अगर साध्वी टूट जातीं, तो हिंदुत्व की रीढ़ जेल में सड़ रही होती... उमा भारती बोलीं- जेल में होते 'BJP' के बड़े 'नेता'; खुलासा!

Uma Bharti on Sadhvi Pragya: अगर साध्वी या कर्नल पुरोहित यातना के आगे हार मान जाते और कुछ नाम उगल देते, तो आज BJP के कई शीर्ष नेता...

Snigdha Singh
Published on: 31 July 2025 4:24 PM IST
अगर साध्वी टूट जातीं, तो हिंदुत्व की रीढ़ जेल में सड़ रही होती... उमा भारती बोलीं- जेल में होते BJP के बड़े नेता; खुलासा!
X

Uma Bharti on Sadhvi Pragya: यह कोई साधारण फैसला नहीं था, यह उन आंसुओं का जवाब था जो नासिक जेल में झरते रहे। यह उन घावों का मरहम था जो बरसों तक नंगी पीठ पर पड़े डंडों से रिसते रहे। आज जब कोर्ट ने मालेगांव ब्लास्ट केस में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, कर्नल पुरोहित और अन्य राष्ट्रवादी आरोपियों को निर्दोष घोषित किया, तो एक नहीं लाखों दिलों की चुप्पी टूट गई। मंच पर खड़ी मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती जब बोल रही थीं, तो वो सिर्फ एक नेता नहीं थीं। वो एक महिला, एक भगवा सैनिक और एक युगदृष्टा के रूप में न्याय के कटघरे में खड़े देश के असली गुनहगारों को ललकार रही थीं।

अगर साध्वी घबरा जातीं तो...

उमा भारती ने तीखे शब्दों में कहा कि अगर साध्वी प्रज्ञा ठाकुर यातनाओं से टूट जातीं, तो आज बीजेपी और इस देश के सभी राष्ट्रवादी संगठन अपने प्रमुख नेताओं को जेलों से छुड़वाने की लड़ाई लड़ रहे होते। साध्वी ने चुप्पी नहीं, बल्कि साहस की मशाल थामे रखी।

शरीर पर कोड़े और आत्मा पर कलंक

महाराष्ट्र पुलिस के एक अधिकारी के हवाले से उन्होंने कहा कि साध्वी को भीषण शारीरिक यातनाएं दी गईं। उमा भारती ने खुद नासिक की जेल में साध्वी से मुलाकात की थी। उनकी आंखों में आए आंसू बयां करते हैं कि अंदर की पीड़ा कितनी असहनीय थी। वो मुझसे बोलीं दीदी, जो आपने सुना वो सब सच है। मैंने देखा कैसे उसने अपने क़ैदी खाते से खुद के लिए माला और शॉल मंगवाई थी... वो शॉल मुझे ओढ़ाया माला पहनाई और मेरे आंसू पोंछे। मैं रोती नहीं लेकिन उस दिन मेरी आंखों के कोनों से दुख रिस रहा था। मुझे चुप कराने वाली वो खुद थी जिसने सात साल तक ज़िंदा लाश की तरह जेल काटी थी।

'भगवा आतंकवाद' शब्द गढ़ने वालों को माफ़ी मांगनी चाहिए

उमा भारती ने सीधे तौर पर राहुल गांधी, दिग्विजय सिंह और उन तमाम नेताओं पर हमला बोला जिन्होंने 'भगवा आतंकवाद' का झूठा नैरेटिव गढ़ा। इन नेताओं ने इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के बजाय अपने वोट बैंक के लिए हिन्दुओं को ही आतंकवादी बना दिया। आज जब कोर्ट ने उन्हें निर्दोष कहा है, तब इन सभी को देश के सामने हाथ जोड़कर, कान पकड़कर माफ़ी मांगनी चाहिए।

राजनीतिक षड्यंत्र की परतें खुलीं

उमा भारती का आरोप स्पष्ट है इस्लामिक आतंकवाद से बने वोट बैंक को खुश रखने के लिए कांग्रेस ने ‘हिन्दू आतंकवाद’ शब्द का आविष्कार किया। ये वो साजिश थी जो नेहरू युग से शुरू हुई ताले राम जन्मभूमि पर और माफ़ी मुस्लिम नाराज़गी से डरकर। यही नीति साध्वी प्रज्ञा पर अत्याचार में बदल गई।

अगर नाम ले लेतीं तो... उमा भारती की गर्जना

उमा भारती ने वो सच्चाई भी खोली जो आज तक अंधेरे में थी। अगर साध्वी या कर्नल पुरोहित यातना के आगे हार मान जाते और कुछ नाम उगल देते, तो आज BJP के कई शीर्ष नेता और दूसरे राष्ट्रवादी संगठन जेलों में बंद होते। साध्वी ने अपना जीवन लुटा दिया लेकिन सत्य और राष्ट्रवाद को गिरने नहीं दिया। कोर्ट ने आज सुनाया फैसला और इतिहास ने गवाही दी कि भगवा को बदनाम करने की हर कोशिश आज शर्मसार हुई।

1 / 6
Your Score0/ 6
Snigdha Singh
ABOUT THE AUTHOR

Snigdha Singh

Director : Content snigdhajimmc098@gmail.comsnigdhajimmc098@gmail.com

Hi! I am Snigdha Singh, Leadership role in Newstrack. Leading the editorial desk team with ideation and news selection and also contributes with special articles and features as well. I started my journey in journalism in 2017 and has worked with leading publications such as Jagran, Hindustan and Rajasthan Patrika and served in Kanpur, Lucknow, Noida and Delhi during my journalistic pursuits.

Next Story