VD Satheesan: केरल के नए CM वी.डी. सतीशन कौन हैं ? जानें KC वेणुगोपाल को कैसे दी मात?

VD Satheesan: केरल में UDF की जीत के बाद वी.डी. सतीशन को नया मुख्यमंत्री चुना गया है। उन्होंने के.सी. वेणुगोपाल को पछाड़कर यह बड़ी राजनीतिक सफलता हासिल की।

Akriti Pandey
Published on: 14 May 2026 1:01 PM IST
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Kerala New CM: V. D. Satheesan को केरल का अगला मुख्यमंत्री चुना गया है। यह फैसला उस समय आया है जब 2026 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नीत United Democratic Front (UDF) ने राज्य में प्रचंड जीत हासिल की। जीत के बाद सबसे बड़ा सवाल यही था कि कांग्रेस किसे मुख्यमंत्री बनाएगी, और आखिरकार पार्टी ने जमीनी नेतृत्व को प्राथमिकता देते हुए सतीशन के नाम पर मुहर लगा दी।

जमीनी राजनीति से मुख्यमंत्री तक का सफर

1964 में कोच्चि के पास नेटूर में जन्मे सतीशन का राजनीतिक सफर दिल्ली की राजनीति से नहीं, बल्कि छात्र राजनीति और सामाजिक गतिविधियों से शुरू हुआ। उन्होंने केरल छात्र संघ (KSU) के माध्यम से राजनीति में कदम रखा और धीरे-धीरे कांग्रेस संगठन में अपनी मजबूत पहचान बनाई। वे 2001 से लगातार परवूर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। लंबे समय से उन्हें कांग्रेस के भीतर एक ऐसे नेता के रूप में देखा जाता रहा है जो संगठनात्मक राजनीति से ज्यादा जनता से सीधे जुड़ाव रखते हैं। उनकी छवि एक प्रगतिशील, युवा सोच वाले और गुटबाजी से दूर रहने वाले नेता की रही है।

विपक्ष के नेता के रूप में निर्णायक भूमिका

सतीशन(VD Satheesan) के राजनीतिक जीवन का सबसे अहम मोड़ 2021 में आया, जब कांग्रेस ने उन्हें अचानक विपक्ष का नेता बनाया। उस समय उनके अनुभव पर सवाल उठे थे, क्योंकि उनके पास मंत्री पद का कोई लंबा अनुभव नहीं था। लेकिन उन्होंने जल्द ही खुद को साबित किया। पिछले पांच वर्षों में वे राज्य में पिनाराई विजयन सरकार के खिलाफ सबसे मुखर चेहरा बनकर उभरे। उन्होंने भ्रष्टाचार, स्वर्ण तस्करी विवाद और वित्तीय अनियमितताओं जैसे मुद्दों पर सरकार को लगातार घेरा, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा आई और पार्टी का जनाधार मजबूत हुआ।

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कैसे मिली बढ़त

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सतीशन(Kerala New CM) का सबसे बड़ा आधार उनका जमीनी नेतृत्व और चुनावी रणनीति रही। कहा जा रहा है कि उन्होंने खुद चुनाव अभियान की कमान संभाली और UDF की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई। इसी वजह से पार्टी कार्यकर्ताओं में यह भावना मजबूत हुई कि जीत दिलाने वाले नेता को ही सत्ता की जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। Indian Union Muslim League (IUML) ने भी खुले तौर पर उनका समर्थन किया, जिससे उनका दावा और मजबूत हो गया। केरल के युवाओं और मध्यम वर्ग के बीच भी उनकी छवि एक सुलभ और व्यावहारिक नेता की बनी हुई है।

के.सी. वेणुगोपाल को पीछे छोड़कर मिली जीत

मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे बड़ी चुनौती K. C. Venugopal को माना जा रहा था, जो राहुल गांधी के करीबी और कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व में प्रभावशाली भूमिका निभाते हैं। पार्टी के भीतर यह बहस तेज थी कि क्या दिल्ली के भरोसेमंद रणनीतिकार को मौका दिया जाए या राज्य में जीत दिलाने वाले जमीनी नेता को।

हालांकि, सतीशन(Kerala CM) के पक्ष में स्थानीय संगठन और सहयोगी दलों का मजबूत समर्थन निर्णायक साबित हुआ। कुछ नेताओं ने आशंका जताई थी कि उनके चयन से राजनीतिक विरोधियों को तुष्टिकरण का मुद्दा मिल सकता है, लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने इन सभी चिंताओं को दरकिनार करते हुए सतीशन को केरल का नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया।

Akriti Pandey

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