Vaibhav Suryavanshi Net Worth 2026: IPL से करोड़पति बने वैभव सूर्यवंशी, जानिए नाबालिगों की कमाई पर क्या कहता है कानून

Vaibhav Suryavanshi Net Worth 2026: आईपीएल और ब्रांड डील्स से करोड़ों की कमाई करने वाले वैभव सूर्यवंशी की नेटवर्थ चर्चा में है। जानिए भारतीय कानून नाबालिगों की कमाई पर क्या नियम लागू करता है।

Jyotsana Singh
Published on: 3 Jun 2026 4:36 PM IST (Updated on: 4 Jun 2026 12:40 AM IST)
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Vaibhav Suryavanshi Net Worth 2026 

Vaibhav Suryavanshi Net Worth 2026: क्रिकेट प्रेमियों के बीच इन दिनों एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और फील्ड पर शानदार प्रदर्शन से दिल जीतने वाले वैभव अब सिर्फ खेल के कारण ही नहीं, बल्कि अपनी करोड़ों की कमाई को लेकर भी सुर्खियों में हैं। आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट, ब्रांड एंडोर्समेंट और अन्य कमर्शियल डील्स के जरिए उनकी अनुमानित नेटवर्थ करीब 7 करोड़ रुपये बताई जा रही है। अब लोग वैभव की नेटवर्थ को देखकर सोच में पड़ गए हैं कि इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी कमाई पर क्या 18 साल से कम उम्र के बच्चों को भी इनकम टैक्स देना पड़ता है? आइए समझते हैं कि भारतीय आयकर कानून नाबालिगों की कमाई को किस नजरिए से देखता है।

सबसे जरूरी बात, उम्र नहीं, कमाई मायने रखती है

भारत के आयकर कानून के अनुसार टैक्स लगाने के लिए व्यक्ति की उम्र नहीं, बल्कि उसकी आय महत्वपूर्ण होती है। यानी यदि कोई बच्चा 18 साल से कम उम्र का है और उसकी आय टैक्स योग्य सीमा में आती है, तो उस आय पर भी कर देनदारी बन सकती है। नाबालिगों की आय को आयकर विभाग दो अलग-अलग श्रेणियों में बांटता है। इन्हीं श्रेणियों के आधार पर तय होता है कि टैक्स कौन देगा और आय किसके नाम पर दिखाई जाएगी।

पैसिव इनकम पर लागू होता है ‘क्लबिंग ऑफ इनकम’ नियम

पहली श्रेणी है पैसिव इनकम यानी ऐसी आय, जो बच्चे की व्यक्तिगत मेहनत या प्रतिभा से नहीं आती। उदाहरण के तौर पर यदि बच्चे के नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट है, बैंक ब्याज मिलता है, म्यूचुअल फंड में निवेश है या किसी संपत्ति से किराया आता है, तो यह पैसिव इनकम मानी जाती है। आयकर अधिनियम की धारा 64(1A) के तहत ऐसी आय को बच्चे की आय नहीं माना जाता, बल्कि इसे माता-पिता की आय में जोड़ दिया जाता है। इसे ‘क्लबिंग ऑफ इनकम’ कहा जाता है। माता-पिता में जिसकी आय अधिक होती है, बच्चे की यह अतिरिक्त आय उसी के टैक्स रिटर्न में जोड़ी जाती है और उसी के टैक्स स्लैब के अनुसार कर लगाया जाता है। हालांकि सरकार प्रति बच्चे 1,500 रुपये तक की सीमित कर छूट भी देती है।

वैभव सूर्यवंशी की कमाई पर क्यों अलग हैं नियम?

वैभव सूर्यवंशी का मामला सामान्य बच्चों से अलग है। उनकी कमाई किसी निवेश, ब्याज या पारिवारिक संपत्ति से नहीं आ रही, बल्कि उनके क्रिकेट कौशल और पेशेवर प्रदर्शन से हो रही है। आईपीएल से मिलने वाली फीस, मैच फीस, ब्रांड प्रमोशन, विज्ञापन अनुबंध और अन्य कमर्शियल गतिविधियों से होने वाली आय को प्रोफेशनल या एक्टिव इनकम माना जाता है। आयकर कानून में स्पष्ट प्रावधान है कि यदि कोई नाबालिग अपनी विशेष प्रतिभा, कला, खेल कौशल, अभिनय, संगीत या किसी पेशेवर गतिविधि के माध्यम से कमाई करता है, तो उस आय को माता-पिता की आय में नहीं जोड़ा जाएगा। ऐसी स्थिति में नाबालिग व्यक्ति स्वयं एक स्वतंत्र करदाता माना जाता है और उसकी आय पर अलग से टैक्स का आकलन किया जाता है।

क्या वैभव को भी देना होगा टैक्स?

यदि वैभव सूर्यवंशी की कुल कर योग्य आय मौजूदा टैक्स नियमों के अनुसार निर्धारित सीमा से अधिक है, तो उन्हें भी अन्य करदाताओं की तरह आयकर देना होगा। उनकी आय पर वही टैक्स स्लैब लागू होंगे जो वयस्क करदाताओं पर लागू होते हैं। यानी करोड़ों रुपये की कमाई होने पर उन्हें भी संबंधित टैक्स स्लैब के अनुसार कर चुकाना पड़ेगा। नाबालिग होने के कारण उन्हें कोई विशेष टैक्स छूट नहीं मिलती।

नाबालिग होने पर भी क्या ITR फाइल होता है?

भारतीय कानून के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु का व्यक्ति अधिकांश वित्तीय और कानूनी अनुबंध स्वयं नहीं कर सकता। इसलिए नाबालिग की ओर से उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावक टैक्स संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी करते हैं। इसके लिए अभिभावक को आयकर विभाग के पास ‘Representative Assessee’ यानी प्रतिनिधि करदाता के रूप में पंजीकरण कराना होता है। बच्चे के नाम पर पैन कार्ड और बैंक खाता खोला जाता है, जिसके माध्यम से टैक्स भुगतान और आईटीआर फाइलिंग की प्रक्रिया पूरी होती है।

खेल और मनोरंजन जगत में बढ़ रहे हैं ऐसे उदाहरण

वैभव सूर्यवंशी अकेले ऐसे खिलाड़ी नहीं हैं जिन्होंने कम उम्र में बड़ी कमाई की हो। खेल, मनोरंजन और सोशल मीडिया की दुनिया में कई ऐसे युवा सितारे हैं जो 18 साल की उम्र से पहले ही लाखों-करोड़ों रुपये कमाने लगते हैं।

आयकर के मामले में कानून उम्र नहीं, बल्कि कमाई के स्रोत को प्राथमिकता देता है। यदि कोई नाबालिग अपनी प्रतिभा के दम पर करोड़ों रुपये कमाता है, तो उसकी आय पर भी टैक्स लागू होता है और उसे एक स्वतंत्र करदाता की तरह देखा जाता है। इसलिए वैभव की आईपीएल और विज्ञापन से होने वाली कमाई पर भी आयकर नियम पूरी तरह लागू होंगे, भले ही उनकी उम्र अभी सिर्फ 15 साल ही क्यों न हो।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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