CM थलपति विजय के काफिले से चेन्नई में भड़के लोग! ट्रैफिक जाम और बैरिकेडिंग से बढ़ी परेशानी

Thalapathy Vijay’s Convoy: थलपति विजय के तमिलनाडु का नया मुख्यमंत्री बनने के बाद अब उनके काफिले की आवाजाही को लेकर चेन्नई की सड़कों पर लोगों की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है। जिसके बाद अब इसपर लोगों का गुस्सा फूटने लगा है।

Aditya Kumar Verma
Published on: 11 May 2026 1:24 PM IST
Thalapathy Vijay’s Convoy
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Thalapathy Vijay’s Convoy: थलपति विजय के तमिलनाडु का नया मुख्यमंत्री बनने के बाद अब उनके काफिले की आवाजाही को लेकर चेन्नई की सड़कों पर लोगों की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है। खासकर ईस्ट कोस्ट रोड यानी ईसीआर इलाके में ट्रैफिक जाम, भारी पुलिस तैनाती और रास्तों पर बैरिकेडिंग को लेकर आम लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।

सोशल मीडिया पर एक नाराज नागरिक ने अपनी परेशानी साझा करते हुए पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े किए हैं। उसकी पोस्ट अब तेजी से वायरल हो रही है।

मुख्यमंत्री के घर के आसपास बढ़ी सुरक्षा

जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री थलपति विजय का घर ईसीआर क्षेत्र के नीलांकरई और पनयूर इलाके में स्थित है। जब भी मुख्यमंत्री का काफिला घर से निकलता है या वापस लौटता है, तब सुरक्षा कारणों का हवाला देकर कई रास्तों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाता है।

इसी वजह से रोजाना इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को भारी ट्रैफिक जाम और लंबी देरी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, छात्र और आम यात्री लगातार परेशान हो रहे हैं।

“अगर ऐसा ही चला तो रास्ता ही नहीं बचेगा”

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक नागरिक ने चेन्नई ट्रैफिक पुलिस को टैग करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। उसने लिखा कि पांडियन सालाई को बंद कर दिया गया है। ईसीआर से पेरुंगुडी लिंक रोड पर पहले बैरिकेड्स लगाए गए और बाद में हटाए गए। उसने कहा कि अगर यही स्थिति बनी रही, तो ओएमआर और ईसीआर के बीच आवाजाही का कोई रास्ता ही नहीं बचेगा।

नागरिक ने पुलिस पर तंज कसते हुए लिखा कि वह समझता है कि थलपति विजय अब उनके नए “मालिक” हैं, लेकिन चाटुकारिता की भी एक हद होती है। उसने कहा कि मुख्यमंत्री जनता की वजह से ही उस पद तक पहुंचे हैं।

“हर रोज इसी रास्ते से गुजरता हूं”

वहीं एक नाराज नागरिक ने एक और पोस्ट में अपनी रोजमर्रा की परेशानी का जिक्र किया। उसने लिखा कि वह रोजाना ओएमआर और ईसीआर के बीच सफर करता है।

उसके मुताबिक, ओएमआर पेरुंगुडी लिंक रोड पर बैरिकेड लगाया गया था। वहां फ्री लेफ्ट टर्न था, लेकिन उसे भी रोक दिया गया। हालांकि जैसे ही वह मुड़ने वाला था, बैरिकेड हटा दिया गया।

उसने कहा कि पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात था और हर तरफ सुरक्षा व्यवस्था दिखाई दे रही थी। नेटिजन का कहना था कि सिर्फ मुख्यमंत्री के काफिले के गुजरने के लिए इतनी बड़ी पुलिस तैनाती पूरी तरह गैर-जरूरी लग रही थी।

सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस

मुख्यमंत्री थलपति विजय के काफिले और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग सुरक्षा इंतजामों को जरूरी बता रहे हैं, जबकि कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि वीआईपी मूवमेंट की वजह से आम जनता को आखिर कब तक परेशान होना पड़ेगा।

लोगों का कहना है कि अगर सुरक्षा के नाम पर रोज सड़कें बंद होंगी और ट्रैफिक रोक दिया जाएगा, तो आम नागरिकों की जिंदगी और मुश्किल हो जाएगी। वहीं इस पूरे मामले में अब चेन्नई ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन की भूमिका को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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