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UBT Rebellion: UBT के बागी सांसदों की बड़ी फजीहत! शिंदे गुट ने लिया यू-टर्न, जॉइनिंग पर बड़ा सस्पेंस
UBT Rebellion: शिवसेना UBT के 6 सांसदों की बगावत की चर्चाओं के बीच शिंदे गुट ने जॉइनिंग को लेकर यू-टर्न ले लिया है। उद्धव ठाकरे खेमे ने सांसदों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जानिए पूरा मामला।
UBT Rebellion: महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर उस मोड़ पर आ खड़ी हुई है, जहां पल-पल में समीकरण बदल रहे हैं. मुंबई से लेकर दिल्ली तक के गलियारों में इस समय भारी उथल-पुथल की खबरें तैर रही हैं. हर तरफ सिर्फ यही कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या एक बार फिर शिवसेना का कोई बड़ा धड़ा पाला बदलने की तैयारी में है. दरअसल, यह चर्चा उस समय आग की तरह फैल गई जब यह दावा किया गया कि उद्धव ठाकरे गुट (शिवसेना UBT) के 6 लोकसभा सांसद शुक्रवार को नेस्को में होने वाले पार्टी के स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खेमे में शामिल हो सकते हैं. हालांकि, दोनों ही तरफ से इन दावों पर सफाई आई है, लेकिन पर्दे के पीछे की हलचल कुछ और ही कहानी बयां कर रही है.
'ऑपरेशन टाइगर' से सहमा उद्धव खेमा
सूबे के सियासी हलकों में इन दिनों "ऑपरेशन टाइगर" शब्द की गूंज सबसे ज्यादा सुनाई दे रही है. इस गुप्त ऑपरेशन को लेकर कयास हैं कि ठाकरे गुट के कई मौजूदा सांसद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के लगातार संपर्क में बने हुए हैं. इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब शिवसेना एमएलसी चंद्रकांत रघुवंशी ने खुलेआम यह दावा कर दिया कि शिवसेना (UBT) के 6 सांसदों ने मुख्यमंत्री शिंदे की नीतियों पर अपना पूरा भरोसा जताया है और वे उनके पाले में आ चुके हैं. इस बयान ने साल 2022 की उस ऐतिहासिक बगावत की यादें ताजा कर दी हैं, जिसने महाराष्ट्र की सत्ता का पूरा रुख ही पलट कर रख दिया था.
दिल्ली की सीक्रेट मीटिंग से गायब रहे 6 माननीय
इन तमाम अफवाहों को तब सबसे बड़ा आधार मिला, जब नई दिल्ली में अनिल देसाई की अगुवाई में शिवसेना (UBT) की एक बेहद महत्वपूर्ण संसदीय बैठक बुलाई गई. हैरान करने वाली बात यह रही कि इस अहम बैठक से पार्टी के 9 में से 6 लोकसभा सांसद पूरी तरह नदारद रहे. बैठक की कुर्सियां खाली देखकर पार्टी नेतृत्व के भी होश उड़ गए. इस बैठक में सिर्फ अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही शामिल हुए. वहीं दूसरी तरफ नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे जैसे बड़े चेहरों की गैरहाजिरी ने बगावत की खबरों को और पुख्ता कर दिया.
संसद से अयोग्य करने की तैयारी
अपने सांसदों के इस रवैए से नाराज उद्धव ठाकरे गुट ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है. राज्यसभा सांसद संजय राउत ने तुरंत एक कड़क प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर एलान किया कि बैठक से गायब रहने वाले सभी 6 सांसदों को कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया है. सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि इन बागी सांसदों को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. राउत का मानना है कि अगर लोकसभा अध्यक्ष देश के कानून और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करेंगे, तो इन सभी सांसदों की कुर्सी जाना पूरी तरह तय है.
स्थापना दिवस की जंग
दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ जहां सांसदों की अयोग्यता की फाइलें दौड़ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ शिंदे और उद्धव दोनों ही गुटों के बड़े नेताओं ने फिलहाल इन खबरों को महज अफवाह बताया है. शिंदे गुट ने साफ किया है कि शुक्रवार को उनके यहां ऐसा कोई ज्वाइनिंग प्रोग्राम नहीं है. यह पूरा हाई-वोल्टेज ड्रामा 19 जून को होने वाले पार्टी के स्थापना दिवस के ठीक मौके पर हो रहा है, जहां दोनों धड़े खुद को असली शिवसेना साबित करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं.


