CJP मंच पर 'हीरो' बन रहे पुलिसवाले की उत्तराखंड सरकार ने खोली पोल, गिनाए आपराधिक रिकॉर्ड

CJP Protest: जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के दौरान इस्तीफे का ऐलान करने वाले उत्तराखंड के सिपाही शेर सिंह पर उत्तराखंड सरकार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। सरकार ने प्रवीण वाल्मीकि गैंग से कथित संबंध, जमीन कब्जाने और आपराधिक मामलों का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक किया।

Alakha Singh
Published on: 24 July 2026 9:55 PM IST (Updated on: 24 July 2026 9:56 PM IST)
ig kumaon range
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CJP Protest: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा विवाद को लेकर चल रहा विरोध-प्रदर्शन लंबा खिचता जा रहा है। इसी बीच बहुत से लोगों में देशभक्त बनने का भी जोश बढ़चढ़ कर देखने को मिल रहा। इसी बीच उत्तराखंड के सिपाही ने उस व्यक्त हैरान कर दिया जब वह अपनी वर्दी से बैज निकालकर क्रांतिकारी बनने का ऐलान किया। इस खबर को लोगों ने हाथों हाथ लिया और उस सिपाही को दाद देने लगे। लेकिन इसके कुछ देर बाद ही पूरा खेल मिट्टी में मिल गया। उत्तराखंड सरकार (IG Kumaon Range) ने सिपाही की पूरी कुंडली ही खोल दी।

हरिद्वार-रुड़की के कुख्यात गैंगस्टर प्रवीण वाल्मीकि गैंग से जुड़े मामले में पुलिस ने गंभीर खुलासे किए हैं। पुलिस के अनुसार प्रवीण वाल्मीकि उत्तराखंड के हरिद्वार और देहरादून में हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध वसूली, अपहरण और भूमि पर अवैध कब्जे जैसे दर्जनों आपराधिक मामलों में आरोपी है और वर्तमान में जेल में सजा काट रहा है।

पुलिस का आरोप है कि जेल में रहने के बावजूद प्रवीण वाल्मीकि अपने आपराधिक गैंग का संचालन करता था। इस गैंग में मनीष बॉलर, शेर सिंह और हसन अब्बास जैदी समेत अन्य लोग शामिल थे, जो स्थानीय लोगों को डराकर उनकी जमीनों पर कब्जा करने और अवैध रूप से धन अर्जित करने का काम करते थे।

जांच के अनुसार गैंग ने रुड़की की एक विधवा महिला को भी निशाना बनाया। आरोप है कि महिला के भाई और देवर को पहले गैंग के सदस्यों ने गोली मार दी थी। इस घटना के बाद महिला भय के कारण अपने बच्चों के साथ रुड़की छोड़कर दूसरे स्थान पर रहने लगी। इसी दौरान उसकी जमीन पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर उसे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेच दिया गया।



पुलिस का कहना है कि जब पीड़िता को इस पूरे मामले की जानकारी हुई और उसने कानूनी कार्रवाई शुरू की, तब उसे और उसके परिवार को लगातार धमकाया गया। आरोप है कि उस समय उत्तराखंड पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात शेर सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गैंगस्टर प्रवीण वाल्मीकि से सितारगंज जेल और रुड़की कोर्ट में कई बार मुलाकात की। इसके बाद पीड़िता पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया गया और कोर्ट में पेशी के दौरान भी उसे कथित रूप से धमकाया गया।

पुलिस के मुताबिक शेर सिंह ने गैंग के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर विवादित जमीन की बिक्री में भी भूमिका निभाई और इससे अवैध लाभ अर्जित किया।

इस मामले में थाना गंगनहर, जनपद हरिद्वार में मुकदमा संख्या 415/2025 दर्ज किया गया। केस में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111(2)(बी), 351(2) और 352 के तहत कार्रवाई की गई।

पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी शेर सिंह को 15 सितंबर 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में उसे 7 नवंबर 2025 को उत्तराखंड हाईकोर्ट, नैनीताल से जमानत मिल गई।

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Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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