TRENDING TAGS :
‘अल्लाह के सिवा किसी की इबादत नहीं…’, वंदे मातरम् विवाद पर इमरान मसूद का बड़ा बयान
Vande Mataram Controversy: वंदे मातरम् विवाद में इमरान मसूद ने कहा कि संविधान उन्हें अपने धर्म के मुताबिक इबादत का अधिकार देता है। उन्होंने बीजेपी पर राष्ट्रगीत को राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप लगाया।
Image Source- Social Media
Vande Mataram Controversy: वंदे मातरम् को लेकर जारी सियासी विवाद के बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद (Imran Masood) ने एक बार फिर अपना रुख साफ किया है। उन्होंने कहा कि उनका धर्म उन्हें अपने धर्म के हिसाब से इबादत करने की इजाजत देता है और वह अल्लाह के अलावा किसी की वंदना या इबादत नहीं कर सकते। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह राष्ट्रीय गीत का किसी भी सूरत में अपमान नहीं करेंगे।
इमरान मसूद ने कहा कि संविधान (Constitution) ने उन्हें अपने धर्म के मुताबिक इबादत करने का अधिकार दिया है और कोई उनसे यह अधिकार नहीं छीन सकता। उन्होंने साफ कहा कि वह वंदे मातरम् नहीं गाएंगे, लेकिन राष्ट्रीय गीत के सम्मान में जरूर खड़े होंगे।
‘अल्लाह के सिवा किसी की इबादत नहीं कर सकता’
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “मेरा धर्म मुझे अपने धर्म के हिसाब से इबादत करने की इजाजत देता है। मैं अल्लाह के सिवा किसी की वंदना या इबादत नहीं कर सकता। संविधान ने मुझे यह अधिकार दिया है और कोई मुझसे यह अधिकार नहीं छीन सकता।”
मसूद ने इससे पहले भी वंदे मातरम् को लेकर धार्मिक स्वतंत्रता (Religious Freedom) का हवाला देते हुए इसी तरह का रुख जाहिर किया है। उनका कहना है कि वह अपनी धार्मिक मान्यताओं के कारण वंदे मातरम् नहीं गाएंगे, लेकिन इसके सम्मान में खड़े जरूर होंगे।
‘अपमान नहीं करूंगा, लेकिन गाऊंगा नहीं’
इमरान मसूद ने कहा कि राष्ट्रगान (National Anthem) उनके लिए सर्वोपरि है और वंदे मातरम् का भी वह सम्मान करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी व्यक्ति को अपने धर्म के मुताबिक इबादत करने के संवैधानिक अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।
मसूद ने यह भी कहा कि उन्हें वंदे मातरम् को लेकर अपनी देशभक्ति (Patriotism) का प्रमाण देने की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि वंदे मातरम् का अपमान वह नहीं करेंगे, लेकिन अपनी धार्मिक मान्यताओं के कारण इसे गाएंगे भी नहीं।
BJP पर मुद्दे को ‘हथियार’ बनाने का आरोप
वंदे मातरम् विवाद को लेकर इमरान मसूद ने बीजेपी (BJP) पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान जैसे मुद्दों को राजनीतिक हथियार (Political Weapon) बना रही है।
मसूद ने कहा कि देशभक्ति का प्रमाण किसी राजनीतिक दल से लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस (Congress) के अधिवेशनों में पहले भी वंदे मातरम् गाया जाता रहा है।
‘दिमागी नक्सलवाद’ पर भी बीजेपी को घेरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की ओर से ‘दिमागी नक्सलवाद’ को लेकर दिए गए बयान पर भी इमरान मसूद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि नफरत फैलाने और लोगों को धर्म के नाम पर बांटने वाले लोग बीजेपी में हैं।
मसूद ने कहा कि जिस धर्म में प्रेम और सहिष्णुता की बात होती है, उसके नाम पर नफरत फैलाना गलत है। उन्होंने ‘दिमागी नक्सलवाद’ के मुद्दे पर भी बीजेपी को घेरते हुए अपने आरोप दोहराए।
प्रस्तावित कानून के बीच जारी है बहस
वंदे मातरम् को लेकर यह विवाद ऐसे समय में जारी है, जब केंद्र के प्रस्तावित कानून (Proposed Law) और राष्ट्रीय गीत के सम्मान को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार बयानबाजी हो रही है।
इमरान मसूद इससे पहले भी कह चुके हैं कि वह वंदे मातरम् का सम्मान करेंगे, लेकिन अपनी धार्मिक मान्यताओं के कारण इसे गाने को लेकर सहमत नहीं हैं। अब एक बार फिर उन्होंने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह वंदे मातरम् का अपमान नहीं करेंगे, लेकिन अल्लाह के अलावा किसी की वंदना या इबादत नहीं कर सकते।


