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अब बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी! आरोप साबित हुए तो किसी को नहीं बख्शेंगे, कैसे हुआ शक?
Badrinath Dham Chori News: बदरीनाथ धाम में चढ़ावे पर 'चोरी' के आरोप से बवाल मच गया। बीकेटीसी पर उठे गंभीर सवाल। जांच के आदेश, दोषी मिले तो होगी कड़ी कार्रवाई।
Badrinath Mandir Chori News: अयोध्या राम मंदिर के बाद अब देश के सबसे प्रतिष्ठित और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र बदरीनाथ धाम में चढ़ावे को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विश्वविख्यात बदरीनाथ धाम में दान और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी तथा चोरी के आरोपों ने धार्मिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है।
एक धार्मिक संगठन भैरव सेना ने सीधे बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष के निजी सचिव बताए जा रहे कर्मचारी पर चढ़ावे में हेराफेरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप सामने आते ही बीकेटीसी प्रबंधन हरकत में आ गया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद बीकेटीसी ने पहले स्तर पर मामले की आंतरिक जांच शुरू की। इसके बाद बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने संबंधित कर्मचारी सहित ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मचारियों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। हालांकि अब तक किसी भी कर्मचारी के खिलाफ आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं और जांच जारी है।
अध्यक्ष बोले- आरोप साबित हुए तो किसी को नहीं बख्शेंगे
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए स्पष्ट किया कि निष्पक्ष जांच के लिए समिति गठित करने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिस व्यक्ति को उनका निजी सचिव बताया जा रहा है, वह वास्तव में बीकेटीसी का नियमित सरकारी कर्मचारी है और पूर्व में भी मंदिर समिति के कई अध्यक्षों के साथ वैयक्तिक सहायक के रूप में कार्य कर चुका है। इसलिए केवल पदनाम के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
सीसीटीवी फुटेज बनी जांच की सबसे बड़ी कड़ी
सूत्रों के मुताबिक, पूरे विवाद की जांच में सीसीटीवी फुटेज अहम आधार बनी हुई है। हालांकि जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि फुटेज को जूम करने के बाद भी तस्वीर स्पष्ट नहीं दिखाई दे रही है। इसी कारण संबंधित व्यक्ति की पहचान और कथित गतिविधियों की पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। जांच अधिकारी तकनीकी स्तर पर फुटेज की गुणवत्ता सुधारने का प्रयास कर रहे हैं।
अंदरूनी सूचना से खुला मामला!
सूत्रों का दावा है कि मंदिर समिति के भीतर से ही किसी कर्मचारी ने भैरव सेना को दान गिनती में कथित अनियमितताओं की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि जब सीसीटीवी में कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं तो संगठन ने तत्काल बीकेटीसी के सीईओ को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद मामला सार्वजनिक हुआ और जांच शुरू हुई।
विवादों से पीछा नहीं छुड़ा पा रही बीकेटीसी
बदरी-केदार मंदिर समिति पहले भी कई विवादों को लेकर सुर्खियों में रही है। हाल के वर्षों में समिति की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। प्रमुख विवादों में गर्भगृह की दीवारों पर लगाई गई सोने की प्लेटों का रंग उतरने का मामला, मंदिर परिसर में दान के लिए क्यूआर कोड लगाए जाने पर विवाद, बजट के कथित दुरुपयोग, एक पदाधिकारी द्वारा अपनी पत्नी की नियुक्ति, तथा वीआईपी दर्शन व्यवस्था को लेकर उठे सवाल शामिल हैं।
लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने बीकेटीसी की कार्यप्रणाली और विश्वसनीयता पर बहस तेज कर दी है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस संस्थान के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती पारदर्शिता बनाए रखने और लोगों का भरोसा कायम रखने की है।
सीईओ की अपील, जांच पूरी होने तक संयम रखें
बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। इसलिए बिना जांच पूरी हुए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है। उन्होंने लोगों और संगठनों से अपील की कि अपुष्ट या भ्रामक आरोपों से बचें तथा धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखें।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोपों में कितना सच है। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल एक प्रशासनिक लापरवाही का मामला नहीं होगा, बल्कि देश के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक की व्यवस्था और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न भी खड़ा करेगा।


