फेक मिर्गी का दौरा, जेल ब्रेक और 17 कैदी रफूचक्कर! इस राज्य में 9 जेलकर्मियों पर गिरी गाज

Theni Jail Break: तमिलनाडु के थेनी सब-जेल से 17 कैदी फरार हो गए। कैदियों ने मिर्गी का दौरा पड़ने का नाटक कर जेलकर्मियों को सेल में बुलाया और हमला कर भाग निकले। मामले में 9 जेलकर्मी सस्पेंड किए गए हैं, जबकि 4 कैदी गिरफ्तार हो चुके हैं।

Aditya Kumar Verma
Published on: 27 Oct 2026 12:09 PM IST
Theni Jail Break
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Theni Jail Break: तमिलनाडु के थेनी सब-जेल से एक साथ 17 कैदियों के फरार होने के मामले में जेल विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जेलों के पुलिस महानिदेशक (DGP) संदीप राय राठौर ने मामले में 9 जेलकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। इनमें दो हेड कॉन्स्टेबल, एक ग्रेड-1 और छह ग्रेड-2 जेल गार्ड शामिल हैं।

सोमवार देर रात हुई इस घटना के बाद से पुलिस फरार कैदियों की तलाश में जुटी हुई है। मंगलवार सुबह तक चार फरार कैदियों को गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि बाकी कैदियों की तलाश लगातार जारी है।

एक ही सेल में बंद थे सभी 17 कैदी

पुलिस के मुताबिक, फरार हुए सभी 17 कैदी एक ही सेल में बंद थे। सोमवार रात जेलकर्मियों को जानकारी मिली कि सेल में बंद एक कैदी को मिर्गी का दौरा पड़ रहा है। इसके बाद जेलकर्मी उसकी हालत देखने के लिए सेल के अंदर पहुंचे।

लेकिन जैसे ही कर्मचारी सेल में दाखिल हुए, कैदियों ने उन पर हमला कर दिया। इसके बाद सभी 17 कैदी जेल से फरार हो गए। अचानक हुए इस हमले में तीन जेलकर्मी घायल हो गए।

बीमार होने का किया नाटक

तमिलनाडु के कानून मंत्री निर्मल कुमार ने घटना को लेकर बताया कि कैदियों में से एक ने जानबूझकर बीमार होने का नाटक किया था। उसका मकसद जेलकर्मियों को सेल के अंदर बुलाना था।

बताया गया कि कैदियों ने ऐसी स्थिति बनाई, जिससे लगे कि एक कैदी गिर गया है या उसे मिर्गी का दौरा पड़ रहा है। इसी सूचना पर वार्डन समेत तीन जेलकर्मी जांच करने के लिए सेल में पहुंचे। आरोप है कि अंदर पहुंचते ही कैदियों ने उन पर हमला कर दिया और मौका पाकर जेल से भाग निकले।

17 टीमें तलाश में जुटीं

घटना के बाद पुलिस ने फरार कैदियों को पकड़ने के लिए बड़े स्तर पर तलाशी अभियान (Search Operation) शुरू कर दिया है। पुलिस ने आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और पड़ोसी डिंडीगुल जिले में 16 जगहों पर चेकपॉइंट (Checkpoints) बनाए गए हैं।

इन चेकपॉइंट पर वाहनों की जांच की जा रही है, ताकि फरार कैदियों के जिले से बाहर निकलने की कोशिश को रोका जा सके। डिंडीगुल के पुलिस अधीक्षक एस जयकुमार ने बताया कि फरार कैदियों की तलाश के लिए 17 विशेष पुलिस टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें अलग-अलग इलाकों में कैदियों की तलाश कर रही हैं।

डिंडीगुल से केरल तक अलर्ट

फरार कैदियों की तलाश को देखते हुए डिंडीगुल और मदुरै के अधिकारियों को भी अलर्ट किया गया है। इसके अलावा केरल के इडुक्की जिले (Idukki District) के अधिकारियों को भी सूचना दी गई है।

पुलिस अधिकारियों के साथ फरार कैदियों की तस्वीरें साझा की गई हैं, ताकि रास्ते में उनकी पहचान की जा सके और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। आसपास के जिलों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है।

हमले में तीन जेलकर्मी घायल

कैदियों के हमले में थेनी जिला जेल से जुड़े ग्रेड-2 पुलिसकर्मी थंगापांडी के सिर में चोट आई है। उन्हें इलाज के लिए जी विलक्कू के सरकारी अस्पताल (Government Hospital) में भर्ती कराया गया है।

दो अन्य जेलकर्मियों को भी मामूली चोटें आई हैं। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार कैदियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार तलाशी अभियान चला रही है।

चार कैदी पकड़े गए, बाकी की तलाश जारी

सोमवार देर रात 17 कैदियों के फरार होने के बाद पुलिस ने तुरंत तलाशी अभियान शुरू किया। मंगलवार सुबह तक चार कैदियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। अब बाकी फरार कैदियों की तलाश की जा रही है। पुलिस आसपास के जिलों के साथ-साथ केरल की सीमा से जुड़े इलाकों पर भी नजर रख रही है। वाहनों की जांच, चेकपॉइंट और विशेष टीमों की तैनाती के जरिए फरार कैदियों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है।

इस घटना के बाद जेल विभाग ने 9 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। इनमें दो हेड कॉन्स्टेबल, एक ग्रेड-1 और छह ग्रेड-2 जेल गार्ड शामिल हैं। फिलहाल पुलिस की कोशिश बाकी कैदियों को जल्द पकड़ने की है, जबकि पूरे मामले की जांच भी जारी है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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