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'विदेशी दबाव में नहीं लिया फैसला', UPI MDR पर सरकार ने किया साफ, कांग्रेस ने इस देश के दबाव का लगाया था आरोप
केंद्र सरकार ने UPI पर 0.4% MDR लागू करने के फैसले में विदेशी दबाव के आरोपों को खारिज किया है।
UPI Charges: UPI पेमेंट पर Merchant Discount Rate यानी MDR लागू करने को लेकर चल रही सियासी बहस के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। सरकार ने उन दावों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि UPI पर शुल्क लगाने का फैसला विदेशी दबाव में लिया गया है।
विपक्ष के इन आरोपों के बाद वित्त मंत्रालय ने साफ कर दिया कि UPI से जुड़े फैसले किसी विदेशी दबाव में नहीं लिए गए हैं। सरकार ने कहा कि भारत की UPI नीति का उद्देश्य देश में एक मजबूत और टिकाऊ डिजिटल पेमेंट सिस्टम तैयार करना है।
95 फीसदी से ज्यादा UPI मर्चेंट पेमेंट 2 हजार से कम
वित्त मंत्रालय ने यह भी बताया कि मर्चेंट को किए जाने वाले 95 प्रतिशत से ज्यादा UPI पेमेंट 2,000 रुपये से कम के होते हैं। ऐसे में नए MDR नियम से रोजमर्रा के ज्यादातर छोटे UPI पेमेंट प्रभावित नहीं होंगे।
कांग्रेस ने विदेशी दबाव का लगाया था आरोप
UPI पर MDR लागू किए जाने को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए थे। कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया कि यह फैसला अमेरिकी कंपनियों को फायदा पहुंचाने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शिकायतों को दूर करने के लिए किया गया है।
कांग्रेस नेता रमेश ने सवाल उठाया था कि 0.4 प्रतिशत MDR क्यों तय किया गया और क्या इसकी वजह डेबिट कार्ड पर भी 0.4 प्रतिशत MDR होना है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि सरकार ने UPI पर जीरो MDR खत्म करने का फैसला अमेरिकी मांग के दबाव में लिया है।
2 हजार रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर 0.4% MDR
नए नियम के तहत 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। हालांकि, यह शुल्क ग्राहकों से नहीं लिया जाएगा। National Payments Corporation of India यानी NPCI के अनुसार, इस शुल्क का भुगतान मर्चेंट यानी भुगतान प्राप्त करने वाले कारोबारी करेंगे।
उदाहरण के तौर पर अगर कोई ग्राहक किसी कारोबारी को UPI के जरिए 10,000 रुपये का भुगतान करता है, तो कारोबारी पर 0.4 प्रतिशत के हिसाब से 40 रुपये का MDR लगेगा। वहीं, प्रति ट्रांजैक्शन MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये तय की गई है।
आम ग्राहक के लिए UPI पेमेंट फ्री रहेगा
सरकार ने साफ किया है कि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को भेजे जाने वाले पैसे यानी Person-to-Person ट्रांसफर पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। इसके अलावा दोस्तों को पैसे भेजना, दुकानों पर भुगतान करना या QR कोड स्कैन करके पेमेंट करना भी उपभोक्ताओं के लिए बिना शुल्क जारी रहेगा।


