Toll Tax New Update: 20 KM के दायरे में रहने वालों को मिल सकती है बड़ी राहत, सरकार ला सकती है डिजिटल ई-पास सिस्टम

Toll Tax New Update: नई व्यवस्था के लागू होने के बाद प्रतिदिन यात्रा करने वाले हजारों लोगों को सीधा लाभ मिल सकता है।

Priya Singh Bisen
Published on: 17 Jun 2026 1:05 PM IST (Updated on: 17 Jun 2026 1:05 PM IST)
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Toll Tax New Update: देश में टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइन और बार-बार टोल टैक्स चुकाने की दिक्कतों से बहुत जल्द अब बड़ी राहत मिल सकती है। केंद्र सरकार हाईवे टोल व्यवस्था को पूर्ण रूप से डिजिटल और स्मार्ट बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। इस नई योजना के अंतर्गत टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासियों को विशेष डिजिटल ई-पास देने पर विचार किया जा रहा है, जिससे उन्हें बार-बार टोल टैक्स देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

नई व्यवस्था के लागू होने के बाद प्रतिदिन यात्रा करने वाले हजारों लोगों को सीधा लाभ मिल सकता है। यह डिजिटल पास सीधे FASTag सिस्टम से जुड़ा होगा, जिससे टोल प्लाजा पार करना पूरी तरह ऑटोमैटिक और बिना रुकावट के हो जाएगा।

स्थानीय लोगों को मिल सकती है बड़ी सुविधा

सरकारी प्रस्ताव के मुताबिक, टोल प्लाजा के आसपास 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के लिए अलग से मंथली और सालाना डिजिटल पास जारी किए जा सकते हैं। इस पास को स्थानीय वाहन मालिकों के बैंक अकाउंट और FASTag प्रोफाइल से लिंक किया जाएगा। इसके बाद वाहन के टोल प्लाजा पर पहुंचते ही सिस्टम अपने आप पहचान कर लेगा कि वाहन स्थानीय निवासी का है और तय नियमों के तहत उसे फ्री या रियायती पास से गुजरने की अनुमति मिल जाएगी।

सरकार इस योजना के माध्यम से टोल नियमों को अधिक पारदर्शी बनाने के साथ-साथ गलत तरीके से मिलने वाली छूट पर भी रोक लगाना चाहती है। इससे टोल कलेक्शन सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी।

क्या है MLFF (Multi Lane Free Flow) सिस्टम?

नई व्यवस्था का आधार Multi Lane Free Flow तकनीक पर आधारित है। इस सिस्टम में टोल प्लाजा पर किसी भी तरह के बैरियर की आवश्यकता नहीं होती। सड़क पर लगे हाई-टेक कैमरे और सेंसर गाड़ी के FASTag को स्कैन कर लेते हैं और कुछ ही सेकंड में टोल शुल्क अपने आप कट जाता है।

इस तकनीक का सबसे बड़ा लाभ यह है कि वाहन को रुकना नहीं पड़ता, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या बहुत हद तक खत्म हो जाती है। अगर किसी गाड़ी का टोल भुगतान नहीं हो पाता है तो सिस्टम अपने आप नोटिस जनरेट कर सकता है और बाद में रिकवरी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

डिजिटल और पारदर्शी टोल सिस्टम की तरफ बड़ा कदम

नई योजना में डिजिटल पास को पूरी तरह FASTag से जोड़ने की तैयारी है। स्थानीय निवासियों की पात्रता (eligibility) का सत्यापन डिजिटल माध्यम से किया जाएगा, जिसके बाद उन्हें खास तौर से पास जारी किया जाएगा। यह पास सिर्फ निर्धारित टोल प्लाजा या सेक्टर के अंदर ही मान्य होगा।

सरकार का लक्ष्य पूरे टोल सिस्टम को ज्यादा तेज, पारदर्शी और पूरी तरह कैशलेस बनाना है। इससे न सिर्फ यात्रियों का समय बचेगा बल्कि टोल कलेक्शन की प्रक्रिया भी ज्यादा सुगम होगी।

कई राज्यों में विस्तार की योजना

सरकार आगामी वक़्त में इस तकनीक को पूरे देश के कई राज्यों में लागू करने की योजना बना रही है। शुरुआती चरण में हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के प्रमुख हाईवे टोल प्लाजा को इसमें शामिल किया जा सकता है।

इसके लिए कई नए प्रोजेक्ट्स पर कार्य भी शुरू किया जा चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत के हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को और आधुनिक बनाएगा और यात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदल देगा।

कुल मिलाकर, यह नई टोल व्यवस्था यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो रोजाना टोल प्लाजा से गुजरते हैं।

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Priya Singh Bisen is a Content Writer at Newstrack.com.

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