West Bengal Bakra Eid Rules: बंगाल में खुले में कुर्बानी पर रोक, बकरीद से पहले सख्त नियम लागू

West Bengal Bakra Eid Rules: बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने पशु वध पर नए सख्त नियम लागू किए हैं। अब केवल मान्यता प्राप्त बूचड़खानों में ही पशु वध की अनुमति होगी।

Akriti Pandey
Published on: 14 May 2026 2:37 PM IST
West Bengal Eid Rules
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West Bengal Bakra Eid Rules: बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने पशु वध (Animal Slaughter) को लेकर बड़ा और सख्त आदेश जारी किया है। यह फैसला उच्च न्यायालय के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। नए नियमों के तहत अब खुले में या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पशुओं का वध पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। सरकार ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

केवल मान्यता प्राप्त बूचड़खानों में ही होगा पशु वध

नए नियमों(West Bengal Eid Rules) के अनुसार अब गाय, भैंस, बैल और बछड़ों की बलि या वध के लिए विशेष प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) लेना अनिवार्य होगा। यह सर्टिफिकेट नगर पालिका या पंचायत समिति के अध्यक्ष और सरकारी पशु चिकित्सक द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया जाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सड़क किनारे या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पशु वध पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। अब केवल सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त बूचड़खानों में ही पशु वध की अनुमति दी जाएगी।

सर्टिफिकेट प्रक्रिया और शिकायत का प्रावधान

अगर किसी अधिकारी द्वारा सर्टिफिकेट जारी करने से इनकार किया जाता है, तो आवेदक 15 दिनों के भीतर राज्य सरकार से शिकायत कर सकता है। सरकार ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का दावा किया है ताकि किसी भी तरह की अनियमितता से बचा जा सके। नियमों के उल्लंघन पर सख्त सजा का प्रावधान भी किया गया है। दोषी पाए जाने पर 6 महीने तक की जेल, 1000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा एक साथ हो सकती है।

प्रशासनिक और राजनीतिक फैसलों का भी असर

इसी बीच राज्य में प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर भी कई बड़े फैसले देखने को मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री (Suvendu Adhikari) पद की शपथ लेने के बाद नए नेतृत्व ने कई अहम घोषणाएं की हैं। पूर्व मंत्री सुजीत बोस की गिरफ्तारी के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसके अलावा 1 जून से अन्नपूर्णा योजना शुरू करने की घोषणा की गई है। सरकार ने यह भी कहा है कि अब राज्य में “कटमनी” और “तोलेबाजी” जैसी प्रथाओं को पूरी तरह खत्म किया जाएगा। भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए हर महीने जिलाधिकारियों और विधायकों की संयुक्त बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच के लिए सीबीआई जांच की सिफारिश भी की गई है।

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