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Kerala New Cabinet: केरलम में कैसी होगी वीडी सतीशन की सरकार? इस खास फॉर्मूले से तय होगी कैबिनेट, सोमवार को लेंगे शपथ
Kerala New Cabinet: केरल में वीडी सतीशन की नई सरकार कैसी होगी? UDF के खास कैबिनेट फॉर्मूले, डिप्टी CM सस्पेंस और संभावित मंत्रियों के नामों ने बढ़ाई हलचल। जानिए सोमवार के शपथ ग्रहण से पहले सरकार गठन का पूरा गणित।
Kerala New Cabinet: केरलम की राजनीति ने आज एक ऐतिहासिक मोड़ ले लिया है। पूरे एक दशक के लंबे इंतजार के बाद, कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (UDF) ने सत्ता के गलियारों में जोरदार वापसी की है। कांग्रेस हाईकमान ने तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए वीडी सतीशन के नाम पर मुहर लगा दी है, जिससे राज्य में नए सियासी युग की शुरुआत हो गई है। सोमवार को त्रिरुवंतमपुरम का सेंट्रल स्टेडियम एक भव्य समारोह का गवाह बनेगा, जहां वीडी सतीशन मुख्यमंत्री पद की गोपनीयता की शपथ लेंगे। इस घोषणा के साथ ही यूडीएफ खेमे में जश्न का माहौल है, लेकिन अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सतीशन की नई सरकार का स्वरूप कैसा होगा और इसमें किन चेहरों को जगह मिलेगी।
सरकार गठन की औपचारिक प्रक्रिया तेज
गुरुवार को दिल्ली से हरी झंडी मिलने के बाद केरलम की राजनीति में हलचल तेज हो गई। वीडी सतीशन, प्रदेश अध्यक्ष सन्नी जोसेफ और एआईसीसी प्रभारी दीपा दासमुंशी ने राजभवन जाकर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की। सतीशन ने बहुमत का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा, जिसके बाद आधिकारिक रूप से नई सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया। यूडीएफ नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि सोमवार को होने वाला समारोह केवल मुख्यमंत्री का नहीं, बल्कि पूरे मंत्रिमंडल का होगा। यह 'एकीकृत समारोह' जनता को गठबंधन की मजबूती और एकजुटता का संदेश देने के लिए डिजाइन किया गया है।
कैसा होगा मंत्रिमंडल का जादुई फॉर्मूला?
केरल विधानसभा की 140 सीटों के गणित के अनुसार, मंत्रिमंडल में अधिकतम 21 सदस्य हो सकते हैं। यूडीएफ के भीतर '5 विधायकों पर 1 मंत्री' का फॉर्मूला चर्चा में है। इस गणित के हिसाब से कांग्रेस को मुख्यमंत्री सहित 12 पद मिल सकते हैं। वहीं, गठबंधन की दूसरी सबसे बड़ी ताकत 'इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग' (IUML) के पास 22 विधायक हैं, जिसके आधार पर उन्हें 4 से 5 मंत्री पद मिलने की उम्मीद है। केरल कांग्रेस (जोसेफ) को 1, आरएसपी (RSP) को 1 और केरल कांग्रेस (जैकब) को भी 1 मंत्री पद मिलना लगभग तय माना जा रहा है। शुक्रवार को होने वाली यूडीएफ की बैठक में विभागों के बंटवारे पर अंतिम मुहर लगेगी।
सामाजिक और जातीय संतुलन की 'अग्निपरीक्षा'
वीडी सतीशन के सामने सबसे बड़ी चुनौती केरलम के जटिल सामाजिक ताने-बाने को साधने की है। सतीशन खुद 'नायर' समुदाय से आते हैं। ऐसे में संतुलन बनाए रखने के लिए 'ईझावा' समुदाय को शक्तिशाली मंत्रालय देना कांग्रेस की मजबूरी और रणनीति दोनों है। इसके अलावा, यूडीएफ की जीत में स्तंभ रहे मुस्लिम और ईसाई समुदायों को भी सरकार में सम्मानजनक प्रतिनिधित्व देना होगा। साथ ही, उत्तर केरल (मालाबार) और दक्षिण केरल (त्रावणकोर) के बीच क्षेत्रीय संतुलन बनाना भी सतीशन के लिए किसी 'अग्निपरीक्षा' से कम नहीं होगा।
उपमुख्यमंत्री पद पर सस्पेंस
इस बार यूडीएफ सरकार में 'डिप्टी सीएम' का पद सबसे ज्यादा चर्चा में है। मुस्लिम लीग ने उपमुख्यमंत्री पद के लिए पुरजोर दावेदारी पेश की है। यदि कांग्रेस इस पर सहमत होती है, तो कद्दावर नेता पीके कुंजालिकुट्टी इस पद के सबसे प्रबल दावेदार होंगे। इसके अलावा, कांग्रेस के उन वरिष्ठ नेताओं को भी कैबिनेट में संतुष्ट करना होगा जो खुद मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल थे। सतीशन को अपनी टीम में अनुभव और युवा ऊर्जा का ऐसा मिश्रण तैयार करना होगा जो राहुल गांधी के 'युवा विजन' और अनुभवी नेताओं की कार्यशैली, दोनों को साथ लेकर चल सके।
ये चेहरे बन सकते हैं सतीशन की 'टीम-21' का हिस्सा
संभावित चेहरों की बात करें तो तिरुवंचूर राधाकृष्णन को उनकी वरिष्ठता का इनाम मिल सकता है। राहुल गांधी की पसंद के तौर पर पीसी विष्णुनाथ, रोजी एम जॉन और टी सिद्दीकी जैसे युवा तुर्क कैबिनेट का हिस्सा बन सकते हैं। महिला प्रतिनिधित्व के लिए बिंदु कृष्णा और शानीमोल उस्मान के नामों की चर्चा जोरों पर है। सहयोगी दलों से शिबू बेबी जॉन (RSP) और अनूप जैकब का मंत्री बनना तय माना जा रहा है। सतीशन की यह टीम न केवल प्रशासनिक दक्षता बल्कि भविष्य की कांग्रेस की छवि भी तय करेगी। अब सोमवार का इंतजार है, जब सेंट्रल स्टेडियम में नई उम्मीदों का शपथ ग्रहण होगा।


