‘वंदे मातरम्’ पर घिरी कांग्रेस का पलटवार, शाह से पूछा- अपनी नाकामियों पर कब देंगे जवाब?

Vande Mataram Controversy: अमित शाह के कांग्रेस से माफी मांगने के बयान पर जयराम रमेश और पवन खेड़ा ने पलटवार किया। कांग्रेस ने इसे सरकार की नाकामियों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।

Alakha Singh
Published on: 16 Aug 2026 8:34 PM IST (Updated on: 16 Aug 2026 8:40 PM IST)
‘वंदे मातरम्’ पर घिरी कांग्रेस का पलटवार, शाह से पूछा- अपनी नाकामियों पर कब देंगे जवाब?
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Vande Mataram Controversy: ‘वंदे मातरम्’ को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी संग्राम और तेज हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर राष्ट्रीय गीत के कथित अपमान का आरोप लगाते हुए सोनिया गांधी और पार्टी से माफी की मांग की, तो कांग्रेस ने पलटवार करते हुए शाह पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ‘वंदे मातरम्’ विवाद को सरकार की कथित नाकामियों से जनता का ध्यान हटाने के लिए राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है।

‘अपनी और साहेब की नाकामियों से ध्यान भटकाना चाहते हैं शाह’

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि जो व्यक्ति संसद में डॉ. भीमराव आंबेडकर को लेकर दिए गए बयान को लेकर विपक्ष के निशाने पर रहा है, वह अब कांग्रेस से माफी मांगने की बात कर रहा है।

रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में शाह पर हमला बोलते हुए कहा कि वह ऐसे वैचारिक संगठन से जुड़े हैं, जिसने लंबे समय तक अपने मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि शाह ‘वंदे मातरम्’ विवाद के जरिए “असल मुद्दों” और सरकार की कथित “नाकामियों” से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं।

कांग्रेस का यह पलटवार सीधे तौर पर बीजेपी के उस नैरेटिव को चुनौती देता है, जिसमें ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय सम्मान और राष्ट्रवाद के सवाल से जोड़कर कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया जा रहा है।

कांग्रेस मांगे माफी: अमित शाह

दरअसल, चित्तौड़गढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने आरोप लगाया कि दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ को बीच में रोक दिया गया।

शाह ने दावा किया कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने पार्टी अध्यक्ष से गीत को रोकने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए हजारों लोगों ने ‘वंदे मातरम्’ गाने के कारण लाठियां खाईं, गोलियां झेलीं और जेल गए।

गृह मंत्री ने कांग्रेस से जनता और गीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रति माफी मांगने को कहा। शाह ने कांग्रेस पर ‘वोट बैंक की राजनीति’ के कारण ‘वंदे मातरम्’ को भुलाने का आरोप भी लगाया।

कांग्रेस: ‘जब वंदे मातरम् पर लाठियां बरस रही थीं, तब कौन खड़ा था?’

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने भी शाह के बयान पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जब ‘वंदे मातरम्’ बोलने पर अंग्रेजी शासन के दौरान लाठियां बरसाई जाती थीं, तब कांग्रेस ने इस गीत के जरिए आजादी की लड़ाई का बिगुल बजाया था।

खेड़ा ने RSS और उससे जुड़े संगठनों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उस दौर में संघ से जुड़े लोग या तो पीछे हट गए थे या ब्रिटिश शासन को खुश करने की कोशिश कर रहे थे।

कांग्रेस का यह हमला महज मौजूदा विवाद तक सीमित नहीं है। पार्टी अब ‘वंदे मातरम्’ की मौजूदा राजनीति को स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और RSS की भूमिका के सवाल से जोड़ने की कोशिश कर रही है।

1937 के इतिहास का हवाला देकर बीजेपी पर जयराम रमेश का पलटवार

कांग्रेस नेताओं ने जयराम रमेश के राज्यसभा में दिए गए पुराने भाषण को भी सोशल मीडिया पर साझा किया है। यह भाषण ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर हुई चर्चा से जुड़ा था।

रमेश ने उस बहस में 1937 में कांग्रेस के भीतर ‘वंदे मातरम्’ को लेकर हुई चर्चा का उल्लेख किया था। उन्होंने राजेंद्र प्रसाद, सरदार पटेल, महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, जवाहरलाल नेहरू, मौलाना आजाद और अन्य नेताओं की भूमिका का हवाला देते हुए कहा था कि गीत की पहली दो पंक्तियों को लेकर व्यापक सहमति बनी थी।

रमेश का तर्क था कि कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम्’ को खारिज नहीं किया, बल्कि उस समय के राजनीतिक और सामाजिक माहौल को देखते हुए इसके इस्तेमाल को लेकर एक स्पष्ट व्यवस्था बनाई गई थी।

‘इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है बीजेपी’

रमेश ने बीजेपी पर इतिहास को अपने राजनीतिक नैरेटिव के मुताबिक पेश करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि आजादी के आंदोलन से जुड़े नेताओं के फैसलों को ‘तुष्टिकरण’ की राजनीति के चश्मे से देखना इतिहास के साथ अन्याय है।

उन्होंने 1937 के कांग्रेस कार्यसमिति के प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए कहा था कि उस समय महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल, जवाहरलाल नेहरू, मौलाना आजाद और आचार्य कृपलानी जैसे नेता मौजूद थे।

कांग्रेस अब इसी इतिहास को बीजेपी के मौजूदा हमले के जवाब में हथियार बना रही है।

टैगोर बनाम बंकिम चंद्र का मुद्दा भी उठा

जयराम रमेश ने अपने भाषण में यह सवाल भी उठाया था कि ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय बनाम रवींद्रनाथ टैगोर के विवाद में क्यों बदला जा रहा है।

कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी इतिहास के अलग-अलग प्रसंगों को राजनीतिक विवाद में बदलकर अपने पक्ष में नैरेटिव तैयार कर रही है।

बीजेपी का पलटवार: कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए

दूसरी ओर, बीजेपी ने कांग्रेस के पलटवार को खारिज करते हुए अपने आरोप दोहराए हैं। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ के दौरान कथित तौर पर जिस तरह का व्यवहार किया, वह राष्ट्रीय गीत के प्रति असम्मान को दर्शाता है।

बीजेपी ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से माफी की मांग की है।

असली लड़ाई अब ‘वंदे मातरम्’ से आगे निकल चुकी है

इस पूरे विवाद को सिर्फ राष्ट्रीय गीत को लेकर मतभेद मानना मुश्किल है। इसके पीछे अब राष्ट्रवाद बनाम इतिहास, कांग्रेस बनाम बीजेपी और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत पर राजनीतिक दावे की बड़ी लड़ाई दिखाई दे रही है।

बीजेपी ‘वंदे मातरम्’ को कांग्रेस के कथित तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस पलटवार में RSS की ऐतिहासिक भूमिका, आजादी के आंदोलन और सरकार की मौजूदा नाकामियों का मुद्दा उठा रही है।

यानी ‘वंदे मातरम्’ अब सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि 2026 की सियासत में इतिहास और राष्ट्रवाद की नई राजनीतिक जंग का मैदान बनता जा रहा है।

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Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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