क्या सच में ₹2,000 से ऊपर के UPI Payment पर लगेगा चार्ज? 0.4% शुल्क पर सरकार ने कर दिया सब क्लियर

वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ₹2,000 तक के UPI और RuPay डेबिट कार्ड लेनदेन पर बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर कोई शुल्क नहीं लगा सकते।

Sachin Singh
Published on: 15 Sept 2026 7:06 PM IST (Updated on: 15 Sept 2026 7:56 PM IST)
क्या सच में ₹2,000 से ऊपर के UPI Payment पर लगेगा चार्ज? 0.4% शुल्क पर सरकार ने कर दिया सब क्लियर
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UPI Payment Charges: अभी अभी खबर आई थी कि ₹2,000 से ऊपर के UPI पैमेंट पर चार्जेज लगेगा, लेकिन इसे लेकर सरकार अब क्लियर किया है। UPI से पेमेंट करने वालों के लिए सरकार ने एक बड़ी राहत की बात साफ कर दी है।

वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि ₹2,000 तक के UPI पेमेंट या RuPay डेबिट कार्ड से किए गए भुगतान पर बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर कोई चार्ज नहीं लगा सकते हैं। यानी अगर आप ₹2,000 तक का भुगतान UPI या RuPay डेबिट कार्ड से करते हैं, तो इसके लिए आपसे कोई एक्सट्रा चार्ज नहीं लिया जाएगा।

हालांकि, व्यक्ति से व्यापारी लेनदेन में ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट लगाया जाएगा। यानी किसी समान के खरीद पर ये शुल्क देना होगा।

सरकार की इस सफाई के बाद उन लोगों की चिंता भी दूर हो गई है, जिन्हें आशंका थी कि अब UPI से पैसे भेजने या लेने पर चार्ज देना पड़ सकता है।

समझिए पूरा गणित:

  • व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) UPI लेनदेन पर कितनी भी रकम ट्रांसफर की जाए, कोई शुल्क नहीं लगेगा।
  • व्यक्ति से व्यापारी (P2M) लेनदेन में ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट लगाया जाएगा। ₹75,000 या उससे अधिक के बड़े लेनदेन पर MDR अधिकतम ₹300 प्रति लेनदेन तक सीमित रहेगा।
  • व्यापारियों को किए जाने वाले भुगतान में तय सीमा से अधिक के लेनदेन पर मामूली MDR लगेगा। ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर ₹300 की सीमा इसलिए तय की गई है, ताकि भुगतान की रकम बढ़ने के साथ मर्चेंट ट्रांजैक्शन फीस अनिश्चित रूप से न बढ़ती जाए।

दोस्तों और परिवार को पैसे भेजना रहेगा फ्री

अगर आप UPI के जरिए अपने दोस्त, परिवार या किसी दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते में पैसे भेजते हैं, तो ऐसे Person-to-Person यानी P2P ट्रांसफर पर भी कोई नया चार्ज नहीं लगाया गया है।

यानी एक बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में UPI के जरिए पैसे भेजने की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी। इसमें रकम कितनी भी हो, सामान्य यूजर के लिए इसे अचानक पेड सर्विस नहीं बनाया गया है।

UPI के पेड होने को लेकर चर्चा उस समय तेज हुई थी, जब Payment and Settlement Systems Act में कुछ बदलाव किए गए। इसके बाद लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा था कि क्या आने वाले समय में UPI पेमेंट पर शुल्क लगाया जाएगा। अब सरकार ने कहा है कि सामान्य यूजर्स पर UPI इस्तेमाल करने के लिए अचानक कोई चार्ज नहीं लगाया जा रहा है।

MDR क्या होता है?

MDR का मतलब Merchant Discount Rate यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट है। यह डिजिटल पेमेंट से जुड़ा एक शुल्क है, जो मुख्य रूप से उन कारोबारियों से संबंधित होता है जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करते हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि MDR को आम यूजर के हर UPI पेमेंट पर लगने वाले शुल्क के तौर पर नहीं समझना चाहिए।

अगर भविष्य में MDR में कोई बदलाव होता भी है, तो वह कुछ खास तरह के लेनदेन या मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू हो सकता है। इसका मतलब यह नहीं होगा कि हर व्यक्ति को हर बार UPI से पेमेंट करने पर चार्ज देना पड़ेगा।

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Sachin Singh is a media professional with 4 years of experience in the field of journalism and digital media. After completing his education at Jamia Millia Islamia Central University, he has worked with reputed media organizations such as Editor ji, ABP News and Doordarshan. Currently, Sachin Singh is working as a Content Writer with News Track, where he contributes to fast-paced digital news coverage and content creation. His areas of interest include politics, national and international affairs, and food. With experience across different formats of journalism, he focuses on producing informative, accurate, and engaging content for digital audiences.

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