UP चुनाव से पहले अखिलेश-मायावती समेत 52 नेताओं की बढ़ी सुरक्षा, योगी सरकार ने अचानक लिया बड़ा फैसला, लेकिन क्यों?

UP leaders Bulletproof Jackets: UP Election 2027 से पहले योगी सरकार ने अखिलेश यादव, मायावती समेत 52 नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराई है। 11 मंत्री भी सूची में शामिल हैं। जानिए चुनाव से पहले सुरक्षा बढ़ाने की वजह क्या है।

Harsh Srivastava
Published on: 21 Aug 2026 10:35 PM IST (Updated on: 21 Aug 2026 10:36 PM IST)
UP चुनाव से पहले अखिलेश-मायावती समेत 52 नेताओं की बढ़ी सुरक्षा, योगी सरकार ने अचानक लिया बड़ा फैसला, लेकिन क्यों?
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UP leaders Bulletproof Jackets: उत्तर प्रदेश की सियासत में आगामी 2027 के चुनावी समर से ठीक पहले हलचल तेज हो गई है। राज्य प्रशासन ने प्रदेश के शीर्ष राजनेताओं की सुरक्षा को लेकर एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक कदम उठाया है। खुफिया एजेंसियों के गुप्त इनपुट और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के 52 दिग्गज नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट सौंपने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। राज्य के इतिहास में यह पहला मौका है, जब इतने व्यापक पैमाने पर सत्तारूढ़ दल से लेकर विपक्षी खेमे के दिग्गज चेहरों को ऐसा सुरक्षा कवच दिया गया है।

दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मिली अतिरिक्त सुरक्षा

इस विशेष सुरक्षा घेरे की सबसे खास बात यह है कि इसमें किसी एक पार्टी के नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के कद्दावर चेहरे शामिल हैं। सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों और खतरे के आकलन के आधार पर यह फैसला लिया है। बुलेटप्रूफ जैकेट हासिल करने वाले प्रमुख चेहरों में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, बसपा सुप्रीम लीडर मायावती, निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', रामपुर के विधायक आकाश सक्सेना और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव समेत कुल 11 कैबिनेट मंत्री और कई वरिष्ठ विधायक शामिल हैं।

वाई से लेकर जेड प्लस श्रेणी के नेताओं पर बढ़ा पहरा

सुरक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक, यह नया इंतजाम नेताओं को पहले से मिल रहे सुरक्षा घेरे के अलावा एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच के रूप में काम करेगा। वर्तमान में वाई (Y) श्रेणी से लेकर जेड प्लस (Z+) श्रेणी की शीर्ष सुरक्षा पाने वाले नेताओं को इसमें शामिल किया गया है। खतरे की आशंका और सुरक्षा एजेंसियों की गहन समीक्षा के बाद ही इन 52 नामों की सूची तैयार की गई थी। अधिकारियों का मानना है कि बदलती परिस्थितियों में नेताओं के जीवन पर मंडराते जोखिम को ध्यान में रखते हुए यह फैसला बेहद जरूरी था।

रैलियों और रोड-शो से पहले चौकस हुआ खुफिया तंत्र

2027 का विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच रही हैं। आने वाले दिनों में विशाल जनसभाएं, ताबड़तोड़ रैलियां, पदयात्राएं और भव्य रोड-शो आयोजित किए जाएंगे। ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और भारी भीड़ को नियंत्रित करना सुरक्षा तंत्र के लिए बहुत बड़ी चुनौती होता है। इसी संभावित जोखिम और सुरक्षा व्यवस्था के भारी दबाव को देखते हुए प्रदेश के सुरक्षा मुख्यालय ने समय रहते बुलेटप्रूफ जैकेट वितरण के काम को अंतिम रूप दिया है।

सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म

अचानक उठाए गए इस बड़े सुरक्षा कदम के बाद से उत्तर प्रदेश के राजनीतिक माहौल में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि क्या सुरक्षा एजेंसियों को किसी बड़े हमले या साजिश की भनक मिली है। हालांकि, प्रशासन की ओर से खुफिया इनपुट की बारीकियों को सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन विपक्षी और सत्ताधारी नेताओं को एक साथ यह अभेद्य ढाल देने से साफ है कि सरकार चुनावी माहौल में सुरक्षा के मामले में रत्ती भर भी जोखिम उठाने के मूड में नहीं है।

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Harsh Srivastava is a journalist currently working as Desk In-Charge at NewsTrack, Lucknow. He began his journalism career in 2023 and has previously worked with Hindustan, Times Internet and India News. He holds a Master’s degree in Journalism and Mass Communication (MJMC). His key areas of interest include politics, elections and crime, with a wider focus on governance, public policy and current affairs. He writes research-driven and SEO-focused digital stories, combining journalistic depth with an understanding of digital audiences. Harsh has covered the 2026 West Bengal Assembly Election, several state elections and bypolls, and extensively followed the Delhi CJP protest and its developments. His work includes news reports, explainers, features and analytical stories. Originally from Varanasi, Harsh has worked across Varanasi, Delhi and Lucknow, with experience spanning reporting, digital journalism, content writing and editorial operations.

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