Uddhav Thackeray: 'मैं अध्यक्ष पद छोड़ने को तैयार...', महाराष्ट्र की राजनीति में उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान

Uddhav Thackeray: शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि यदि शिवसैनिक और कार्यकर्ता चाहें तो वह पार्टी अध्यक्ष का पद छोड़ने को तैयार हैं, लेकिन अन्याय के खिलाफ उनकी लड़ाई हमेशा जारी रहेगी।

Shivam Shrivastava
Published on: 19 Jun 2026 9:47 PM IST (Updated on: 19 Jun 2026 9:48 PM IST)
Uddhav Thackeray: मैं अध्यक्ष पद छोड़ने को तैयार..., महाराष्ट्र की राजनीति में उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान
X

Shiv Sena (UBT) Split: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को एक बड़ा बयान देकर सबको चौंका दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर उनकी पार्टी के नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं को ऐसा महसूस होता है कि वह अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के लिए अब उपयुक्त नहीं हैं, तो वह बिना किसी हिचक के अपना पद छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी को आगे ले जाने के लिए वह किसी भी योग्य शिवसैनिक को अध्यक्ष बनाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि पद छोड़ने का मतलब मैदान छोड़ना नहीं है। जिस दिन कार्यकर्ताओं को लगेगा कि वे सही नहीं हैं, वे कुर्सी छोड़ देंगे लेकिन अन्याय के खिलाफ उनका यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ने विरोधियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जो लोग यह मानकर बैठे हैं कि पार्टी में टूट और तमाम राजनीतिक झंझावातों के बाद उनका मनोबल टूट जाएगा, वे भारी मुगालते में हैं। ठाकरे ने 'ऑपरेशन तोड़वा' का हवाला देते हुए बताया कि कुछ लोग उन्हें हुक्म देने की कोशिश कर रहे हैं। इस पर उन्होंने शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के उस विचार को याद दिलाया जिसमें गद्दारों को करारा राजनीतिक सबक सिखाने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि वे किसी भी परिस्थिति में हार मानने वाले इंसान नहीं हैं और किसी भी राजनीतिक दल की असली ताकत का पैमाना अंततः चुनाव के नतीजे ही तय करते हैं।

सत्ता का मोह नहीं और गठबंधन पर करारा जवाब

पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री इंद्रजीत गुप्ता के एक प्रसंग का विशेष रूप से जिक्र करते हुए ठाकरे ने बताया कि बालासाहेब ने एक बार उनसे कहा था कि उन्हें सत्ता का कोई लालच नहीं है। अगर सरकार गिर भी जाती है, तो उन्हें रत्ती भर भी परवाह नहीं होती। वहीं, कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर उठने वाले सवालों पर उद्धव ने बेहद तार्किक जवाब दिया। उन्होंने तर्क दिया कि जब शिवसेना लगातार तीन दशकों तक भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन में रहने के बावजूद उसमें विलीन नहीं हुई, तो अब कांग्रेस में विलय होने का तो कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। इसके उलट, उन्होंने दावा किया कि मौजूदा समय में राज्य के अंदर खुद भाजपा, शिंदे गुट की वजह से खासी परेशान चल रही है।

कांग्रेस ने निभाया वादा, भाजपा पर साधा निशाना

कांग्रेस के साथ अपने मौजूदा रिश्तों पर बात करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि भले ही अतीत में दोनों पार्टियों के बीच राजनीतिक और वैचारिक मतभेद रहे हों, लेकिन कांग्रेस ने कभी भी 'मातोश्री' का अपमान नहीं किया। उन्होंने कांग्रेस की तारीफ करते हुए कहा कि इस पार्टी ने हमेशा अपने गठबंधन के वादे पूरे किए हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपनी पूर्व सहयोगी भाजपा पर करारा तंज कसते हुए कहा कि अगर मुश्किल वक्त में शिवसेना ने उनका साथ नहीं दिया होता, तो भाजपा का वजूद बहुत पहले ही खत्म हो चुका होता। अपनी बात खत्म करते हुए उन्होंने एक बार फिर अपना वही संकल्प दोहराया कि वे अपनों के लिए पद जरूर छोड़ सकते हैं, लेकिन चुनौतियों से लड़ना कभी नहीं छोड़ेंगे।

Shivam Shrivastava
ABOUT THE AUTHOR

Shivam Shrivastava

शिवम उत्तर प्रदेश के एक युवा और उभरते पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 4 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। वे राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और हाइपरलोकल खबरों की गहरी समझ रखते हैं और समसामयिक मुद्दों पर सटीक व प्रभावशाली रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी विशेष रुचि डाटा-ड्रिवन पत्रकारिता और विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग में है, जिससे उनकी खबरें अधिक तथ्यात्मक और विश्वसनीय बनती हैं। वे जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के बदलते स्वरूप को भी समझते हैं। लेखन और रिसर्च में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें एक सक्षम और जिम्मेदार पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।

Next Story