West Bengal: बंगाल में गाय न खरीदने का मुसलमानों का फैसला सांप्रदायिक सौहार्द है: मौलाना साजिद

West Bengal: ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने पश्चिम बंगाल में मुसलमानों द्वारा गाय न खरीदने के फैसले को सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश बताया।

Newstrack/IANS
Published on: 21 May 2026 12:07 PM IST
Maulana Sajid Rashidi
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Maulana Sajid Rashidi

West Bengal: ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने पश्चिम बंगाल में मुसलमानों द्वारा गायें न खरीदने के फैसले को सांप्रदायिक सद्भाव और धार्मिक आस्था के सम्मान का संदेश बताया। उन्होंने कहा कि मुसलमानों ने यह कहते हुए गाय न खरीदने का निर्णय लिया कि यह आपकी आस्था और आपकी मां है; हम उसका सम्मान करते हैं।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से गुरुवार को खास बातचीत में उन्होंने कहा कि यदि हिंदू समाज वास्तव में जागरूक और एकजुट हो जाए तो गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित होने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि समस्या तब पैदा होती है जब आस्था का दुरुपयोग किया जाता है और धर्म के नाम पर दंगे भड़काए जाते हैं। आस्था के नाम पर मुसलमानों पर हमले और समाज में नफरत फैलाने की कोशिशें की जाती हैं, जिससे हिंदू-मुस्लिम संबंध प्रभावित होते हैं।

मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि बंगाल में कई हिंदू पशुपालक आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। लोगों ने सड़क पर आकर अपनी परेशानी जाहिर करते हुए कहा कि गायें न बिकने से उनका कारोबार ठप हो गया है और वे कर्ज के बोझ तले दब गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे समय में बजरंग दल जैसे संगठन उन लोगों की मदद के लिए आगे क्यों नहीं आते।

वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई विवादित टिप्पणी पर मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि राजनीति का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। उन्होंने कहा कि 'जर्सी गाय', 'गद्दार' और 'वोट चोर' जैसे शब्द अब राजनीतिक भाषा का हिस्सा बनते जा रहे हैं, जो लोकतंत्र और समाज दोनों के लिए ठीक नहीं है।

उनहोंने कहा कि मेरा मानना है कि हम राजनीति के स्तर और उसकी भावना, दोनों में ही गिरावट देख रहे हैं। हमने देखा है कि अटल बिहारी वाजपेयी विपक्ष में थे और मनमोहन सिंह सत्ता में थे। जावेद अख्तर ने फिल्मी दुनिया के लिए कोई शब्द कहा तो मनमोहन सिंह ने कहा कि 'मैं तो इसके लिए राजी हूं, लेकिन आप एक बार अटल जी से पूछ लीजिए।' यही राजनीति है। अपोजिशन में होते हुए अटल जी देश के पक्ष को रखने के लिए यूएन गए थे; उस वक्त कांग्रेस सत्ता में थी, फिर भी उन्होंने अटल जी को भेजा। यही होती है राजनीति। लेकिन आज 'गद्दार' या 'जर्सी गाय' जैसे शब्दों का इस्तेमाल न केवल राजनीति में, बल्कि पूरे समाज में पूरी तरह अस्वीकार्य है। यही राहुल गांधी की मौजूदा खराब हालत और कांग्रेस के पतन के प्रमुख कारणों में से एक है।

Vineeta Pandey

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