बंगाल असेंबली में दागियों और करोड़पतियों की भरमार, एक-तिहाई से अधिक विधायक दागी, 82% हैं मालामाल

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद ADR रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। नई विधानसभा में 39 प्रतिशत विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि 82 प्रतिशत विधायक करोड़पति हैं। रिपोर्ट में दागी नेताओं, करोड़पति विधायकों और महिला प्रतिनिधित्व से जुड़े चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।

Aditya Kumar Verma
Published on: 8 May 2026 2:36 PM IST
West Bengal Election 2026
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West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद चुनाव सुधार संस्था एसोसिएशन फ़ॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट ने नई विधानसभा की राजनीतिक और आर्थिक तस्वीर को सामने रखा है। रिपोर्ट केवल चुनाव जीतने वाले 294 विधायकों के शपथपत्रों के विश्लेषण पर आधारित है। इसमें सामने आया है कि विधानसभा में बड़ी संख्या करोड़पति विधायकों की है, जबकि कई निर्वाचित प्रतिनिधियों पर आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।

एक-तिहाई से ज्यादा विधायक दागी

एडीआर रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में जीतने वाले 294 विधायकों में से 115 विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। यानी नई विधानसभा के लगभग 39 प्रतिशत विधायक दागी छवि वाले हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में ऐसे विधायकों का प्रतिशत 38 था। यानी इस बार भी स्थिति लगभग वैसी ही बनी हुई है।

इनमें से 93 विधायक ऐसे हैं जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। गंभीर मामलों में हत्या, हत्या का प्रयास, महिलाओं के खिलाफ अपराध, गैर-जमानती धाराएं और हिंसा से जुड़े अपराध शामिल हैं। एडीआर रिपोर्ट के मुताबिक कई विधायकों पर ऐसे मामले दर्ज हैं जिनमें पांच साल या उससे अधिक की सजा हो सकती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में रेड अलर्ट निर्वाचन क्षेत्र भी रहे, जहां तीन या उससे अधिक उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए थे। एडीआर रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक विजयी विधायक भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के हैं। भाजपा के बड़ी संख्या में विजयी उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है, जबकि तृणमूल कांग्रेस के भी कई विधायकों पर गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं।

करोड़पति विधायकों का भारी दबदबा

एडीआर रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम बंगाल की नई विधानसभा में करोड़पति विधायकों का दबदबा साफ दिखाई देता है। 294 विजयी विधायकों में से 241 विधायक करोड़पति हैं। यानी लगभग 82 प्रतिशत विधायक करोड़पति हैं। 2021 में यह आंकड़ा 79 प्रतिशत था।

रिपोर्ट के अनुसार तृणमूल कांग्रेस के सबसे अधिक विधायक करोड़पति हैं। पार्टी के बड़ी संख्या में विजयी उम्मीदवारों ने एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है। भाजपा के भी कई विधायक करोड़पति श्रेणी में आते हैं।

विजयी विधायकों की औसत संपत्ति में तेज उछाल

एडीआर रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में जीतने वाले विधायकों की औसत संपत्ति लगभग 9.64 करोड़ रुपये है। 2021 में यह औसत करीब 5.82 करोड़ रुपये था। यानी पांच वर्षों में विधायकों की औसत संपत्ति में भारी वृद्धि हुई है।

नई विधानसभा के सभी विजयी विधायकों की कुल घोषित संपत्ति हजारों करोड़ रुपये में पहुंच गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राजनीति में आर्थिक रूप से मजबूत उम्मीदवारों की सफलता की संभावना अधिक होती जा रही है। चुनाव प्रचार, संगठन और संसाधनों पर बढ़ते खर्च के कारण सामान्य आर्थिक पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों के लिए प्रतिस्पर्धा कठिन होती जा रही है।

सबसे अमीर विधायकों में कई बड़े नाम

एडीआर रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में जीत दर्ज करने वाले सबसे अमीर नेताओं में कई चर्चित नाम शामिल हैं। जाकिर होसैन सबसे अमीर विजेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है। भाजपा के पलाश राणा ने भी 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की थी और वे चुनाव के सबसे अमीर नेताओं में शामिल रहे।

इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस के फरहाद हाकिम ने लगभग 22 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है। विवेक गुप्ता भी राज्य के सबसे अमीर विधायकों में शामिल हैं और उनकी घोषित संपत्ति 30 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।

मनोज तिवारी ने 20 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है। वहीं रुदेन सदा लेपचा ने 18 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का उल्लेख किया है। प्रदीप मजूमदार और नंदिता चौधरी भी करोड़पति विधायकों की सूची में प्रमुख नामों में शामिल हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि तृणमूल कांग्रेस के कई विजयी उम्मीदवारों ने 10 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है।

दूसरी ओर कुछ ऐसे विधायक भी हैं जिनकी घोषित संपत्ति अपेक्षाकृत कम है। रिपोर्ट के अनुसार कई विजयी उम्मीदवारों की संपत्ति 10 लाख रुपये से भी कम है, जो पश्चिम बंगाल की राजनीति में आर्थिक असमानता की बड़ी तस्वीर को सामने लाती है।

महिला प्रतिनिधित्व अब भी सीमित

नई विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी जरूर है, लेकिन अब भी अपेक्षाकृत सीमित बनी हुई है। एडीआर रिपोर्ट के अनुसार कुल विजयी विधायकों में महिला विधायकों की हिस्सेदारी लगभग 14 प्रतिशत है। तृणमूल कांग्रेस ने सबसे अधिक महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया था और पार्टी की कई महिला उम्मीदवारों ने जीत भी दर्ज की।

पढ़े लिखे भी कम नहीं

रिपोर्ट में विजयी विधायकों की शैक्षिक योग्यता और आयु से जुड़े आंकड़े भी सामने आए हैं। बड़ी संख्या में विधायक ग्रेजुएट या उससे अधिक शिक्षित हैं। वहीं सबसे ज्यादा विधायक 41 से 60 वर्ष आयु वर्ग के हैं।


ADR की पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें: https://adrindia.org/sites/default/files/West_Bengal_Assembly_Elections_2026_Criminal_and_Financial_background_details_of_Winning_Candidates_FinalVer_Hindi.pdf

Aditya Kumar Verma

Aditya Kumar Verma

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आदित्य कुमार वर्मा न्यूजट्रैक में कंटेंट राइटर हैं। ये लगभग आठ वर्ष से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं और विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं।

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