याप्त ऊँचाई तक उठने, स्थिर रहने, दिशा बदलने, लंबी दूरी तय करने और सुरक्षित उतरने में सक्षम होना होगा। इसके अलावा उड़ान की अनुमति, दुर्घटना बीमा, शोर, ऊर्जा खपत, आपातकालीन परिस्थितियों तथा सार्वजनिक सुरक्षा से संबंधित प्रश्नों का समाधान भी आवश्यक होगा।
विमानन विशेषज्ञों ने भी प्रदर्शन को वास्तविक लंबी दूरी की उड़ान से अलग बताया है। स्मिथसोनियन संस्थान से जुड़े विमानन विशेषज्ञ रोजर कॉनर के अनुसार, रोडस्टर का प्रदर्शन निरंतर उड़ान की तुलना में थोड़ी देर के लिए हवा में उछलने के अधिक करीब है। इस अंतर को समझना आवश्यक है, क्योंकि उड़ने वाली कार का अर्थ केवल जमीन छोड़ना नहीं, बल्कि हवा में स्थिर और नियंत्रित परिवहन उपलब्ध कराना भी है। 
टेस्ला का यह प्रयोग ऑटोमोबाइल और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के संभावित मेल की एक दिलचस्प मिसाल अवश्य है। कंपनी ने दिखाया है कि विशेष सक्शन प्रणाली और उच्च दबाव वाली हवा से उत्पन्न बल की सहायता से सड़क वाहन की कुछ क्षमताओं का विस्तार किया जा सकता है। लेकिन इसका व्यावसायिक उपयोग कितना सुरक्षित, किफायती और व्यावहारिक होगा, इसका उत्तर अभी भविष्य में होने वाले परीक्षणों से ही मिलेगा।
टेस्ला रोडस्टर की उपलब्धि को न तो पूरी तरह काल्पनिक कहा जा सकता है और न ही इसे नियमित उड़ने वाली कार का जन्म मान लेना उचित होगा। 15 अक्टूबर 2026 के प्रदर्शन में कार ने वास्तव में हवा में नियंत्रित करतब दिखाए, लेकिन निरंतर उड़ान, सामान्य सड़कों पर वैधानिक उपयोग और बड़े पैमाने पर उत्पादन की चुनौतियाँ अभी बाकी हैं। फिलहाल यह तकनीक भविष्य के परिवहन की एक प्रयोगात्मक झलक है, आम नागरिकों के लिए उपलब्ध उड़ने वाली कार नहीं।


