VIDEO: बदरीनाथ में दर्शन, माना गांव की सैर और फिर मौत का सफर, लौटने की आखिरी ख्वाहिश अधूरी

बदरीनाथ हेलीकॉप्टर हादसे में कर्नाटक के 5 श्रद्धालुओं और दिल्ली के पायलट की मौत हो गई। माना गांव घूमने के बाद श्रद्धालुओं ने जल्द घर लौटने की इच्छा जताई थी। जानिए हादसे की पूरी कहानी।

Alakha Singh
Published on: 30 Oct 2026 10:50 PM IST (Updated on: 30 Oct 2026 10:52 PM IST)
VIDEO: बदरीनाथ में दर्शन, माना गांव की सैर और फिर मौत का सफर, लौटने की आखिरी ख्वाहिश अधूरी
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Uttarakhand Helicopter Crash Visuals: भगवान बदरी विशाल के दर्शन, माना गांव की सैर और फिर घर लौटने की तैयारी। कर्नाटक से आए पांच श्रद्धालुओं की चारधाम यात्रा कुछ घंटों पहले तक खुशियों से भरी थी। माना गांव घूमने के बाद उन्होंने हेलीपैड पर मौजूद गाइड से एक सवाल पूछा था- 'क्या हम आज ही वापस लौट सकते हैं?' उन्हें क्या पता था कि घर लौटने की यह ख्वाहिश कभी पूरी नहीं हो पाएगी। शुक्रवार को बदरीनाथ से देहरादून जा रहा हेलीकॉप्टर चमोली जिले के जोशीमठ के पास पहाड़ी से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में पांच श्रद्धालुओं और दिल्ली के पायलट समेत सभी छह लोगों की मौत हो गई।

इस हादसे ने उत्तराखंड की चारधाम यात्रा को एक बार फिर गहरे शोक में डुबो दिया है। जिस यात्रा पर श्रद्धालु भगवान के दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुंचे थे, वही उनकी जिंदगी की आखिरी यात्रा बन गई।

माना गांव घूमने के बाद जताई थी जल्द लौटने की इच्छा

कर्नाटक से आए पांचों श्रद्धालु गुरुवार सुबह बदरीनाथ धाम पहुंचे थे। करीब 10 बजे हेलीकॉप्टर से धाम पहुंचने के बाद उन्होंने भगवान बद्री विशाल के दर्शन किए। इसके बाद वे भारत के अंतिम गांव के रूप में प्रसिद्ध माना गांव घूमने गए। यहां उन्होंने भीम पुल और सरस्वती नदी के उद्गम स्थल को देखा।

घूमने के बाद श्रद्धालुओं ने उसी दिन वापस लौटने की इच्छा जताई थी। उन्होंने हेलीपैड पर मौजूद गाइड से पूछा था कि क्या वे आज ही लौट सकते हैं। हालांकि, खराब मौसम के कारण उनकी वापसी संभव नहीं हो सकी। उन्हें शुक्रवार सुबह लौटना था।

लेकिन मौसम की खराबी और कम दृश्यता के कारण उड़ान में देरी हुई। आखिरकार शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजकर 14 मिनट पर ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर बदरीनाथ से देहरादून के लिए रवाना हुआ।

जोशीमठ घाटी में टूटा संपर्क, चाई गांव के पास पहाड़ी से टकराया हेलीकॉप्टर

हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरने के करीब एक घंटे बाद जोशीमठ घाटी के ऊपर अपना संपर्क खो दिया। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) के मुताबिक, हेलीकॉप्टर का एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूटने के साथ ही उसका ट्रैकिंग सिस्टम भी काम करना बंद कर गया।

शुरुआत में हेलीकॉप्टर के लापता होने की सूचना मिली। इसके बाद सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें तलाश अभियान में जुट गईं। आखिरकार हेलीकॉप्टर का मलबा चमोली जिले के चाई गांव के पास, मारवाड़ी पुल और जेपी पावर हाउस के नजदीक पहाड़ी पर मिला। हादसा दोपहर करीब 2:20 बजे हुआ था।

हादसे में जान गंवाने वालों की हुई पहचान

हेलीकॉप्टर में पांच यात्री और एक पायलट सवार थे। चमोली के एसपी के मुताबिक, सभी छह लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:

- प्रताप (Prathapa)

- अरुण (Arun)

- शंकर गौड़ा (Shankar Gowda)

- सुधीर के. (Sudheer K.)

- एचएस नटराज (H.S. Natraja)

- कैप्टन हिमांशु (पायलट)

पांचों यात्री कर्नाटक के बेंगलुरु के रहने वाले थे, जबकि पायलट कैप्टन हिमांशु दिल्ली के निवासी थे।

ट्रांस भारत एविएशन का पूरा बेड़ा ग्राउंडेड

हादसे के बाद विमानन सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर निजी कंपनी ट्रांस भारत एविएशन का था। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण ने एहतियातन कंपनी के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े को ग्राउंडेड कर दिया है।

वहीं, हादसे की जांच के लिए एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की टीम रवाना की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, दुर्घटनास्थल पर सभी छह लोगों के शव मिल गए थे, हालांकि शुक्रवार रात तक उनके बरामद किए जाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी।

कर्नाटक सरकार ने दिया हर संभव मदद का भरोसा

कर्नाटक सरकार ने हादसे पर दुख जताते हुए उत्तराखंड प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया है। सरकार की ओर से मृतकों के पार्थिव शरीर को जल्द कर्नाटक पहुंचाने और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

बदरीनाथ के दर्शन करने पहुंचे इन पांच श्रद्धालुओं की आखिरी ख्वाहिश घर लौटने की थी। लेकिन मौसम की खराबी के चलते टली उनकी वापसी अंततः एक ऐसी त्रासदी में बदल गई, जिसने छह परिवारों की खुशियां छीन लीं।

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Alakha Singh is a Senior journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. At Livehindustan Alakha has worked on National, States and Utility beats (Career Beat in last 4 years mainly), Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma in Journalism from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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