4 मई से पहले 'EVM वॉर'! स्ट्रांग रूम के बाहर घंटों डटी रहीं CM ममता, कोलकाता में आधी रात हाई वोल्टेज ड्रामा

Mamata Banerjee strong room protest: पश्चिम बंगाल में 4 मई की काउंटिंग से पहले EVM को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर पहुंच गईं, जबकि TMC और BJP कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति बन गई। चुनाव आयोग ने सभी आरोपों को खारिज किया है।

Harsh Srivastava
Published on: 1 May 2026 7:34 AM IST (Updated on: 1 May 2026 7:34 AM IST)
4 मई से पहले EVM वॉर! स्ट्रांग रूम के बाहर घंटों डटी रहीं CM ममता, कोलकाता में आधी रात हाई वोल्टेज ड्रामा
X

Mamata Banerjee strong room protest: पश्चिम बंगाल में 4 मई को आने वाले नतीजों से पहले सियासी पारा उबलने लगा है। गुरुवार शाम कोलकाता की सड़कें उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गईं, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं ने स्ट्रॉन्ग रूम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया। देखते ही देखते मौके पर भारी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता भी पहुंच गए और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। हालात इस कदर बिगड़ गए कि सुरक्षाकर्मियों को बीच-बचाव कर दोनों गुटों को अलग करना पड़ा। बंगाल की हवा में इस वक्त जीत-हार के दावों से ज्यादा 'ईवीएम और बैलेट बॉक्स' की सुरक्षा को लेकर अविश्वास और तनाव घुला हुआ है।

सीसीटीवी फुटेज से मचा बवाल और ममता की एंट्री

हंगामे की शुरुआत तब हुई जब टीएमसी ने एक सीसीटीवी फुटेज जारी कर दावा किया कि नेताजी इंडोर स्टेडियम के स्ट्रॉन्ग रूम में बैलेट बॉक्स के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की जा रही है। इस खबर के फैलते ही टीएमसी के दिग्गज नेता डॉ. शशि पांजा और कुणाल घोष स्टेडियम के बाहर ही धरने पर बैठ गए। विवाद तब और गहरा गया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित स्ट्रॉन्ग रूम पहुंच गईं और घंटों तक वहीं डटी रहीं। दूसरी तरफ, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भी साफ कर दिया कि जब तक ममता बनर्जी वहां से नहीं हटेंगी, वे भी पीछे नहीं हटेंगे। स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर मचे इस घमासान ने पूरे प्रशासन की सांसें अटका दीं।

चुनाव आयोग की सफाई: "यह केवल प्रक्रिया का हिस्सा है"

जैसे ही आरोपों का शोर बढ़ा, चुनाव आयोग ने तुरंत मोर्चा संभाला और सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। आयोग ने स्पष्ट किया कि स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित और सील हैं। असल में, एक दूसरे कमरे में पोस्टल बैलेट (डाक मतपत्रों) की छंटनी का काम चल रहा था, जो चुनाव प्रक्रिया का एक सामान्य हिस्सा है। आयोग के मुताबिक, इस बारे में सभी राजनीतिक दलों को पहले ही ईमेल के जरिए सूचित किया गया था। आयोग ने कहा कि खुदीराम अनुशीलन केंद्र के सभी सात मुख्य स्ट्रॉन्ग रूम सीआरपीएफ की कड़ी निगरानी में हैं और वहां किसी भी तरह की अनाधिकृत हलचल की बात पूरी तरह निराधार है।

दुर्गापुर से मानिकतला तक सुरक्षा की 'सख्ती' और झड़प

ईवीएम की सुरक्षा को लेकर केवल कोलकाता ही नहीं, बल्कि दुर्गापुर में भी माहौल बेहद गर्म है। वहां टीएमसी कार्यकर्ताओं ने स्ट्रॉन्ग रूम से महज 200 मीटर की दूरी पर अपना डेरा डाल दिया है। भीषण गर्मी के बावजूद करीब 100 कार्यकर्ता शिफ्टों में पहरा दे रहे हैं। इसी बीच, मानिकतला में बीजेपी उम्मीदवार तापस रॉय और पुलिस के बीच तीखी झड़प की खबर ने आग में घी डालने का काम किया। खबरें तो यहां तक हैं कि नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी भी खुद स्थिति का जायजा लेने पहुंच सकते हैं। बंगाल का हर कोना इस वक्त एक 'अदृश्य डर' और मशीनों की रखवाली के पहरे में है।

धरना खत्म, लेकिन निगरानी रहेगी जारी: कुणाल घोष की चेतावनी

घंटों चले हंगामे के बाद कुणाल घोष और शशि पांजा ने अपना धरना खत्म कर दिया, लेकिन जाते-जाते चुनाव आयोग पर तीखे सवाल दागे। कुणाल घोष ने इसे आयोग की बड़ी लापरवाही बताते हुए कहा कि बिना सूचना के स्ट्रॉन्ग रूम के पास कोई भी हलचल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ऐलान किया कि अब उनकी टीम चौबीसों घंटे मशीनों की निगरानी करेगी और ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाकर उनका 'लाइव फीड' स्क्रीन पर देखा जाएगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सुरक्षा में सीआरपीएफ और लोकल पुलिस की कई परतें होती हैं, ऐसे में गड़बड़ी मुमकिन नहीं है। अब सबकी नजरें ममता बनर्जी के अगले कदम पर हैं, क्योंकि यह विवाद 4 मई के नतीजों को और भी दिलचस्प बना चुका है।

Harsh Srivastava
ABOUT THE AUTHOR

Harsh Srivastava

Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

Next Story