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Tomato Price Hike 2026: टमाटर ने दिखाए तेवर...20 रुपये से सीधे 80 रुपये किलो पहुंचा भाव, प्याज भी हुआ महंगा
Tomato Price Hike 2026: बारिश और कम सप्लाई के चलते कई शहरों में टमाटर 80 रुपये किलो तक पहुंचा, प्याज और आलू के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज।
Tomato Price Hike 2026
Tomato Price Hike 2026: अगर आप सब्जी खरीदने बाजार जाने की सोच रहे हैं तो जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है। पिछले कुछ दिनों में टमाटर की कीमतों में अचानक बड़ा उछाल देखने को मिला है। कई शहरों में टमाटर का भाव 20-30 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 60-80 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं प्याज और आलू के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बारिश के मौसम में आपूर्ति प्रभावित होने और मंडियों में आवक कम होने के कारण आम लोगों के किचन का बजट गड़बड़ाने लगा है। जिसमें अब टमाटर की कीमतों ने रफ़्तार पकड़ ली है।
इन वजहों से टमाटर की कीमतों में आईं रिकॉर्ड तेजी
देश के कई हिस्सों में टमाटर की कीमतें पिछले एक सप्ताह के दौरान दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गई हैं। पिछले हफ्ते तक जो टमाटर 20 से 30 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, वह अब 60 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुका है। कुछ खुदरा बाजारों में इसकी कीमत इससे भी अधिक देखने को मिल रही है। सब्जी व्यापारियों का कहना है कि लगातार बारिश और फसल को हुए नुकसान के कारण टमाटर की आपूर्ति प्रभावित हुई है। मंडियों में आवक कम होने से कीमतों पर दबाव बढ़ गया है। यही वजह है कि खुदरा बाजार में उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
दिल्ली समेत यूपी में बढ़े दाम
राजधानी दिल्ली की मंडियों में भी टमाटर की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। कुछ दिन पहले जहां टमाटर 16 से 25 रुपये प्रति किलो तक उपलब्ध था, वहीं अब इसकी कीमत करीब 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। खुदरा बाजार में यह 70 से 80 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। जबकि उत्तर प्रदेश की प्रमुख मंडियों में टमाटर का थोक भाव अभी 15 से 26 रुपये प्रति किलो के बीच है, लेकिन खुदरा बाजार में यही टमाटर 60 से 80 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के शुरुआती दौर में हर साल सब्जियों की कीमतों में कुछ बढ़ोतरी देखने को मिलती है, लेकिन इस बार बढ़ोतरी अपेक्षाकृत ज्यादा है।
प्याज ने भी बढ़ाई लोगों की चिंता
टमाटर से पहले प्याज की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली थी। थोक बाजार में प्याज अपेक्षाकृत सस्ता है, लेकिन खुदरा बाजार में इसकी कीमतें बढ़ी हुई हैं। वर्तमान में कई इलाकों में प्याज 20 से 30 रुपये प्रति किलो के बीच बिक रहा है। खुदरा विक्रेताओं का कहना है कि परिवहन लागत और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों का असर कीमतों पर पड़ रहा है। हालांकि अभी प्याज की स्थिति टमाटर जितनी गंभीर नहीं है, लेकिन आने वाले दिनों में कीमतों में तेजी आने की पूरी संभावना है।
आलू के दामों में भी आया बदलाव
रोजमर्रा की रसोई में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली सब्जियों में आलू भी शामिल है। बाजारों में आलू की कीमतों में भी हल्की बढ़ोतरी देखी जा रही है। हालांकि अभी इसकी कीमतें नियंत्रण में हैं, लेकिन अन्य सब्जियों के मुकाबले इसमें भी धीरे-धीरे महंगाई का असर दिखाई देने लगा है।
क्यों बढ़ रही हैं सब्जियों की कीमतें?
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में टमाटर जैसी जल्दी खराब होने वाली फसलों की सप्लाई सबसे ज्यादा प्रभावित होती है। खेतों में जलभराव, कटाई में देरी और परिवहन संबंधी दिक्कतें मंडियों तक माल पहुंचने में बाधा बनती हैं। इसका सीधा असर खुदरा कीमतों पर पड़ता है।
इसके अलावा ईंधन और लॉजिस्टिक्स लागत में बढ़ोतरी भी सब्जियों की कीमतों को प्रभावित कर रही है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से व्यापारियों की लागत बढ़ती है, जिसका बोझ आखिरकार उपभोक्ताओं पर पड़ता है। व्यापारियों का अनुमान है कि यदि बारिश सामान्य रहती है और प्रमुख उत्पादक राज्यों से आपूर्ति सुधरती है तो अगले कुछ हफ्तों में टमाटर की कीमतों में राहत मिल सकती है।


