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BJP से सीधे पंगा लेने जा रहे हैं उद्धव ठाकरे! 5 जुलाई से सड़कों पर उतरेंगे शिवसैनिक, आएगा बड़ा सियासी भूचाल
Uddhav Thackeray Ram Raksha Andolan: उद्धव ठाकरे ने 5 जुलाई से 'राम रक्षा' आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। राम मंदिर चढ़ावा विवाद, भाजपा पर लगाए आरोप और शिवसेना UBT की नई रणनीति से जुड़ी पूरी जानकारी पढ़ें।
Uddhav Thackeray Ram Raksha Andolan: महाराष्ट्र की राजनीति इस समय अपने सबसे गरमागरम दौर से गुजर रही है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र और राज्य की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी को चौतरफा घेरने के लिए एक बहुत बड़ा दांव चल दिया है. उन्होंने आगामी 5 जुलाई से पूरे सूबे में 'राम रक्षा' आंदोलन की शुरुआत करने की शुक्रवार, 3 जुलाई को आधिकारिक घोषणा कर दी है. उद्धव ठाकरे ने देश के तमाम राम भक्तों और आम जनता से इस नए विरोध प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की भावुक अपील की है. उनका साफ कहना है कि अयोध्या के पावन राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए पवित्र चंदे में जो कथित हेराफेरी और करोड़ों रुपयों का गबन हुआ है, उसके लिए सीधे तौर पर भाजपा को ही जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और उससे जनता की अदालत में कड़े सवाल पूछे जाने चाहिए.
जब अपनों ने ही पीठ में घोंपा खंजर
उद्धव ठाकरे का यह बड़ा सियासी कदम ऐसे नाजुक मोड़ पर आया है, जब वे अपने जीवन के सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण राजनैतिक दौर का सामना कर रहे हैं. भाजपा की करीबी सहयोगी और महाराष्ट्र के मौजूदा उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना ने ठाकरे की पार्टी की जड़ों में बहुत गहरी सेंध लगा दी है. शिंदे गुट ने उद्धव की पार्टी के 6 दिग्गज सांसदों को तोड़कर अपने पाले में कर लिया है. इतना ही नहीं, उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे के सबसे करीबी माने जाने वाले विधान परिषद सदस्य (MLC) सचिन अहीर को भी शिंदे ने बड़ी चालाकी से अपने साथ मिला लिया है. इस तरह चौतरफा बगावत और अपनों के धोखे से घिरे उद्धव अब अपनी बिखरी हुई पार्टी को नए सिरे से एकजुट करने और जनता का खोया हुआ पुराना समर्थन वापस पाने की कोशिश में जुटे हैं. इसके लिए उन्होंने अब सीधे राम मंदिर के मुद्दे को उठाकर भाजपा पर पलटवार करने की रणनीति अपनाई है.
हनुमान चालीसा के पाठ से शुरू होगी जंग
इस महाआंदोलन की पूरी रूपरेखा साझा करते हुए उद्धव ठाकरे ने बताया कि आगामी रविवार यानी 5 जुलाई को भारी संख्या में लोग मध्य मुंबई के दादर इलाके में स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में एक साथ इकट्ठा होंगे. वहां सभी कार्यकर्ता मिलकर पूरी आस्था के साथ 'हनुमान स्तोत्र' और 'हनुमान चालीसा' का सामूहिक पाठ करेंगे. इस धार्मिक आयोजन के जरिए शिवसेना (यूबीटी) अयोध्या के पावन राम मंदिर परिसर के भीतर हुई कथित महाचोरी की पूरी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करने के लिए भारतीय जनता पार्टी पर भारी दबाव बनाएगी. ठाकरे ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए बेहद आक्रोशित लहजे में कहा, "अयोध्या में प्रभु श्री राम के चरणों में हुए इस भयंकर घोटाले और चोरी से देश का जो भी नागरिक आज गुस्से में है, मैं उन सभी से हाथ जोड़कर यह अपील करता हूं कि वे हमारे इस पवित्र आंदोलन में शामिल हों और सत्ता के नशे में चूर भाजपा से इसका हिसाब मांगें."
BJP पर लगाए संगीन आरोप
उद्धव ठाकरे ने देश की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए दावा किया कि आज देश की आम जनता महंगाई और बेरोजगारी जैसी अनेक गंभीर समस्याओं से बुरी तरह जूझ रही है. लेकिन देश के केंद्र और कई बड़े राज्यों में पूर्ण बहुमत की सरकार होने के बावजूद भाजपा की लीडरशिप में चारों तरफ सिर्फ प्रशासनिक अराजकता और आम लोगों के मुद्दों के प्रति घोर उदासीनता का माहौल बना हुआ है. पूर्व मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि जब राम मंदिर का ऐतिहासिक आंदोलन चल रहा था, तब अविभाजित शिवसेना के हजारों कार्यकर्ताओं और लाखों हिंदुओं ने उसमें सक्रिय रूप से भाग लिया था. उन सभी ने कारसेवकों पर हुए भयानक अत्याचारों, गोधरा ट्रेन अग्निकांड, अहमदाबाद के दंगों और मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों जैसी दिल दहला देने वाली घटनाओं की असहनीय पीड़ा को अपनी छाती पर झेला था. लेकिन भाजपा ने इन तमाम संवेदनशील और ऐतिहासिक घटनाओं का सिर्फ अपना राजनैतिक फायदा उठाने के लिए इस्तेमाल किया और आज वह "बेलगाम सत्ता" के सुख का आनंद ले रही है.
विधायकों की खरीद-फरोख्त पर खड़े किए तीखे सवाल
ठाकरे ने भाजपा पर विपक्ष के विधायकों की सरेआम खरीद-फरोख्त करने का बेहद संगीन आरोप भी लगाया. उन्होंने तंज कसते हुए सवाल दागा कि क्या देश की सत्ताधारी पार्टी आजकल बैकडोर से "ऑपरेशन राम मंदिर" चला रही है? सोशल मीडिया और अन्य सार्वजनिक मंचों पर राम मंदिर के चढ़ावे में हुए गबन को लेकर चल रही खबरों का हवाला देते हुए उद्धव ने पूछा कि क्या मंदिर के दान पात्रों से चोरी किए गए पैसों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को लालच देकर अपने पाले में खींचने के लिए किया जा रहा है? पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मशहूर और ऐतिहासिक कथन "अब हिंदू मार नहीं खाएगा" को याद करते हुए ठाकरे ने कड़े शब्दों में कहा, "आज के हालात देखकर मैं पूरे देश के सामने यह कहना चाहता हूं कि- अब हिंदू किसी को माफ नहीं करेगा." उन्होंने मांग की कि इस घिनौनी चोरी में जो भी बड़ी मछलियां शामिल हैं, उन्हें सख्त से सख्त कानूनी सजा मिले, क्योंकि हिंदुत्व के नाम पर इस तरह की लूटपाट को देश कभी स्वीकार नहीं करेगा.
SIT की जांच में बड़ा खुलासा
उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा का पुराना और मशहूर नारा "मंदिर वहीं बनाएंगे" अब महज एक राजनैतिक दिखावा बनकर रह गया है. लेकिन राम मंदिर आंदोलन के लिए जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई और बलिदान दिया, उनके उस त्याग को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राम मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों के गबन का यह सनसनीखेज मामला पहली बार बीती 7 जून को सबके सामने आया था. इसके बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था. एसआईटी की शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर ही बीते 25 जून को इस मामले में पहली आधिकारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी. इस पूरे घोटाले में मंदिर के चढ़ावे को इकट्ठा करने और उसकी गिनती करने वाली टीम से जुड़े 8 मुख्य आरोपियों को पुलिस अब तक गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है और मामले की गहन जांच लगातार जारी है.


