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पहले 6 सांसद, अब 14 विधायक... उद्धव गुट में फिर बड़ी बगावत! ‘ऑपरेशन टाइगर’ से शिवसेना में भगदड़
Uddhav Thackeray UBT Split: उद्धव ठाकरे गुट में एक बार फिर बड़ी बगावत की चर्चा तेज है। दावा है कि 20 में से 14 विधायक एकनाथ शिंदे गुट के संपर्क में हैं और ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत बड़ा खेल हो सकता है।
Uddhav Thackeray UBT Split: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बहुत बड़ा भूचाल आने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक गलियारों में जोर-शोर से चर्चा है कि पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) के आधे से अधिक विधायक पाला बदलने की फिराक में हैं। दावा किया जा रहा है कि ठाकरे गुट के 20 में से 14 विधायक उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं के लगातार संपर्क में बने हुए हैं। यदि यह दलबदल हकीकत का रूप लेता है, तो विधानसभा में उद्धव ठाकरे के पास मात्र 6 विधायक ही रह जाएंगे, जो उनकी पार्टी के लिए अब तक का सबसे बड़ा विधायी झटका साबित होगा।
शिंदे गुट के विधायक मुरजी पटेल का बड़ा खुलासा
शिंदे खेमे के प्रमुख विधायक मुरजी पटेल के एक बयान ने इस राजनीतिक अटकलबाजी को और ज्यादा हवा दे दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में बहुत जल्द 'ऑपरेशन टाइगर' को अंजाम दिया जाने वाला है। उनके अनुसार, पहले सांसदों का पाला बदलना और अब 14 विधायकों का संपर्क में आना इसी रणनीति का हिस्सा है। पटेल का कहना है कि विधायकों के बाद ठाकरे गुट के कई नगरसेवक और स्थानीय पार्षद भी शिंदे साहब के साथ आने वाले हैं, जिससे उद्धव गुट पूरी तरह अलग-थलग पड़ जाएगा।
नवरात्रि से पूर्व पाला बदलने का प्लान
सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि इस महा-दलबदल की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है और नवरात्रि की शुरुआत से पहले इस अभियान को अंतिम रूप दिया जा सकता है। कोंकण, मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र क्षेत्र के तीन प्रभावशाली मंत्रियों को इस गुप्त मिशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये मंत्री लगातार असंतुष्ट विधायकों के साथ बंद कमरों में वार्ता कर रहे हैं। चर्चा यह भी है कि पाला बदलने के बदले विधायक कैबिनेट में मंत्री पद, मनपसंद विभाग और राज्य स्तरीय निगमों में अध्यक्ष की कुर्सियां मांग रहे हैं।
मातोश्री में बुलाई गई आपात बैठक
गंभीर खतरे को भांपते हुए उद्धव ठाकरे ने हाल ही में मुंबई स्थित अपने निवास 'मातोश्री' में सभी प्रमुख नेताओं की एक बेहद अर्जेंट बैठक बुलाई। बैठक में मौजूदा स्थिति और संभावित खतरे से निपटने की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श हुआ। वहीं दूसरी ओर, शिवसेना यूबीटी के विधायक कैलाश पाटिल ने इन तमाम दावों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने इसे सत्तारूढ़ दल की केवल राजनीतिक चाल करार देते हुए कहा कि 'ऑपरेशन टाइगर' केवल हवा-हवाई बात है और पार्टी का कोई भी प्रतिनिधि शिंदे खेमे में शामिल नहीं होने जा रहा है।
जून महीने में भी लगा था करारा झटका
विधायकों में बिखराव की यह सुगबुगाहट ऐसे समय में तेज हुई है, जब कुछ ही समय पहले जून के दौरान ठाकरे गुट को लोकसभा स्तर पर बड़ा झटका लगा था। उस दौरान संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, नागेश पाटिल-अष्टीकर, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे जैसे 6 प्रमुख सांसदों ने एक साथ उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर एकनाथ शिंदे का दामन थाम लिया था। अब अगर 14 विधायक भी बागी होते हैं, तो उद्धव ठाकरे के पास अपनी राजनीतिक जमीन बचाना बेहद मुश्किल हो जाएगा।


