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‘वंदे मातरम्’ पर कांग्रेस की सिर्फ 2 छंद गाने की जिद्द! नितिन नवीन ने लिया आड़े हाथों, बोले- ‘अपमान को बना लिया...’
Nitin Nabin Slams Congress Over Vande Mataram: ‘वंदे मातरम्’ के सिर्फ शुरुआती 2 छंद गाने के कांग्रेस के फैसले पर सियासी घमासान तेज हो गया है। बीजेपी नेता नितिन नबीन ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने देश के राष्ट्रीय गीत के अपमान को अपनी नीति बना लिया है।
Nitin Nabin Slams Congress Over Vande Mataram: राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को लेकर देश के सियासी गलियारे में अचानक भारी हलचल मच गई है। कांग्रेस पार्टी द्वारा राष्ट्रगीत के केवल शुरुआती 2 छंद गाने के 1937 वाले पुराने नियम को फिर से लागू करने के कदम ने एक नया राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। इस फैसले के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कांग्रेस पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं।
नितिन नवीन ने बोला हमला
भाजपा के प्रमुख नेता नितिन नवीन ने इस मसले पर सीधे हमला बोलते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' के जरिए अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस हमेशा से अपनी खास राजनीति को साधने के लिए देश के आत्मसम्मान को पीछे धकेलती आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी वोट हासिल करने की होड़ में राष्ट्र के महान प्रतीक का भी अनादर करने से पीछे नहीं हट रही है।
'अपमान को बना लिया नीति'
नितिन नवीन ने 15 अगस्त के हालिया घटनाक्रम का जिक्र करते हुए मामले को और गरमा दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जब कांग्रेस दफ्तर में पूरे गीत को लेकर विवाद हुआ था, तब उसे एक गलती बताकर पल्ला झाड़ लिया गया था। लेकिन अब CWC के नए फैसले से साफ हो गया है कि वह कोई अनजाने में हुई चूक नहीं थी, बल्कि पार्टी की सोची-समझी कार्यशैली थी। भाजपा नेता के मुताबिक, देशभक्ति के गीत को टुकड़ों में बांटना उन तमाम वीरों का अनादर है, जिन्होंने भारत की आजादी के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी।
पुराने इतिहास की दी आड़
मामला बढ़ता देख कांग्रेस ने इस पर अपनी तरफ से सफाई दी है। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि वे किसी तरह का नया विवाद नहीं खोजना चाहते, बल्कि सिर्फ 1937 में अपनी सर्वोच्च समिति द्वारा बनाए गए नियम पर अमल कर रहे हैं। कांग्रेस के अनुसार, दशकों पहले ही यह तय कर दिया गया था कि पार्टी के बड़े मंचों से गीत की शुरुआती 2 पंक्तियों का ही पाठ किया जाएगा।
सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज
भाजपा इस दलील को कतई स्वीकार करने के मूड में नहीं दिख रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इतिहास का हवाला देकर अपनी पुरानी सोच और ढुलमुल रवैये को सही ठहराना पूरी तरह से गलत है। देश के राष्ट्रगीत से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे ने अब एक ऐसा मोड़ ले लिया है, जिससे आने वाले दिनों में दोनों सियासी दलों के बीच जुबानी जंग और ज्यादा तीखी होने के आसार बन गए हैं।


